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हथियारों के सप्लायर: सिपाही से निकला ये बड़ा कनेक्शन, सामने आई खौफनाक सच्चाई, सबूत हैं ये तस्वीरें

Fri, 26 Nov 2021 01:08 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 26 Nov 2021 01:08 PM IST
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UP Crime: Meerut police has revealed that Suppliers were supply of illegal arms and see photos
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

मेरठ में दौराला पुलिस ने हथियार और कारतूसों की तस्करी के मामले में रुहासा के पूर्व उप प्रधान सदरुद्दीन के दो बेटों शवी अख्तर व रजी अख्तर को गिरफ्तार कर चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपी सिर्फ हथियार तस्करी ही नहीं, बल्कि कारतूस बनाने का धंधा भी कर रहे थे। पुलिस की थ्री नॉट थ्री राइफल तक के कारतूस इनके पास रहते थे। इस काले धंधे में शस्त्र विक्रेता से लेकर खाकी वालों के नाम भी जुड़ रहे हैं।



पुलिस ने आरोपियों के पास से थ्री नॉट थ्री राइफल के 23 कारतूस समेत 392 कारतूस-खोखे बरामद किए हैं। एक राइफल, एक बंदूक और दो तमंचे इनसे मिले हैं। देवबंद में तैनात एक सिपाही का नाम सामने आने के बाद एसएसपी ने उसके खिलाफ जांच बैठा दी है। क्राइम ब्रांच के एक सिपाही का भी आरोपियों से कनेक्शन खंगाला जा रहा है। पीएल शर्मा रोड स्थित शस्त्र विक्रेता जहां से खाली कारतूस लिए जाने की बात आरोपियों ने कुबूल की है, उससे भी पूछताछ की जाएगी।

पुलिस लाइन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में गुरुवार को एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि पूर्व प्रधान के बेटे शवी और रजी लंबे समय से हथियार तस्करी कर रहे थे। रजी बीडीसी सदस्य भी रहा है। इनका धंधा कारतूस के खाली खोखे लेकर उनको भरकर बेचना था। इन कारतूसों को मेरठ के अलावा मुजफ्फरनगर, शामली, दिल्ली, गाजियाबाद, हरियाणा समेत कई जिलों में बेचा जाता था। आरोपियों ने इंचौली के नई बस्ती लावड़ के रहने वाले शमीम से 50 हजार रुपये में बंदूक और तमंचे खरीदे थे। कारतूस बनाने के धंधे में परिवार की कई महिलाएं भी शामिल थीं। एसपी सिटी ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। दोनों आरोपियों के घर बुधवार रात को पुलिस ने दबिश देकर हथियार और कारतूस बरामद किए थे।

UP Crime: Meerut police has revealed that Suppliers were supply of illegal arms and see photos
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

देवबंद थाने के सिपाही ने बेचे थे कारतूस, क्राइम ब्रांच का सिपाही भी घेरे में
जो थ्री नॉट थ्री के 23 कारतूस बरामद हुए हैं, उनको देवबंद थाने में तैनात सिपाही ने पांच हजार रुपये में बेचा था। इससे पहले भी आरोपी थ्री नॉट थ्री के बड़ी संख्या में कारतूस खरीदकर सप्लाई कर चुके हैं। क्राइम ब्रांच में तैनात एक सिपाही का शवी और रजी से कनेक्शन सामने आ रहा है। एसपी सिटी का कहना है कि दोनों की सिपाही से जान-पहचान की बात सामने आई है। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि शवी का पुलिस वालों के साथ काफी उठना-बैठना था।

UP Crime: Meerut police has revealed that Suppliers were supply of illegal arms and see photos
आरोपी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

'अफजाल की मुखबिरी की थी, इसलिए फंसाया’
पुलिस कस्टडी में दोनों आरोपियों ने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने गांव के अफजाल को गोकशी में पकड़वाया था। तब से आरोपी रंजिश रखते हैं। हम परिवार के साथ बाहर गए हुए थे, अफजाल और उनके साथियों ने हथियार घर में रखकर फंसा दिया।

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आरोपी गिरफ्तार - फोटो : amar ujala

पड़ोसी की है लाइसेंसी राइफल
आरोपियों के घर से मिली 315 बोर की राइफल उनके पड़ोसी मिनाज की है। आरोपियों ने बताया कि आजकल मिनाज का मकान बन रहा है, जिसके चलते उसने अपनी लाइसेंसी राइफल उनके घर में रख दी थी। पुलिस उसे भी ले आई है।

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एसपी सिटी विनीत भटनागर - फोटो : amar ujala

हत्या के मामले में जा चुके हैं जेल
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि आरोपी 1999 में गांव में एक हत्या के मामले में भी जेल जा चुके हैं। इनके खिलाफ पुराने मामलों की भी जानकारी की जा रही है। इनके खिलाफ उस समय भी हत्या के साथ ही अवैध हथियारों की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।

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