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दोस्त से पूछा मर गई बीबी, अब मेरी लाश भी ले जाओ
ब्यूरो/अमर उजाला फिरोजाबाद
Updated Tue, 22 Aug 2017 09:30 AM IST
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अात्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद के थाना बसई मोहम्मदपुर के गढ़ी तिवारी में गृह क्लेश के चलते दंपति ने फांसी लगा ली। पहले पत्नी फंदे पर झूली तो बाद में पति पीपल के पेड़ पर फंदा बनाकर लटक गया। आत्महत्या करने वाले युवक ने अपने साथी से पत्नी की मौत की जानकारी ली। इसके बाद वह खुद भी फांसी के फंदे पर झूल गया। मरने से पहले उसने अपने दोस्त से कह दिया था कि उसे पेड़ से उतार लेना।
घटनाक्रम सोमवार दोपहर का है। गढ़ी तिवारी निवासी अजय कुमार (28) पुत्र अनवर सिंह निषाद का पत्नी ऊषा देवी से खाना बनाने को लेकर विवाद हो गया था। परिजनों के अनुसार अजय बाइक से बाजार में ट्रांसपोर्ट पर सामान उठाने के लिए चला गया। इस बीच ऊषा देवी धोती का फंदा बनाकर घर में लगी कील से लटक गई।
चार वर्षीय पुत्री उपासना ने मां को फंदे पर लटका देखा तो बाहर आकर दुकान पर जानकारी दी। दुकान पर बैठा नेत्रपाल नाम का युवक अंदर पहुंचा और उसने ऊषा को फंदे से नीचे उतारा। पत्नी के फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की सूचना किसी ने अजय को दे दी। इस पर अजय बाजार से बिना सामान लिए ही लौट आया।
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घटनाक्रम सोमवार दोपहर का है। गढ़ी तिवारी निवासी अजय कुमार (28) पुत्र अनवर सिंह निषाद का पत्नी ऊषा देवी से खाना बनाने को लेकर विवाद हो गया था। परिजनों के अनुसार अजय बाइक से बाजार में ट्रांसपोर्ट पर सामान उठाने के लिए चला गया। इस बीच ऊषा देवी धोती का फंदा बनाकर घर में लगी कील से लटक गई।
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चार वर्षीय पुत्री उपासना ने मां को फंदे पर लटका देखा तो बाहर आकर दुकान पर जानकारी दी। दुकान पर बैठा नेत्रपाल नाम का युवक अंदर पहुंचा और उसने ऊषा को फंदे से नीचे उतारा। पत्नी के फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की सूचना किसी ने अजय को दे दी। इस पर अजय बाजार से बिना सामान लिए ही लौट आया।
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बाजार से खरीदा स्टॉल फिर लगा लिया फंदा
अात्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
रास्ते में उसने किसी दुकान से स्टॉल खरीदी। गढ़ी तिवारी गांव से पहले ही चंद्रवार की ओर जंगल में खड़े पीपल के पेड़ के पास बाइक खड़ी करके उसने स्टॉल से फंदा बनाया और फांसी लगा ली। परिवारीजनों को जब अजय द्वारा आत्महत्या करने की जानकारी मिली उनमें कोहराम मच गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों के शव को पोस्टमार्टम गृह भेजती लेकिन परिवारीजनों ने मना कर दिया। थानाध्यक्ष बसई मोहम्मदपुर अमोल शर्मा ने कहा कि दंपति ने फांसी लगा कर जान दी है। परिजनों ने शव की पीएम कराने से मना कर दिया। उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
बताया गया है कि अजय ने फांसी के फंदे पर झूलने से पहले मोबाइल फोन से अपने साथी नेत्रपाल से कहा था च्यों रे ऊषा मर गई। उसने जवाब दिया हां तो अजय बोला मोऊए पीपरा पै ते उतार ले जा। परिवारीजनों की मानें तो अजय ने फोन करके आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के गांव गुदगा निवासी ससुरालीजनों से भी बात की थी। बताया गया है कि अजय का विवाह 11 वर्ष पहले हुआ था।
सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों के शव को पोस्टमार्टम गृह भेजती लेकिन परिवारीजनों ने मना कर दिया। थानाध्यक्ष बसई मोहम्मदपुर अमोल शर्मा ने कहा कि दंपति ने फांसी लगा कर जान दी है। परिजनों ने शव की पीएम कराने से मना कर दिया। उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
बताया गया है कि अजय ने फांसी के फंदे पर झूलने से पहले मोबाइल फोन से अपने साथी नेत्रपाल से कहा था च्यों रे ऊषा मर गई। उसने जवाब दिया हां तो अजय बोला मोऊए पीपरा पै ते उतार ले जा। परिवारीजनों की मानें तो अजय ने फोन करके आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के गांव गुदगा निवासी ससुरालीजनों से भी बात की थी। बताया गया है कि अजय का विवाह 11 वर्ष पहले हुआ था।
बच्ची ने दी मम्मी के फांसी पर झूलने की जानकारी
गढ़ी तिवारी में ऊषा जिस समय फंदे पर झूली उस समय उसकी चार वर्ष की बेटी उपासना एवं एक वर्षीय बेटी खेलगुड़िया मौजूद थी। उपासना ने बाहर दुकान पर आकर बताया कि मम्मी दीवाल के सहारे खड़ी और कुछ बोल नहीं रही। इसके ही बाद लोग सक्रिय हुए।
चार बेटियों के सिर से उठा मां-बाप का साया
दंपति के फांसी लगाने के बाद चार बेटियों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। एक घर में मौजूद बड़ी बेटी रूपलता (दस) को तो पता था उनके मां एवं पिता ने फांसी लगा ली। लेकिन सात वर्षीय नंदनी व चार वर्षीय उपासना एवं एक वर्षीय खेलगुड़िया को कुछ भी पता नहीं था। चारों बेटियां एक घर में मौजूद थीं। उन्हें वहीं पर भोजन आदि दे दिया था।