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तहसीलदार कोर्ट में महिला को पीटा
Agra
Updated Fri, 20 Jun 2014 05:30 AM IST
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आगरा। सदर तहसीलदार के कोर्ट में गुरुवार को सिकंदरा की महिला को एक व्यक्ति ने पीट दिया। वह अपने को सत्ताधारी दल से जुड़ा नेता बता रहा था। इससे वहां हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। बाद में पहुंची पुलिस ने महिला की तहरीर ली। शाहगंज थाने से बताया गया कि दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया है।
जानकारी के अनुसार सिकंदरा की महिला मोती माला यादव का बनवारी लाल यादव से जमीन संबंधी विवाद चल रहा है। गुरुवार को वह तहसील गई थी। मोती माला का कहना है कि तहसील दिवस पर उसने प्रार्थना पत्र दिया था कि उसका कुछ लोगों ने रास्ता रोक दिया था। इस दौरान अधिकारियों ने उसे आश्वासन दिया था कि गुरुवार को तहसीलदार मौके पर जाकर जांच करेंगे। इस सिलसिले में वह तहसील आई थी। वह सदर तहसीलदार के कोर्ट में पहुंची तो बनवारी ने उसे जाने से मना किया। इसके बाद भी वह नहीं मानी तो उसने उसे थप्पड़ मार दिया। शोर मचाने पर वह भाग खड़ा हुआ। घटना के बाद उसने पुलिस को सूचना दी तो चीता पुलिस के जवान पहुंचे। उन्होंने तहरीर ली। शाहगंज थाना प्रभारी का कहना है कि मामला थाने तक पहुंचा था, लेकिन महिला मुकदमा लिखवाने को तैयार नहीं थी। उनकी आपस में सुलह हो गई थी।
उधर, महिला के रोने की आवाज सुनकर काफी संख्या में लोग वहां जुट गए। उन्होंने बनवारी की तलाश भी की, लेकिन वह नहीं मिला।
महिला मेरे पास पहुंची थी। जमीन संबंधी विवाद था। तहसीलदार को मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का पता लगाने तथा नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा था। बाद में महिला रोते हुए आई और उसने थप्पड़ मारे जाने की जानकारी दी। तहसीलदार उस वक्त कोर्ट में उपस्थित नहीं थे। उन्हें एक मामले की जांच के सिलसिले में कहीं भेजा था। - अरविंद बंगारी, एसडीएम, सदर तहसील
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जानकारी के अनुसार सिकंदरा की महिला मोती माला यादव का बनवारी लाल यादव से जमीन संबंधी विवाद चल रहा है। गुरुवार को वह तहसील गई थी। मोती माला का कहना है कि तहसील दिवस पर उसने प्रार्थना पत्र दिया था कि उसका कुछ लोगों ने रास्ता रोक दिया था। इस दौरान अधिकारियों ने उसे आश्वासन दिया था कि गुरुवार को तहसीलदार मौके पर जाकर जांच करेंगे। इस सिलसिले में वह तहसील आई थी। वह सदर तहसीलदार के कोर्ट में पहुंची तो बनवारी ने उसे जाने से मना किया। इसके बाद भी वह नहीं मानी तो उसने उसे थप्पड़ मार दिया। शोर मचाने पर वह भाग खड़ा हुआ। घटना के बाद उसने पुलिस को सूचना दी तो चीता पुलिस के जवान पहुंचे। उन्होंने तहरीर ली। शाहगंज थाना प्रभारी का कहना है कि मामला थाने तक पहुंचा था, लेकिन महिला मुकदमा लिखवाने को तैयार नहीं थी। उनकी आपस में सुलह हो गई थी।
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उधर, महिला के रोने की आवाज सुनकर काफी संख्या में लोग वहां जुट गए। उन्होंने बनवारी की तलाश भी की, लेकिन वह नहीं मिला।
महिला मेरे पास पहुंची थी। जमीन संबंधी विवाद था। तहसीलदार को मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का पता लगाने तथा नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा था। बाद में महिला रोते हुए आई और उसने थप्पड़ मारे जाने की जानकारी दी। तहसीलदार उस वक्त कोर्ट में उपस्थित नहीं थे। उन्हें एक मामले की जांच के सिलसिले में कहीं भेजा था। - अरविंद बंगारी, एसडीएम, सदर तहसील
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