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Geeta Jayanti 2024: जीवन जीने की कला सिखाते है भगवद्गीता के यह 10 उपदेश
Tue, 10 Dec 2024 11:50 AM IST
विनोद शुक्ला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 10 Dec 2024 11:50 AM IST
सार
Bhagavad Gita Quotes: हर वर्ष मोक्षदा एकादशी पर गीता जयंती मनाई जाती है। गीता में लिखी गई बातें श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच हुए संवाद हैं। ये एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसकी उत्पत्ति स्वयं श्रीकृष्ण के श्रीमुख से हुई है।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
Geeta Jayanti 2024 Bhagavad Gita Quotes: भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की अद्भुत कला सिखाने वाला मार्गदर्शक है। इसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को जीवन, धर्म, कर्म और आत्मा के सत्य के बारे में बताया है। गीता की शिक्षाएं आज भी मानव जीवन को दिशा देती हैं। यदि हम इन सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाएं, तो न केवल हमें आत्मिक शांति प्राप्त होगी, बल्कि हमारा जीवन भी सफल और संतुलित हो जाएगा। गीता का हर उपदेश जीवन की किसी न किसी समस्या का समाधान प्रदान करता है।
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1. कर्मयोग: कर्तव्य पर ध्यान दें, फल पर नहीं
गीता कहती है, "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन।" इसका अर्थ है कि हमारा अधिकार केवल कर्म करने में है, लेकिन उसके परिणाम पर नहीं। यह सिखाता है कि हमें अपने कर्तव्यों को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाना चाहिए।
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2. आत्मसंयम और संतुलन
गीता में कहा गया है कि संयमित और संतुलित जीवन जीने वाला व्यक्ति ही सफल होता है। अति भोजन, अति निद्रा या अति कर्म सभी हानिकारक हैं। हर क्षेत्र में संतुलन बनाए रखना जीवन जीने का प्रमुख सिद्धांत है।
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3. सच्ची भक्ति और विश्वास
गीता के अनुसार, जो भी कार्य करें, उसे भगवान को अर्पित करने की भावना से करें। यह भक्ति का मार्ग दिखाता है और अहंकार को त्यागने में मदद करता है।
4. मोह त्यागें और जीवन को समझें
“मोह” जीवन की सबसे बड़ी बाधा है। मोह के कारण हम अपने कर्तव्यों को भूल जाते हैं। गीता सिखाती है कि मोह को त्यागकर जीवन के उद्देश्य को समझें।
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5. धैर्य और आत्मविश्वास रखें
गीता हमें बताती है कि किसी भी परिस्थिति में घबराना नहीं चाहिए। आत्मविश्वास और धैर्य से हर समस्या का समाधान हो सकता है।
6. समत्व: सुख-दुःख को समान समझें
“समत्वं योग उच्यते”यह गीता का महत्वपूर्ण उपदेश है। जीवन में सुख और दुख आते-जाते रहते हैं। दोनों को समान भाव से स्वीकार करना ही सच्चा योग है।
7. मृत्यु का भय छोड़ें
गीता सिखाती है कि आत्मा अमर है और केवल शरीर नश्वर है। मृत्यु एक प्रक्रिया है, जो आत्मा को नए शरीर की ओर ले जाती है। यह विचार हमें मृत्यु के भय से मुक्त करता है।
8. दूसरों के दोष न देखें
गीता कहती है कि हमें दूसरों की गलतियों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। अपने दोषों को पहचानें और उन्हें सुधारने का प्रयास करें। यह आदत हमें शांतिपूर्ण जीवन जीने में मदद करती है।
9. सच्चा ज्ञान प्राप्त करें
भगवद्गीता ज्ञान को सबसे बड़ा धन मानती है। सच्चे ज्ञान के बिना जीवन अंधकारमय है। शिक्षा और अनुभव के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करना जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।
10. निष्काम सेवा करें
गीता का एक महत्वपूर्ण संदेश है सेवा का भाव। दूसरों की भलाई के लिए कार्य करना, निस्वार्थ भाव से सेवा करना मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है।
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