{"_id":"674d3a6b20fe4c1a4c033e1f","slug":"sambhal-violence-police-pac-and-raf-deployed-many-people-have-not-yet-returned-home-from-riot-hit-area-2024-12-02","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Sambhal Violence: माहौल शांत... पुलिस, पीएसी और आरएएफ तैनात; अभी बवाल वाले इलाके में सैकड़ों लोग नहीं लौटे घर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal Violence: माहौल शांत... पुलिस, पीएसी और आरएएफ तैनात; अभी बवाल वाले इलाके में सैकड़ों लोग नहीं लौटे घर
Mon, 02 Dec 2024 11:09 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
अमर उजाला नेटवर्क, संभल
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 02 Dec 2024 11:09 AM IST
सार
हिंसा के बाद संभल शहर का माहौल शांत है। फिर भी पुलिस, पीएसी और आरएएफ तैनात है। अधिकारी भी भ्रमण कर लोगों से संवाद कर रहे हैं। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि इस समय शहर में एहतियाती तौर पर चौकसी बरती जा रही है।
विज्ञापन
Sambhal Violence
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभल में बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन का शांति बहाली का प्रयास सफल रहा। रविवार को शहर के बाजार में सामान्य दिनों की तरह काफी चहल-पहल रही। बाजारों में खरीदारी के लिए ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहक भी पहुंचे। इसके बाद भी पुलिस-प्रशासन एहतियात बरत रहा है।
संभल में बवाल के बाद खुलने लगे बाजार और तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद
मुरादाबाद मंडल के रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद जिले की फोर्स की भी मुस्तैद है। इसमें एएसपी, डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी भी लगाए हुए हैं। इसके अलावा जिले के सभी थानों से फोर्स को अलग अलग शिफ्ट में लगाया हुआ है। एसपी ने बताया कि पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है कि शहर में शांति बहाली कराई जाए।
संभल में बवाल के बाद खुलने लगे बाजार और तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद
रोजगार पटरी पर लौटे और आम लोगों के सामने किसी तरह की दिक्कत का सामना न हो। बताया कि इस समय जामा मस्जिद, नखासा तिराहा, हिंदूपुरा खेड़ा में फोर्स तैनात है। इसके अलावा शहर के प्रमुख स्थानों में शामिल शंकर चौराहा, चंदौसी चौराहा, आर्य समाज रोड पर फोर्स तैनात की गई है। अधिकारी भ्रमणशील हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
संभल में बवाल के बाद खुलने लगे बाजार और तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद
बवाल वाले इलाके में सैकड़ों लोग नहीं लौटे घर
बवाल हुए एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत गया है लेकिन बवाल का असर उन इलाके से अभी नहीं खत्म हुआ है जहां बवाल हुआ था। इसमें जामा मस्जिद, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा इलाका शामिल हैं। इन इलाके में सैकड़ों लोग बवाल के बाद घर छोड़कर चले गए थे। अभी भी ज्यादातर लोग नहीं लौटे हैं। इसमें कुछ उपद्रव में शामिल थे और कुछ ने एहतियाती तौर पर घर छोड़ा है।
बवाल हुए एक सप्ताह से ज्यादा समय बीत गया है लेकिन बवाल का असर उन इलाके से अभी नहीं खत्म हुआ है जहां बवाल हुआ था। इसमें जामा मस्जिद, नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा इलाका शामिल हैं। इन इलाके में सैकड़ों लोग बवाल के बाद घर छोड़कर चले गए थे। अभी भी ज्यादातर लोग नहीं लौटे हैं। इसमें कुछ उपद्रव में शामिल थे और कुछ ने एहतियाती तौर पर घर छोड़ा है।
विज्ञापन
संभल में बवाल के बाद खुलने लगे बाजार और तैनात पुलिस
- फोटो : संवाद
पहचान छिपाकर जिले से बाहर उपचार करा रहे बवाल में घायल लोग
24 नवंबर को बवाल में घायल हुए उपद्रवी पहचान छिपाकर जिले से बाहर उपचार करा रहे हैं। पथराव के दाैरान घायल होने पर जिन लोगों का पुलिस ने पकड़ा था, उनका उपचार पुलिस करा रही है। जबकि जो भाग गए, वह छिपकर उपचार करा रहे हैं। संभल में 24 नवंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे बवाल शुरू हुआ था। जब कोर्ट कमिश्नर सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंचे थे। इस दौरान हाफिजो वाली मस्जिद और मोहल्ला नाला की ओर से भीड़ एकत्र हुई थी। जो बाद में डाकखाने की ओर भी पहुंच गई थी। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था। इसमें पुलिस की ओर से भी आंसू गैस के गोले और रबड़ बुलेट से उपद्रवियों केा खदेड़ा गया।
24 नवंबर को बवाल में घायल हुए उपद्रवी पहचान छिपाकर जिले से बाहर उपचार करा रहे हैं। पथराव के दाैरान घायल होने पर जिन लोगों का पुलिस ने पकड़ा था, उनका उपचार पुलिस करा रही है। जबकि जो भाग गए, वह छिपकर उपचार करा रहे हैं। संभल में 24 नवंबर की सुबह करीब साढ़े आठ बजे बवाल शुरू हुआ था। जब कोर्ट कमिश्नर सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंचे थे। इस दौरान हाफिजो वाली मस्जिद और मोहल्ला नाला की ओर से भीड़ एकत्र हुई थी। जो बाद में डाकखाने की ओर भी पहुंच गई थी। भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था। इसमें पुलिस की ओर से भी आंसू गैस के गोले और रबड़ बुलेट से उपद्रवियों केा खदेड़ा गया।