मेरठ में दौराला पुलिस ने हथियार और कारतूसों की तस्करी के मामले में रुहासा के पूर्व उप प्रधान सदरुद्दीन के दो बेटों शवी अख्तर व रजी अख्तर को गिरफ्तार कर चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपी सिर्फ हथियार तस्करी ही नहीं, बल्कि कारतूस बनाने का धंधा भी कर रहे थे। पुलिस की थ्री नॉट थ्री राइफल तक के कारतूस इनके पास रहते थे। इस काले धंधे में शस्त्र विक्रेता से लेकर खाकी वालों के नाम भी जुड़ रहे हैं।
हथियारों के सप्लायर: सिपाही से निकला ये बड़ा कनेक्शन, सामने आई खौफनाक सच्चाई, सबूत हैं ये तस्वीरें
देवबंद थाने के सिपाही ने बेचे थे कारतूस, क्राइम ब्रांच का सिपाही भी घेरे में
जो थ्री नॉट थ्री के 23 कारतूस बरामद हुए हैं, उनको देवबंद थाने में तैनात सिपाही ने पांच हजार रुपये में बेचा था। इससे पहले भी आरोपी थ्री नॉट थ्री के बड़ी संख्या में कारतूस खरीदकर सप्लाई कर चुके हैं। क्राइम ब्रांच में तैनात एक सिपाही का शवी और रजी से कनेक्शन सामने आ रहा है। एसपी सिटी का कहना है कि दोनों की सिपाही से जान-पहचान की बात सामने आई है। आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। बताया गया है कि शवी का पुलिस वालों के साथ काफी उठना-बैठना था।
'अफजाल की मुखबिरी की थी, इसलिए फंसाया’
पुलिस कस्टडी में दोनों आरोपियों ने कहा कि कुछ समय पहले उन्होंने गांव के अफजाल को गोकशी में पकड़वाया था। तब से आरोपी रंजिश रखते हैं। हम परिवार के साथ बाहर गए हुए थे, अफजाल और उनके साथियों ने हथियार घर में रखकर फंसा दिया।
पड़ोसी की है लाइसेंसी राइफल
आरोपियों के घर से मिली 315 बोर की राइफल उनके पड़ोसी मिनाज की है। आरोपियों ने बताया कि आजकल मिनाज का मकान बन रहा है, जिसके चलते उसने अपनी लाइसेंसी राइफल उनके घर में रख दी थी। पुलिस उसे भी ले आई है।
हत्या के मामले में जा चुके हैं जेल
एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि आरोपी 1999 में गांव में एक हत्या के मामले में भी जेल जा चुके हैं। इनके खिलाफ पुराने मामलों की भी जानकारी की जा रही है। इनके खिलाफ उस समय भी हत्या के साथ ही अवैध हथियारों की रिपोर्ट दर्ज हुई थी।