अन्न-धन, सुख-समृद्धि की कामना से काशीपुरी में विराजमान माता अन्नपूर्णा के चार दिवसीय उत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में हैं। माता का दरबार सज चुका है। दो नवंबर से पांच नवंबर तक देश भर के श्रद्धालु माता के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन करेंगे। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रौशनी और फूल-पत्तियों से सजाया जा रहा है। माता के दरबार में इस बार पांच सौ कुंतल के 56 व्यंजनों का भोग लगाया जाएगा।
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मां अन्नपूर्णा दर्शन: अन्न-धन की देवी का सज गया दरबार, भोग को तैयार करने के लिए काम कर रहे 75 कारीगर
Sun, 31 Oct 2021 10:51 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Sun, 31 Oct 2021 10:51 AM IST
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माता अन्नपूर्णा मंदिर में चल रही तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
माता अन्नपूर्णा मंदिर में चल रही तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
शिव की नगरी काशी के बारे में कहा जाता है इस शहर में कभी कोई भूखा सोता। ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि यहां पर जहां एक तरफ बाबा विश्वनाथ अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं तो वहीं दूसरी तरफ माता अन्नपूर्णा बाबा के भक्तों का पेट भरने के लिए काशी में ही वास कर रही हैं।
माता अन्नपूर्णा मंदिर में चल रही तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में स्थित मां अन्नपूर्णा मंदिर के स्वर्णमयी प्रतिमा साल में एक बार धनतेरस पर चार दिनों के लिए खुलती है। इस प्रतिमा के दर्शन पूजन के लिए न केवल काशी वासी बल्कि देश के कोने कोने से लोग पहुंचते हैं। इस दौरान मां के खजाना भी भक्तों को प्रसाद के रूप में दिया जाता है।
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माता अन्नपूर्णा मंदिर में चल रही तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
हर साल धनतेरस से शुरू होने वाली स्वर्णमयी अन्नपूर्णा का दर्शन इस वर्ष दो नवंबर से (धनतेरस पर्व) से शुरू होगा, जो 5 नवंबर अन्नकूट पर्व तक चलेगा। स्वर्णमयी मां अन्नपूर्णा का छोटी दीपावली से अन्नकूट पर्व तक के दर्शन भोर में 4 बजे से रात्रि 11 बजे तक होगा। वीआईपी समय शाम 5 से 7 रहेगा।
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माता अन्नपूर्णा मंदिर
- फोटो : फाइल
भक्त मंदिर के प्रथम तल पर स्थित माता के दर्शन करेंगे। गेट पर ही माता का खजाना और लावा वितरण भक्तों में किया जाएगा। केवल पहले दिन ही भक्तों को पीछे के रास्ते से राम मंदिर परिसर होते हुए कालिका गली से निकास दिया जाएगा।