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Shimla News: ऑनलाइन की जगह अब नकदी में लेनदेन कर रहे नशा तस्कर
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शिमला पुलिस की ऑनलाइन पेमेंट मॉड्यूल पर कार्रवाई के बाद तस्करों ने बदला पैंतरा, कई बड़े गिरोहों का हो चुका है भंडाफोड़
वीडियो भेजकर बताते थे नशा हासिल करने की लोकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला पुलिस की नशा तस्करों के ऑनलाइन मॉड्यूल पर कड़ी कार्रवाई के बाद पंजाब, हरियाणा समेत दूसरे राज्यों में बैठे नशे के बड़े तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई से घबराकर अब नशा तस्कर नकद लेनदेन कर रहे हैं। इसका मकसद पुलिस की पकड़ से बचना है। जिले में लंबे समय से लोकेशन बेस्ड नशा तस्करी का नेटवर्क चल रहा था। इसमें नशे के बड़े तस्कर दूसरे राज्यों में बैठकर ऑनलाइन नशे की पेमेंट लेते थे। इसके बाद पैडलरों के जरिये नशे को जगह-जगह छिपाकर रखा जाता था। खरीदार को मौके की वीडियो बनाकर भेज दी जाती थी जिससे वह नशा हासिल कर सकें। नशा बेचने के लिए नशे के आदी और बेरोजगार युवाओं का इस्तेमाल किया जाता था। नशा तस्करों के इस मॉड्यूल को तोड़ने के लिए पुलिस ने मनी ट्रेल की गहनता से पड़ताल की, सोशल मीडिया पर निगरानी और हर मामले की बैकवर्ड जांच की। इसके आधार पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल समेत अन्य राज्यों से नशे की सप्लाई करने वाले तस्करों पर कार्रवाई की गई है। महज छह महीने में ही 68 के करीब ऐसे बड़े सप्लायरों को पकड़ा गया है, जो दूसरे राज्यों से संबंध रखते हैं। इनमें सबसे अधिक सप्लायर पंजाब के हैं। इनमें कई बड़े सप्लायर भी शामिल हैं। शिमला पुलिस ने महज सात महीने में 4 किलो 200 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 24 करोड़ रुपये से अधिक आंकी है।
48 अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करों का भंडाफोड़
जिला पुलिस ने इस साल नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ वित्तीय जांच करते हुए 6.38 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। इसमें नशे की तस्करी से अर्जित लग्जरी गाड़ियां, भवन, प्लॉट, सोने के आभूषण और नकदी शामिल हैं। वित्तीय जांच के आधार पर शिमला में पहली बार करोड़ों रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है। इससे पहले वर्ष 2023, 2024 और 2025 में इस तरह की कार्रवाई शून्य थी। पुलिस का मकसद नशा तस्करों की संपत्तियां फ्रीज कर आम जनता और युवाओं में सकारात्मक संदेश देना है। इसके अलावा पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत आदतन नशा तस्करों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस साल अभी तक 40 से अधिक आदतन नशा तस्करों को तीन महीने के लिए सीधे जेल भेजा है।
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कोट
शिमला पुलिस नशा तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए दिन-प्रतिदिन कार्रवाई कर रही है। इसमें नशा तस्करों के ऑनलाइन मॉड्यूल को भी ध्वस्त किया गया है। यही वजह है कि नशे के बड़े सप्लायर इससे बचने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। कार्रवाई के डर से अब कैश में लेनदेन की कोशिशें की जा रही हैं। इसको लेकर भी पुलिस सख्ती बरत रही है। पुलिस का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को नशे के गर्त से बचाना है।
-गौरव सिंह, एसएसपी शिमला
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वीडियो भेजकर बताते थे नशा हासिल करने की लोकेशन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिला पुलिस की नशा तस्करों के ऑनलाइन मॉड्यूल पर कड़ी कार्रवाई के बाद पंजाब, हरियाणा समेत दूसरे राज्यों में बैठे नशे के बड़े तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई से घबराकर अब नशा तस्कर नकद लेनदेन कर रहे हैं। इसका मकसद पुलिस की पकड़ से बचना है। जिले में लंबे समय से लोकेशन बेस्ड नशा तस्करी का नेटवर्क चल रहा था। इसमें नशे के बड़े तस्कर दूसरे राज्यों में बैठकर ऑनलाइन नशे की पेमेंट लेते थे। इसके बाद पैडलरों के जरिये नशे को जगह-जगह छिपाकर रखा जाता था। खरीदार को मौके की वीडियो बनाकर भेज दी जाती थी जिससे वह नशा हासिल कर सकें। नशा बेचने के लिए नशे के आदी और बेरोजगार युवाओं का इस्तेमाल किया जाता था। नशा तस्करों के इस मॉड्यूल को तोड़ने के लिए पुलिस ने मनी ट्रेल की गहनता से पड़ताल की, सोशल मीडिया पर निगरानी और हर मामले की बैकवर्ड जांच की। इसके आधार पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल समेत अन्य राज्यों से नशे की सप्लाई करने वाले तस्करों पर कार्रवाई की गई है। महज छह महीने में ही 68 के करीब ऐसे बड़े सप्लायरों को पकड़ा गया है, जो दूसरे राज्यों से संबंध रखते हैं। इनमें सबसे अधिक सप्लायर पंजाब के हैं। इनमें कई बड़े सप्लायर भी शामिल हैं। शिमला पुलिस ने महज सात महीने में 4 किलो 200 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में 24 करोड़ रुपये से अधिक आंकी है।
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48 अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करों का भंडाफोड़
जिला पुलिस ने इस साल नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ वित्तीय जांच करते हुए 6.38 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की है। इसमें नशे की तस्करी से अर्जित लग्जरी गाड़ियां, भवन, प्लॉट, सोने के आभूषण और नकदी शामिल हैं। वित्तीय जांच के आधार पर शिमला में पहली बार करोड़ों रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है। इससे पहले वर्ष 2023, 2024 और 2025 में इस तरह की कार्रवाई शून्य थी। पुलिस का मकसद नशा तस्करों की संपत्तियां फ्रीज कर आम जनता और युवाओं में सकारात्मक संदेश देना है। इसके अलावा पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत आदतन नशा तस्करों पर भी कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इस साल अभी तक 40 से अधिक आदतन नशा तस्करों को तीन महीने के लिए सीधे जेल भेजा है।
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शिमला पुलिस नशा तस्करी के नेटवर्क को खत्म करने के लिए दिन-प्रतिदिन कार्रवाई कर रही है। इसमें नशा तस्करों के ऑनलाइन मॉड्यूल को भी ध्वस्त किया गया है। यही वजह है कि नशे के बड़े सप्लायर इससे बचने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। कार्रवाई के डर से अब कैश में लेनदेन की कोशिशें की जा रही हैं। इसको लेकर भी पुलिस सख्ती बरत रही है। पुलिस का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को नशे के गर्त से बचाना है।
-गौरव सिंह, एसएसपी शिमला