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ड्रग विभाग की टीम ने 78 आक्सीटोसिन वॉयल-इंजेक्शन किए जब्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:32 PM IST
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जब्त की गई दवाइयां
- फोटो : अमर उजाला
आगरा। ड्रग विभाग ने शमसाबाद रोड स्थित राजपुर चुंगी पर धाकरे मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर आक्सीटोसिन के 78 वॉयल और इंजेक्शन जब्त किए हैं। लाइसेंस निरस्त की संस्तुति की गई है। दोनों के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
विभाग को सूचना मिली थी कि धाकरे मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन की बिक्री की जा रही है। इस पर सहायक आयुक्त औषधि ने तीन जिलों के चार ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम बनाई। दोपहर में टीम ने छापा मारा तो यहां आक्सीटोसिन के इंजेक्शन और वॉयल के कार्टन मिले। फार्मासिस्ट नहीं था। यहां राजेंद्र सिंह दवाएं बेच रहा था, मेडिकल स्टोर का संचालक मुरारीलाल था, जो मौके पर नहीं मिला।
जांच करने पर 38 वॉयल (100 एमएल) और 40 इंजेक्शन पाए गए। इनको सीज करते हुए दोनों के नमूने लिए गए हैँ। सहायक आयुक्त औषधि शिवशरण सिंह ने बताया कि प्रतिबंधित आक्सीटोसिन के 38 वॉयल और 40 इंजेक्शन जब्त किए किए हैं। लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है। टीम में आगरा के ड्रग इंस्पेक्टर बृजेश यादव, राजकुमार शर्मा, फिरोजाबाद के ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार और मथुरा के ड्रग इंस्पेक्टर अनिल आनंद रहे।
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वॉयल हो सकता है नकली
टीम ने वॉयल के नकली होने की संभावना जताई है। वॉयल पर रैपर नहीं है, जिसके चलते इसको बनाने वाली कपंनी और ब्रांड का नाम पता नहीं चल पा रहा है। इंजेक्शन पर अशोका ब्रांड और कंपनी का नाम नीलकमल प्राइवेट लिमिटेड लिखा हुआ है।
पशुपालक ज्यादा है खरीददार
टीम की पूछताछ में पता चला कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन खरीदने वालों में सबसे ज्यादा पशुपालक और किसान हैं। इस इंजेक्शन का पशुओं से दूध निकालने से पहले लगाया जाता है। सब्जियों के आकार बढ़ाने के लिए किसान भी इनका इस्तेमाल करते हैं।
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विभाग को सूचना मिली थी कि धाकरे मेडिकल स्टोर पर प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन की बिक्री की जा रही है। इस पर सहायक आयुक्त औषधि ने तीन जिलों के चार ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम बनाई। दोपहर में टीम ने छापा मारा तो यहां आक्सीटोसिन के इंजेक्शन और वॉयल के कार्टन मिले। फार्मासिस्ट नहीं था। यहां राजेंद्र सिंह दवाएं बेच रहा था, मेडिकल स्टोर का संचालक मुरारीलाल था, जो मौके पर नहीं मिला।
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जांच करने पर 38 वॉयल (100 एमएल) और 40 इंजेक्शन पाए गए। इनको सीज करते हुए दोनों के नमूने लिए गए हैँ। सहायक आयुक्त औषधि शिवशरण सिंह ने बताया कि प्रतिबंधित आक्सीटोसिन के 38 वॉयल और 40 इंजेक्शन जब्त किए किए हैं। लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की गई है। टीम में आगरा के ड्रग इंस्पेक्टर बृजेश यादव, राजकुमार शर्मा, फिरोजाबाद के ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार और मथुरा के ड्रग इंस्पेक्टर अनिल आनंद रहे।
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वॉयल हो सकता है नकली
टीम ने वॉयल के नकली होने की संभावना जताई है। वॉयल पर रैपर नहीं है, जिसके चलते इसको बनाने वाली कपंनी और ब्रांड का नाम पता नहीं चल पा रहा है। इंजेक्शन पर अशोका ब्रांड और कंपनी का नाम नीलकमल प्राइवेट लिमिटेड लिखा हुआ है।
पशुपालक ज्यादा है खरीददार
टीम की पूछताछ में पता चला कि ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन खरीदने वालों में सबसे ज्यादा पशुपालक और किसान हैं। इस इंजेक्शन का पशुओं से दूध निकालने से पहले लगाया जाता है। सब्जियों के आकार बढ़ाने के लिए किसान भी इनका इस्तेमाल करते हैं।