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Aligarh News: अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे नाक और कान में ड्राईनेस के 10 मरीज

Sun, 19 Apr 2026 03:05 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 03:05 AM IST
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10 patients with dryness in the nose and ears are reaching the hospital every day.
दीनदयाल अस्पताल में कतार में खड़े मरीज। संवाद 
जिला अस्पताल के नाक-कान-गला (ईएनटी) वार्ड में इन दिनों रोजाना आठ से 10 मरीज ड्राई नाक और उसमें से आने वाले खून आने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। खासकर बच्चों में यह समस्या बढ़ती जा रही है। इसके लिए चिकित्सक दवा तो दे रहे हैं, साथ ही अभिभावकों को सरसों या नारियल के तेल लगाने का भी सुझाव दे रहे हैं।
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पुरानी पीढ़ी में दादी-अम्मा बच्चों की नाक, कान और नाभि में सरसों का तेल डालती थीं, जिससे नाक में रूखापन नहीं आता था और त्वचा के सूखापन से बचाव होता था। आधुनिक युग में यह परंपरा लगभग खत्म सी हो गई है। ईएनटी सर्जन डॉ. नीरज गुप्ता बताते हैं कि ओपीडी में रोजाना आठ से दस मरीज ड्राईनेस की समस्या लेकर आ रहे हैं। नाक की नसें सूखने से क्रस्ट बनते हैं, जो फटने पर खून बहने लगता है। इसके अलावा बच्चों का खान-पान भी बिगड़ गया है।
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जंक फूड, कम पानी पीना और घरों में ड्राई एयर (एसी के इस्तेमाल से) इस समस्या को बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि नाक में नमी बनाए रखने के लिए नेज़ल स्प्रे और नोज़ ड्रॉप्स का उपयोग फायदेमंद हो सकता है। माता-पिता को सलाह है कि बच्चों को संतुलित आहार दें, ज्यादा पानी पिलाएं और नाक को नम रखें। यदि बार-बार खून आए तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय रहते जागरूकता से यह समस्या रोकी जा सकती है।
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