संभल बवाल के तीन नए वीडियो सामने आए हैं। इनमें कुछ लोग भीड़ को भड़काते दिख रहे तो कुछ लोग पथराव करते। पुलिस की साइबर सेल ने तीनों वीडियो की जांच शुरू कर दी है। इस वीडियो के जरिए भीड़ को उकसाने वालों के चेहरे बेनकाब होने की उम्मीद है। इसके अलावा कुछ और पत्थबाजों के पोस्टर भी जारी किए जाएंगे।
24 नवंबर को संभल जामा मस्जिद का सर्वे के दौरान उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया था। इस दौरान पुलिस ने लाठी चार्ज भी किया गया था। इस दौरान पांच लोगों की मौत हो गई थी।
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Sambhal Violence
- फोटो : अमर उजाला
इसमें से चार लोगों के शवों का ही पोस्टमार्टम कराया गया था। जिसमें गोली लगने से मौत होने की पुष्टि हुई थी। इसके बाद से पुलिस उपद्रवियों की तलाश में जुटी है। महिला महिला समेत 30 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। जिन लोगों के नाम सामने आ चुके हैं। उनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। शनिवार को बवाल से संबंधित तीन नए वीडियो सामने आए हैं। पुलिस सूत्रों का दावा है कि इन वीडियो में कुछ लोग पुलिस को भड़काते हुए दिख रहे हैं जबकि कुछ लोग पथराव कर रहे हैं। पुलिस की साइबर सेल ने इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
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संभल में हिंसा के बाद हालात
- फोटो : संवाद
पुलिस बोली, वीडियो में दिख रहे हैं भीड़ को उकसाने वाले लोग
24 नवंबर को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के शनिवार को पुलिस की ओर से जारी एक वीडियो में दावा किया गया है कि कुछ युवा पुलिस को ललकारने के साथ ही भीड़ को उकसा रहे हैं। वीडियो में कई वह चेहरे स्पष्ट दिख रहे हैं, जिन्होंने बवाल कराने का काम किया है। यह वीडियो जामा मस्जिद के नजदीक लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रविवार की सुबह 8: 55 बजे का है। वीडियो में कुछ युवा हैं जो भीड़ को पीछे से आगे बुला रहे हैं और धक्का देकर आगे भेज रहे हैं।
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संभल में हिंसा के बाद हालात
- फोटो : संवाद
इसके बाद वह पुलिस की ओर हाथ उठाते दिख रहे हैं। इस दौरान कुछ नारेबाजी भी की गई है। जिसके बाद भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। रविवार की सुबह हुए बवाल में पांच लोगों की जान गई और 19 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। बाद में इसी तरह का बवाल दोपहर में नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा में हुआ था।
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संभल में हिंसा के बाद हालात
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थोड़ी सी लापरवाही से और भी ज्यादा बिगड़ सकते थे हालात
जामा मस्जिद से शुरू हुए बवाल की आंच नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा तक तो पहुंची लेकिन पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने इस बवाल को जल्द ही काबू कर लिया। जिससे शहर के दूसरे हिस्सों में इसकी आंच बेअसर रही। यदि बवाल जल्द काबू नहीं होता तो शहर का माहौल ज्यादा बिगड़ सकता था। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाकर इस पर काबू पा लिया था।