सहारनपुर जनपद में छुटमलपुर क्षेत्र के गांव रामखेड़ी निवासी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवान अनुज का पार्थिव शरीर गुरुवार को पहुंचा। वहीं दोपहर बाद भारत माता की जय, अमर शहीद अनुज अमर रहे के गगनभेदी नारों के बीच राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मुखाग्नि जवान के ढाई साल के बेटे अक्षित ने दी।
बता दें कि एसएसबी जवान अनुज की मंगलवार की देर रात श्रीनगर के पंड्रेथन इलाके में इमारत से गिरने पर मौत हो गई थी। गुरुवार की सुबह उनका पार्थिव शरीर एसएसबी के जवान और अधिकारी ट्रक से लेकर गांव रामखेड़ी पहुंचे। इस दौरान रास्ते में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर जवान को अपनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को जवान के घर ले जाया गया तो परिजनों में कोहराम मच गया।
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विलाप करते परिजन।
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यहां पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा और भाजपा नेता साहब सिंह पुंडीर ने अर्थी को कांधा दिया। यहां से शवयात्रा गगनभेदी नारों के बीच जवान की समाधि बनाने के लिए चिह्नित किए गए स्थल पर पहुंची। जहां राजकीय सम्मान के साथ अनुज के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। एसएसबी के जवानों और पुलिस लाइन से आई गारद ने सलामी दी।
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राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार।
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ढाई साल के अक्षित ने दी मुखाग्नि तो सभी की आंखें हुईं नम
जवान अनुज के ढाई साल के मासूम बेटे अक्षित ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी तो एकबारगी सभी की आंखें नम हो गईं। वह अपने चाचा अजय की गोद में था। अक्षित हजारों की भीड़ में पिता की इस हालत को देख गुमसुम था।
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अंतिम यात्रा।
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वहीं पांच साल की बेटी आरोही भी समझ नहीं पा रही थी कि पिता को क्या हो गया है। इतने सारे लोग घर पर क्यों इकट्ठा हुए हैं। इससे पहले जब जवान का पार्थिव शरीर घर पहुंचा तो पत्नी शिखा पछाड़ खा कर गिर पड़ी। परिजन महिलाओं ने उसे बड़ी मुश्किल से संभाला। मां का भी रो रो कर बुरा हाल था। वह बार-बार अपने लाड़ले को उठ बैठने को कह रही थी।
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चंद्रशेखर भी पहुंचे।
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शहीद का दर्जा देने की मांग को लेकर की नारेबाजी
गांव पहुंचने पर पार्थिव शरीर वाले ट्रक को रोक कर भीम आर्मी कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने अनुज को शहीद का दर्जा, पत्नी को नौकरी, पचास लाख की सहायता, पेंशन और गांव में अनुज के नाम पर मुख्य द्वार बनवाने की मांग को लेकर नारेबाजी की।