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Panipat News: तीन लाख में बेचने के लिए किया था अपहरण, जेल में रची सजिश
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माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। पूरेवाल कॉलोनी से अपहृत पांच साल के आहद को सातवें दिन सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मामले में दिल्ली जीटी रोड नरेला बाईपास से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। मुख्य आरोपी शंकर को अपहरण करने पर एक लाख और दूसरे आरोपियों को आगे से दो लाख रुपये मिलने थे।
पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण के अनुसार, दोनों की यूपी की हरदोई जेल में मुलाकात हुई थी। इनमें मुख्य आरोपी शंकर पिछले पांच महीने से पानीपत के डाहर में किराये का मकान लेकर रह रहा था। दोनों पर चोरी की एक-एक प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस अब इस कड़ी में तीसरे आरोपी की तलाश में लगी है। बच्चा सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की लंबी सांस ली है। आरोपी बच्चे को यूपी के लखनऊ ले गया था।
एसपी ने बताया कि आहद के पिता मोहम्मद चांद पूरेवाल कॉलोनी में मीट की रेहड़ी लगाते हैं। 15 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे आहद रेहड़ी के पास खेल रहा था। कुछ देर बाद वह वहां नहीं मिला। तलाश के बाद भी सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों को छह दिन के रिमांड पर लिया है। एसपी ने बताया कि यह पता लगाया जाएगा कि बच्चे को आगे किसे सौंपा जाना था और मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
शंकर पांच महीने से डाहर गांव में किराये पर रह रहा था। दो साल पूर्व वह पूरेवाल कॉलोनी में किराए पर रह चुका है। दोनों आरोपियों पर चोरी की एक-एक प्राथमिकी दर्ज है। -मेधा भूषण, एसपी
खेलते समय पीछे से पकड़ लिया...
आहद ने मां को बताया कि मैं खेल रहा था। तभी अंकल आए। उन्होंने मुझे पीछे से पकड़ लिया। कहा तेरे पापा बाइक लेकर खड़े हैं। तुझे छोड़ देता हूं। अंकल मुझे ऑटो में बैठा ले गए। मैंने पापा के बारे में पूछा तो बोले आगे मिलेंगे और मुझे समोसा खिलाने की बात कही। वे मुझे बस स्टैंड पर ले गए। यहां बस में ही कपड़े बदले। मैंने कहा कि पापा के पास ले जाओ तो अंकल ने कहा कि अब तेरे पापा के पास नहीं लेकर जाएंगे और मुझे चुप करा दिया।
समोसे का लालच देकर बस से लखनऊ ले गया
शंकर ने बच्चे को पिता के पास ले जाने की बात कहकर अपने साथ लिया था। 15 सितंबर की दोपहर वह रेहड़ी के आसपास घूमकर रेकी कर रहा था। शाम को उसने अकेले खेल रहे आहद को समोसे का
लालच दिया और उसे अपने साथ ले गया। इसके बाद वह सिवाह बस अड्डे से बस में बैठकर बच्चे को लखनऊ ले गया। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
30 पुलिसकर्मियों ने खंगाले 100 से अधिक कैमरे
एसपी ने बताया कि सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। 30 पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और अन्य सूचनाओं के आधार पर पुलिस एक-एक कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंची। सोमवार को नरेला बाईपास से दोनों आरोपियों को पकड़कर बच्चे को बरामद कर लिया गया।
बेटे को देखकर मां की आंखों में आए आंसू
आहद की मां फिरदौस ने बताया कि बेटे के लापता होने के बाद परिवार ने पूरी कॉलोनी में उसकी तलाश की। शुरुआत में उन्हें बेटे के जल्द मिलने की उम्मीद थी, लेकिन दिन बीतने के साथ चिंता बढ़ती गई। पुलिस की जांच आगे बढ़ने की जानकारी से उन्हें उम्मीद बनी रही। सोमवार आधी रात जब आहद उनके पास पहुंचा तो उन्हें राहत मिली।
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पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण के अनुसार, दोनों की यूपी की हरदोई जेल में मुलाकात हुई थी। इनमें मुख्य आरोपी शंकर पिछले पांच महीने से पानीपत के डाहर में किराये का मकान लेकर रह रहा था। दोनों पर चोरी की एक-एक प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस अब इस कड़ी में तीसरे आरोपी की तलाश में लगी है। बच्चा सकुशल मिलने पर परिजनों ने राहत की लंबी सांस ली है। आरोपी बच्चे को यूपी के लखनऊ ले गया था।
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एसपी ने बताया कि आहद के पिता मोहम्मद चांद पूरेवाल कॉलोनी में मीट की रेहड़ी लगाते हैं। 15 सितंबर की शाम करीब 7:30 बजे आहद रेहड़ी के पास खेल रहा था। कुछ देर बाद वह वहां नहीं मिला। तलाश के बाद भी सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। थाना पुराना औद्योगिक क्षेत्र में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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पुलिस ने दोनों आरोपियों को छह दिन के रिमांड पर लिया है। एसपी ने बताया कि यह पता लगाया जाएगा कि बच्चे को आगे किसे सौंपा जाना था और मामले में कौन-कौन लोग शामिल हैं।
शंकर पांच महीने से डाहर गांव में किराये पर रह रहा था। दो साल पूर्व वह पूरेवाल कॉलोनी में किराए पर रह चुका है। दोनों आरोपियों पर चोरी की एक-एक प्राथमिकी दर्ज है। -मेधा भूषण, एसपी
खेलते समय पीछे से पकड़ लिया...
आहद ने मां को बताया कि मैं खेल रहा था। तभी अंकल आए। उन्होंने मुझे पीछे से पकड़ लिया। कहा तेरे पापा बाइक लेकर खड़े हैं। तुझे छोड़ देता हूं। अंकल मुझे ऑटो में बैठा ले गए। मैंने पापा के बारे में पूछा तो बोले आगे मिलेंगे और मुझे समोसा खिलाने की बात कही। वे मुझे बस स्टैंड पर ले गए। यहां बस में ही कपड़े बदले। मैंने कहा कि पापा के पास ले जाओ तो अंकल ने कहा कि अब तेरे पापा के पास नहीं लेकर जाएंगे और मुझे चुप करा दिया।
समोसे का लालच देकर बस से लखनऊ ले गया
शंकर ने बच्चे को पिता के पास ले जाने की बात कहकर अपने साथ लिया था। 15 सितंबर की दोपहर वह रेहड़ी के आसपास घूमकर रेकी कर रहा था। शाम को उसने अकेले खेल रहे आहद को समोसे का
लालच दिया और उसे अपने साथ ले गया। इसके बाद वह सिवाह बस अड्डे से बस में बैठकर बच्चे को लखनऊ ले गया। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
30 पुलिसकर्मियों ने खंगाले 100 से अधिक कैमरे
एसपी ने बताया कि सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। 30 पुलिसकर्मियों ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी विश्लेषण और अन्य सूचनाओं के आधार पर पुलिस एक-एक कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंची। सोमवार को नरेला बाईपास से दोनों आरोपियों को पकड़कर बच्चे को बरामद कर लिया गया।
बेटे को देखकर मां की आंखों में आए आंसू
आहद की मां फिरदौस ने बताया कि बेटे के लापता होने के बाद परिवार ने पूरी कॉलोनी में उसकी तलाश की। शुरुआत में उन्हें बेटे के जल्द मिलने की उम्मीद थी, लेकिन दिन बीतने के साथ चिंता बढ़ती गई। पुलिस की जांच आगे बढ़ने की जानकारी से उन्हें उम्मीद बनी रही। सोमवार आधी रात जब आहद उनके पास पहुंचा तो उन्हें राहत मिली।