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साक्ष्य मिटाने में पति को ढ़ाई साल की सजा
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मैनपुरी। थाना बेवर क्षेत्र में ढाई साल पहले पत्नी की दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर जलाकर हत्या करके शव जलाने के आरोपी पति को साक्ष्य मिटाने में ढाई साल की सजा सुनाई गई है। एफटीसी जज प्रथम अवनीश गौतम ने दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर उसको एक महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
जिला हरदोई के थाना पाली के चकौती खुर्द निवासी गुड्डी देवी ने अपनी पुत्री लक्ष्मी की शादी 20 जून 2007 को प्रदीप सिंह निवासी नगला हवेली थाना बेवर के साथ की थी। पांच अप्रैल 2018 को गुड्डी देवी ने पति प्रदीप, ससुर राजेंद्र, सास रामा देवी, चचिया ससुर सुरेंद्र, कृष्णवीर, चचिया सास मिथिलेश, देवर हृदेश, गुल्लू, भजन के खिलाफ दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर लक्ष्मी की जलाकर हत्या करके शव को खेत में जला देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
पुलिस ने जांच के बाद आत्महत्या करने में पति, सास, ससुर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज प्रथम अवनीश गौतम कोर्ट में हुई। सुनवाई के बाद प्रदीप को साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने पति को साक्ष्य मिटाने में ढाई साल की सजा सुनाई है।
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सास और ससुर बरी
दहेज हत्या की रिपोर्ट में पुलिस ने जांच में आत्महत्या का मामला पाया। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने सुनवाई के दौरान सास रामा देवी, ससुर राजेंद्र को गवाही नहीं मिलने पर आरोप से बरी कर दिया। चचिया ससुर सुरेंद्र, कृष्णवीर, चचिया सास मिथिलेश, देवर हृदेश, गुल्लू, भजन को निर्दोष पाकर पुलिस ने उनका नाम मुकदमे से निकाल दिया था।
झूठी गवाही देने पर मुकदमा दर्ज
अदालत में झूठी गवाही देने वाली महिला के खिलाफ अदालत में ही मुकदमा दर्ज किया गया है। दहेज हत्या की रिपोर्ट लिखाकर गुड्डी देवी ने पुलिस को जांच के दौरान दहेज हत्या की गवाही दी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गुड्डी देवी ने अदालत में घटना के संबंध में गवाही नहीं दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने झूठी गवाही देने पर गुड्डी देवी को नोटिस भी जारी किया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
प्रदीप को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। सोमवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।
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जिला हरदोई के थाना पाली के चकौती खुर्द निवासी गुड्डी देवी ने अपनी पुत्री लक्ष्मी की शादी 20 जून 2007 को प्रदीप सिंह निवासी नगला हवेली थाना बेवर के साथ की थी। पांच अप्रैल 2018 को गुड्डी देवी ने पति प्रदीप, ससुर राजेंद्र, सास रामा देवी, चचिया ससुर सुरेंद्र, कृष्णवीर, चचिया सास मिथिलेश, देवर हृदेश, गुल्लू, भजन के खिलाफ दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर लक्ष्मी की जलाकर हत्या करके शव को खेत में जला देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने जांच के बाद आत्महत्या करने में पति, सास, ससुर के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज प्रथम अवनीश गौतम कोर्ट में हुई। सुनवाई के बाद प्रदीप को साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया गया। एडीजीसी पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने पति को साक्ष्य मिटाने में ढाई साल की सजा सुनाई है।
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सास और ससुर बरी
दहेज हत्या की रिपोर्ट में पुलिस ने जांच में आत्महत्या का मामला पाया। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने सुनवाई के दौरान सास रामा देवी, ससुर राजेंद्र को गवाही नहीं मिलने पर आरोप से बरी कर दिया। चचिया ससुर सुरेंद्र, कृष्णवीर, चचिया सास मिथिलेश, देवर हृदेश, गुल्लू, भजन को निर्दोष पाकर पुलिस ने उनका नाम मुकदमे से निकाल दिया था।
झूठी गवाही देने पर मुकदमा दर्ज
अदालत में झूठी गवाही देने वाली महिला के खिलाफ अदालत में ही मुकदमा दर्ज किया गया है। दहेज हत्या की रिपोर्ट लिखाकर गुड्डी देवी ने पुलिस को जांच के दौरान दहेज हत्या की गवाही दी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान गुड्डी देवी ने अदालत में घटना के संबंध में गवाही नहीं दी। एफटीसी जज अवनीश गौतम ने झूठी गवाही देने पर गुड्डी देवी को नोटिस भी जारी किया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
प्रदीप को पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया। उसकी किसी भी अदालत से जमानत मंजूर नहीं हुई। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। सोमवार को निर्णय सुनने के लिए उसको जेल से ही अदालत में लाया गया। सजा होने पर उसको अदालत से ही जेल भेज दिया गया।