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जोगिंद्रा बैंक प्रबंधक और महिला पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

जोगिंद्रा बैंक प्रबंधक शामती सहित एक अन्य महिला के खिलाफ विजिलेंस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। बैंक प्रबंधक और महिला पर तीन स्वयं सहायता समूहों को आई साढे़ चार लाख की ऋण राशि डकारने का आरोप है। मामला 2015 में सामने आया था जिसकी शिकायत 2018 में हुई थी। बैंक के बार-बार चक्कर काटने के बावजूद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने विजिलेंस में शिकायत दी। वहीं विजिलेंस ब्यूरो ने जांच के बाद मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिसके तहत बुधवार को विजिलेंस टीम ने बैंक शाखा से मामले के संबंध में रिकॉर्ड तलब कर उसे फोरेंसिक जांच के लिए जुन्गा भेजा है। अब मामले को लेकर अन्य कई खुलासे भी हो सकते हैं।

जिसकी विजिलेंस जांच कर रही है। जानकारी अनुसार सोलन क्लीन के गंगा स्वयं सहायता समूह, पाजो का श्रद्धा और पाजो क्षेत्र का ही रीना स्वयं सहायता समूह को जोगिंद्र बैंक से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की राशि ऋण के रूप में दी थी। लेकिन वह स्वयं सहायता समूह तक नहीं पहुंच सकी। एक वर्ष बाद बैंक से ऋण की किश्त सहित राशि जमा न करवाने पर रिकवरी नोटिस जारी हो गया। जबकि यह राशि समूह तक पहुंची ही नहीं थी। जब महिलाओं ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि उनके लिए यह राशि बैंक में आई थी। विजिलेंस जांच में बैंक प्रबंधक और अन्य एक महिला की धोखाधड़ी सामने आई है। अब विजिलेंस ने मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी है।

फोरेंसिक जांच के लिए भेजा रिकॉर्ड
डीएसपी विजिलेंस संतोष शर्मा ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने 2018 में शिकायत दी थी। जिसमें महिलाओं ने समूह के लिए आई ऋण राशि डकारने का आरोप बैंक प्रबंधक पर लगाया था। इसमें शिकायत के बाद मामले की जांच की गई। बैंक प्रबंधक सहित अन्य एक महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर बैंक से संबंधित रिकॉर्ड फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद अगामी कार्रवाई की जाएगी।
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शक्तियों के दुरुपयोग मामले में पूर्व बागवानी निदेशक के खिलाफ जांच

हिमाचल के बागवानी सचिव ने विभाग के पूर्व निदेशक के तीन माह के एक्टेंसशन काल में लिए फैसलों की जांच की शुरू कर दी है। निदेशक पद पर रहते हुए शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप इन पर लगे हैं। गत 31 मार्च को निदेशक रिटायर हुआ और कोविड-19 के कारण तीन माह एक्सटेंशन दिया गया। इस दौरान सेवा नियमों का उल्लंघन करते हुए कई प्रशासनिक और वित्तीय फैसले भी लिए गए।
यही नहीं, बागवानी विभाग के पूर्व निदेशक के खिलाफ लगे आरोपों की जांच का मामला विजिलेंस विभाग की रडार में भी आ गया है। विजिलेंस ने बागवानी सचिव से इस संबंध में मामला दर्ज करने की अनुमति मांगी है।

बागवानी सचिव ने बागवानी विभाग के पूर्व निदेशक के सेवा विस्तार के तीन माह के दौरान लिए फैसलों को पुन: समीक्षा करने के निर्देश विभाग के मौजूदा निदेशक को दे दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर फिर संबंधित मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी। सेवा विस्तार के दौरान वित्तीय फैसले नहीं लिए जा सकते थे। सेवा विस्तार के समय एकीकृत बागवानी विकास योजना में लाखों का उपदान देने का आरोप है। 14 करोड़ के उपदान केंद्र सरकार के खाते में जाना था लेकिन इस मामले को दबाकर रखा। अधिक वेतन आहरण किया गया। कई टेंड खोले गए जबकि यह नहीं कर सकते थे। उक्त अधिकारी की तैनाती सिर्फ कोविड-19 के लिए व्यवस्था की थी लेकिन प्रशासनिक और वित्तीय फैसले लिए गए। कई कर्मचारियों और अफसरों के तबादले तक किए।
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ईडी ने एसआईटी से तलब किया फर्जी डिग्री मामले का रिकाॅर्ड

मानव भारती विश्वविद्यालय में सामने आए फर्जी डिग्री मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने एसआईटी से रिकाॅर्ड तलब किया है। ईडी ने इस मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी से विश्वविद्यालय के डिग्री फर्जीवाड़े के दस्तावेज लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले 10 वर्षों में करीब चार लाख फर्जी डिग्रियां जारी हुई हैं। बताया जा रहा है कि यह घोटाला करोड़ों रूपये का निकल सकता है। यही कारण है कि ईडी ने इस मामले की जांच करने की योजना बनाई है। इस जांच में फर्जी डिग्री की एवज में करोड़ों रुपये के लेनदेन का पर्दाफाश हो सकता है।

 फर्जी डिग्री मामले में एसआईटी की जांच चली हुई है। इस जांच में कई अहम खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि मानव भारती विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्रियों के लिए दो विशेष सैल बनाए हुए थे। एक प्रशासनिक ब्लाॅक की सबसे ऊपरी मंजिल पर था जबकि दूसरा पहली मंजिल पर ही था। इन सैल में फर्जी डिग्रियों का रिकाॅर्ड सही ढंग से रखा जाता था ताकि किसी की डिग्री के संबंध में कहीं से भी कोई पड़ताल आती थी तो उसका जवाब रिकॉर्ड के अनुसार ही दिया जाता था। यही कारण था कि विश्वविद्यालय में इतने वर्षों में फल.फूल रहे फर्जी डिग्री के कारोबार पर शक नहीं हो रहा था।

फर्जी डिग्री पर विश्वविद्यालय के अधिकारी ही नहीं बल्कि ड्राइवर व चपरासी से लेकर इन केंद्रों में बैठा कोई भी कर्मचारी पड़ताल कर देता। यह इसलिए किया जाता था ताकि यदि कोई विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री को लेकर सवाल करता तो विश्वविद्यालय उस डिग्री को अपना मानने से इंकार कर देता था और इसके लिए हस्ताक्षर का ही हवाला दिया जाता था। महाराष्ट्र के पुणे में इस विश्वविद्यालय की 2 फर्जी डिग्रियों का मामला सामने आया था तो उस मामले में भी विश्वविद्यालय ने पुलिस को यह कहकर इन दोनों डिग्रियों से पल्ला झाड़ लिया था कि इन पर उसके अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं हैं।

इस प्रकार के मामलों में विश्वविद्यालय ने उलटे उनकी फर्जी डिग्री बनाने के मामले दर्ज किए। इस मामले को सबसे पहले उठाने वाली और पुलिस में शिकायत करने वाली हरियाणा की महिला के खिलाफ भी ऐसा ही कुछ हुआ था। उस महिला के खिलाफ भी विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री बनाने की पुलिस में शिकायत की गई थीए लेकिन उसके पास कई अहम सुराग होने पर पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज किया था। ज्यादातर मामलों में यह डिग्रियां कुरियर के माध्यम से भी भेजी जाती थींए लेकिन ये कुरियर सोलन से नहींए बल्कि देश के अलग.अलग राज्यों से किए जाते थे।

यदि कोई छात्र अपनी डिग्री के लिए विश्वविद्यालय में ही पहुंच जाता था तो उसे भी निराश नहीं किया जाता थाए बल्कि उसी समय डिग्री को तैयार कर संबंधित छात्र को दी जाती थी। विश्वविद्यालय का फर्जी डिग्री का यह कारोबार देशभर में फैला हुआ था। देश के कई राज्यों में इसके एजेंट तैनात थे। पुलिस सूत्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय के 2 पंजीकरण नंबर थे। फर्जी डिग्री के लिए अलग से पंजीकरण कोड था। जो विश्वविद्यालय के ऑन रिकार्ड छात्र थेए उनका रजिस्ट्रेशन कोड अलग था। पुलिस ने इस रजिस्टे्रशन कोड से फर्जी डिग्री की परत दर परत खोल दी है।

यूजीसी ने मार्च में जब प्रदेश सरकार को मानव भारती विश्वविद्यालय सहित शिमला के एक निजी विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्रियों की जांच करने के लिए पत्र लिखा थाए तब यह मामला सुर्खियों में आया था। इसके बाद विश्वविद्यालय ने फर्जी डिग्रियों के बहुत सारे रिकाॅर्ड को राजस्थान स्थित अपने विश्वविद्यालय माधव विश्वविद्यालय को शिफ्ट कर दिया। एसआईटी ने जब इस विश्वविद्यालय में पहली रेड की थी तो वहां पर मानव भारती की ही नहीं बल्कि माधव विश्वविद्यालय की भी सैकड़ों फर्जी डिग्रियां बरामद हुई थीं।

इस मामले में अभी जांच में कई अहम खुलासे होने हैं। उधर, एसपी अभिषेक यादव का कहना है कि ईडी ने मानव भारती विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्रियों का रिकॉर्ड मांगा था जो उनके सुपुर्द कर दिया गया है। एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। इस जांच में पुलिस को कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है
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फर्जी कोविड रिपोर्ट लेकर दिल्ली से आए चार युवक गिरफ्तार

कुल्लू जिला पुलिस ने फर्जी कोविड रिपोर्ट लेकर पहुंचे चार युवकों को गिरफ्तार किया है। ये लोग मंडी-कटौला-बजौरा मार्ग से होकर आए थे। पुलिस ने रात ढाई बजे रोपा बैरियर पर इन्हें रोका और कोविड रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज मांगे। पुलिस ने कोविड रिपोर्ट की सत्यता जांची तो यह फर्जी पाई गई। इसके बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर 14 दिन के लिए संस्थागत क्वारंटीन कर दिया है। 

पुलिस के अनुसार शनिवार रात ढाई बजे मंडी की तरफ से चार युवक सागर कुमार पुत्र विनोद कुमार निवासी दिल्ली-96, पंकज कुमार सरवन (21) पुत्र पूर्ण चंद सरवन निवासी दिल्ली, जय चंद (28) पुत्र रामसरन निवासी गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) और रामविलास (20) पुत्र रघुनंदन निवासी दिल्ली-91 को पुलिस ने जांच के लिए रोका। इनसे कोरोना रिपोर्ट मांगी गई, लेकिन उनकी ओर से दिखाई गई रिपोर्ट फर्जी पाई गई। बताया जा रहा है कि ये सभी मनाली जा रहे थे।

आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस ने एहतियातन 14 दिन के लिए संस्थागत क्वारंटीन कर दिया है। पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने कहा कि  फर्जी कोविड रिपोर्ट के साथ कुल्लू पहुंचने वाले चार लोगों को पुलिस ने रोपा बैरियर पर पकड़ा है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। इन युवकों ने नकली रिपोर्ट को असली बना दिया था। क्रॉस चेक करने पर इसका खुलासा हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

पंचायत प्रधान समेत चार पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज

हरियाणा के एक व्यक्ति को तीन बिस्वा जमीन देने के कथित आरोप के बाद पुलिस ने धौलाकुआं पंचायत प्रधान समेत चार लोगों पर मामला दर्ज किया है। धौलाकुआं पंचायत के एक बुजुर्ग ने अदालत में अर्जी दी थी। आरोप है कि आठ पात्रों को जमीन न देकर अपात्र को तीन बिस्वा जमीन दी गई। अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। 

धौलाकुआं सुदौवाला निवासी सागर सिंह ने न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अदालत संख्या 2 पांवटा साहिब के माध्यम से माजरा थाने में मामला दर्ज करवाया है। आरोप लगाया है कि रौनकी राम पुत्र किशना राम, मलकीत सिंह प्रधान पंचायत धौलाकुआं, जोगी राम पुत्र रौनकी राम तथा राम कुमार पुत्र रौनकी राम निवासी धौलाकुआं के निवासी है। एक आरोपी रौनकी राम हरियाणा के नगली का है। उसकी शादी धौलाकुआं में हुई थी। वह 25-30 वर्षों से परिवार के साथ धौलाकुआं गांव में रहा रहा है।

उसने अवैध रूप से सरकारी जमीन पर अतिक्रमण किया है। भूमि अब आईआईएम की ओर से अधिगृहित की गई है। शिकायतकर्ता सागर सिंह ने कहा कि आरोपी को 2013-14 में इंद्रा आवास योजना में 75000 रुपये का अनुदान दिया गया है। योजना का लाभ लेने को अनिवार्य है कि लाभार्थी जमीन का मालिक होना चाहिए। जब आईआईएम ने सरकार से भूमि का अधिग्रहण किया तो वे प्रधान के पास पहुंचे। पंचायत में आरोपी ने कहा कि रौनकी राम एक ऋण विहीन व्यक्ति है और भूमि के अनुदान को पात्र है। रौनकी राम की पत्नी धौलाकुआं में 2 बिस्वा भूमि की मालिक है। इनका हरियाणा में एक आवासीय घर भी है। 

डीसी को भूमिहीन और आवासहीन परिवार के अनुदान के लिए आवेदन किया है। आरोप है कि पंचायत प्रधान की झूठी सूचना के आधार पर रौनकी राम को 3 बिस्वा जमीन का पत्र जारी किया। तीन अगस्त, 2019 को प्रमाण पत्र जारी किया और सिफारिश की गई कि आरोपी भूमिहीन और आवासहीन है। उधर, डीएसपी पांवटा वीर बहादुर ने कहा कि पंचायत प्रधान समेत आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

एएसआई माजरा थाना राजपाल चौहान की टीम मामले की जांच कर रही है। उधर, पंचायत प्रधान मलकीत सिंह ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। कहा कि परिवार तीन दशकों से अधिक समय से स्थानीय पंचायत के सुदोवाला क्षेत्र में रहता है। पुलिस जांच में सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।
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नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में पिता गिरफ्तार

हिमाचल के शिमला जिले के तहत पुलिस थाना झाकड़ी में एक व्यक्ति के खिलाफ अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पोक्सो एक्ट-4 और भादंसं की धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक पुलिस थाना झाकड़ी को गुप्त सूचना मिली थी कि बीते कई माह से आरोपी अपनी छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था। मामले की सच्चाई जानने के लिए पुलिस कर्मी वार्ड सदस्य और आंगनबाड़ी सदस्य को भी अपने साथ ले गए।

इसके बाद आरोपी से पूछताछ के आधार पर नाबालिग को मेडिकल जांच के लिए रामपुर के खनेरी अस्पताल पहुंचाया है। इसकी रिपोर्ट अभी बाकी है। बीते लंबे अरसे से आरोपी की पत्नी और उसके दो बच्चे मां के साथ रह रहे हैं जबकि, छह वर्ष की बेटी को वह छह माह पूर्व अपने साथ लाया था। डीएसपी रामपुर अभिमन्यु ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की है। पुलिस थाना झाकड़ी के एएसआई बीर सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। 
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लक्ष्मीनारायण मंदिर में चोरी, सोने की नथ और तीन दानपात्र में रखी नकदी गायब

उपमंडल के धार्मिक पर्यटन स्थल तत्तापानी में चोरी का मामला सामने आया है। लक्ष्मी नारायण मंदिर के मुख्य दरवाजे की कुंडी तोड़कर चोरों ने माता की मूर्ति से सोने की नथ सहित तीन दानपात्र तोड़कर उसमें रखी नकदी पर हाथ साफ कर दिया है। मंदिर कमेटी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक पिछले डेढ़ साल से मंदिर में पूजा कर रहे कैप्टन एमसी शर्मा प्रतिदिन की तरह वीरवार सुबह चार बजे पूजा करने मंदिर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मंदिर में लकड़ी के मुख्य दरवाजे की कुंडी टूटी हुई थी। अंदर देखा तो मंदिर के रखा सामान इधर-उधर बिखरा पड़ा था। माता की सोने की नथ भी गायब पाई गई।

हनुमान की मूर्ति, शिवलिंग और माता के मंदिर के पास रखे गए तीनों दानपात्र में टूटे हुए थे। उन्होंने मंदिर कमेटी को सूचना दी। इसके बाद तत्तापानी पुलिस चौकी में सूचना दी गई। एएसआई के नेतृत्व में पुलिस ने घटना स्थल का दौरा किया। एसपी मंडी गुरदेव शर्मा ने कहा कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दानपात्रों में पांच-छह हजार का चढ़ावा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मंदिर में सीसीटीवी कैमरे नहीं थे।
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केंद्रीय मंत्री के नाम पर नौकरी दिलाने का झांसा, सात लोगों से 22 लाख ठगे

केंद्रीय मंत्री का करीबी बताकर वन विभाग में फोरेस्ट गार्ड की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक शातिर ने छह लोगों से 22 लाख रुपये ठग लिए। मंडी, कुल्लू, सोलन और हरियाणा के युवकों ने आरोपी के खाते में ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कर दिए। नौकरी न मिलने पर बेरोजगारों ने पैसे वापस मांगे तो उन्हें फ्रॉड चेक थमा दिए। एक युवक ने इसकी शिकायत बीएसएल थाना सुंदरनगर में की है। 

पुलिस के अनुसार मंडी के करसोग के निहरी क्षेत्र के कमांद गांव के जितेंद्र कुमार ने शिकायत दी कि करसोग के आरोपी मोहन लाल ने बीते वर्ष अक्तूबर में उन्हें केंद्रीय मंत्री का नजदीकी बताकर वन विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पैसे ऐंठ लिए, लेकिन न उन्हें नौकरी मिली और न वापस पैसे दिए। जब पैसे लौटाने को कहते हैं तो वह जान से मारने की धमकी देता है।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने बीते 9 अक्तूबर को हिमाचल ग्रामीण बैंक रोहांडा से आरोपी के पीएनबी करसोग के खाते में नेफ्ट और पेटीएम से अलग-अलग तारीख को पैसे डाले और 12 लाख कैश दिए। इस प्रकार उन्होंने 14.70 लाख रुपये दिए हैं। वहीं आशीष निवासी जींद, हरियाणा (कैशियर हिमाचल ग्रामीण बैंक शाखा रोहांडा), महेंद्र कुमार निवासी मांहूनाग और करताप सिंह निवासी द्रंग (मंडी), शेर सिंह निवासी निरमंड (कुल्लू), सीता राम और मदन लाल निवासी कसौली (सोलन) से भी 7.20 लाख रुपये ऐंठे हैं।

शिकायतकर्ता ने नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने बताया है कि अपनी जमीन गिरवी रखकर उसने पैसे दिए हैं। आरोपी के खिलाफ धारा 420 के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। - गुरबचन सिंह रणौत, डीएसपी सुंदरनगर 
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महिला को जादू टोना करने वाली कहने पर दस लोगों पर केस दर्ज

उपमंडल भोरंज में एक बुजुर्ग महिला पर जादू टोना करने का आरोप लगाने वाले दस लोगों के खिलाफ पुलिस ने विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया है। जमानत के बाद सभी आरोपियों को रिहा कर दिया गया है। सरकाघाट उपमंडल में भी बीते वर्ष इस तरह का मामला सामने आ चुका है। वहां भी एक बुजुर्ग महिला का मुंह काला कर गांव में घुमाने पर एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। अब हमीरपुर जिले के भोरंज उपमंडल में 69 वर्षीय वृद्ध महिला को तंग करने का मामला सामने आया है। 

वृद्ध महिला ने भोरंज पुलिस थाने में 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह अपने लड़के के साथ गांव में रहती हैं। वर्ष 2007 से उन्होंने इस गांव में रहना शुरू किया है। कुछ लोग नहीं चाहते हैं कि वह और उनका बेटा इस गांव में रहें। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग उन्हें जादू टोना करने वाली कहते हैं। जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं।

गत दिवस कुछ लोग उन्हें मारने के लिए दौड़े तो वह अपने कमरे में चली गईं। बेटा किसी काम के चलते घर से बाहर गया था। एसएचओ भोरंज छोटाराम चौधरी ने बताया कि 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। उसके बाद इन्हें जमानत पर रिहा किया गया है। अगर भविष्य में दोबारा बुजुर्ग महिला को तंग किया गया तो आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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नाबालिग से दुष्कर्म, वीडियो वायरल मामले में छह गिरफ्तार

पुलिस ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। लड़की सहित सभी युवक धीरा तहसील के तहत रहने वाले हैं, लेकिन यह घटना नगरोटा बगवां पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत घटी है। इसलिए मामला यहां दर्ज हुआ है। पुलिस ने पोक्सो एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज कर सोमवार रात 12 बजे से सुबह तीन बजे के बीच यह गिरफ्तारियां की हैं। यह मामला चार जुलाई का है, लेकिन पीड़िता ने सोमवार को नगरोटा बगवां पुलिस थाना में उक्त मामले की शिकायत दर्ज करवाई है।

बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता चार जुलाई को अपने एक परिचित युवक के साथ जंगल गई थी। पहले से ही मौजूद कुछ युवकों ने वहां उनसे मारपीट की और युवक को भगा दिया। शिकायत के अनुसार नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया। इसकी वीडियो भी बनाई। एसएचओ श्याम लाल कौंडल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि नाबालिग का मेडिकल करवाया गया है। गिरफ्तार सभी युवकों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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पेट में चाकू घोंप युवती ने कर दी पिता की हत्या

पुलिस थाना भावानगर के तहत डेट सुंगरा गांव में युवती ने पेट में चाकू घोंपकर अपने पिता को मौत के घाट उतार दिया। यह घटना सोमवार शाम की है। स्थानीय लोगों ने घायल अवस्था में सागर सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने केस दर्ज कर युवती को गिरफ्तार कर लिया है। 

पुलिस के मुताबिक सोमवार शाम को नेपाली मूल की युवती आरती (24) ने अपने पिता सागर सिंह निवासी डेट सुंगरा की पेट में चाकू घोंपकर हत्या कर दी। इसकी सूचना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भावानगर से शाम करीब पौने पांच बजे थाने में दी गई। थाना प्रभारी टीम सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां सागर सिंह को मृत अवस्था में पाया। उसके पेट में तेजधार हथियार से घाव के निशान थे। घटनास्थल पर चश्मदीदों से पूछताछ में पता चला कि मृतक सागर स्थानीय निवासी देवराज के मकान में करीब 7-8 महीने से किराये पर रहता था। 

दो अगस्त को उसकी पत्नी और बेटी उसके पास रहने आई थीं। सोमवार शाम को सागर सिंह और बेटी के बीच किसी बात पर झगड़ा हो गया। इसी बीच बेटी ने कमरे में पड़ा चाकू उठाया और सागर सिंह के पेट में घोंप दिया। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे स्थानीय लोगों की सहायता से तुरंत स्वास्थ्य केंद्र भावानगर पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

एसपी किन्नौर एसआर राणा ने बताया कि मौके पर गवाहों के बयान पर भावानगर थाने में आरोपी युवती पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच को विशेष टीम गठित की गई है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया है।
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शीशा तोड़ने पर डांटा तो नशेड़ी पोते ने कर दी दादी की हत्या

डांट से खफा होकर 20 साल के नशेड़ी पोते ने दादी की हत्या कर दी। वारदात सोमवार सुबह गोहर के डल गांव की है। पुलिस ने आरोपी पोते को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। एसपी गुरदेव चंद शर्मा के अनुसार आरोपी नशे के मामलों में शामिल रहा है। सोमवार सुबह आरोपी निखिल अपने कमरे में था। उसने अपने बेड पर लगे शीशे को तोड़ दिया, जिसकी आवाज सुनकर दादी भूमा देवी (65) कमरे में आई और पोते को डांट दिया।

डांट से निखिल तैश में आ गया और दादी से हाथापाई करने लगा। इसी बीच निखिल ने टूटे हुए कांच से दादी की छाती पर वार कर दिए, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गईं। चीख-पुकार सुनकर घर के अन्य सदस्य दौड़ते हुए निखिल के कमरे में पहुंचे और घायल भूमा देवी को तुरंत सिविल अस्पताल गोहर लेकर गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने भूमा देवी को मृत घोषित कर दिया। एसपी गुरदेव चंद शर्मा ने बताया कि पुलिस घटना की गहनता से जांच कर रही है।
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दुष्कर्म के बाद सास से की अमानवीयता, अस्पताल में तोड़ा दम

जिला शिमला के ठियोग उपमंडल में 55 वर्षीय महिला से दुष्कर्म के बाद अमानवीयता का मामला सामने आया है। बुरी तरह घायल महिला ने आईजीएमसी शिमला में दम तोड़ दिया है। पुलिस ने धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी महिला के दामाद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार देर शाम पुलिस थाना ठियोग को सिविल अस्पताल से सूचना मिली कि किसी महिला के साथ मारपीट और दुष्कर्म हुआ है।

महिला नेपाल मूल की है। आरोप है कि महिला के दामाद ने उसके साथ मारपीट कर दुष्कर्म किया है। महिला को वीरवार रात अस्पताल उसके परिजनों ने पहुंचाया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए महिला की बिगड़ती हालत को देख उसे शिमला आईजीएमसी भेज दिया, जहां उसकी मौत हो गई। ठियोग पुलिस ने दुष्कर्म और हत्या के आरोप में महिला के दामाद को गिरफ्तार कर लिया।

डीएसपी ठियोग कुलविंद्र सिंह का कहना है कि उन्हें अस्पताल से फोन आया कि कोई महिला घायल अवस्था में आई है। इसके बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और आरोपी को पकड़कर उसे हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ पर महिला से अमानवीयता करने और महिला की हत्या के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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