फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

यूपी: अस्पताल में नहीं मिला स्ट्रेचर, फर्श पर महिला को प्रसव, नवजात की मौत, एंबुलेंस न मिलने पर बाइक से लाया था पति

Sun, 07 Jun 2020 07:44 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फतेहपुर Published by: प्रभापुंज मिश्रा Updated Sun, 07 Jun 2020 07:44 PM IST
विज्ञापन
Stretcher not found in hospital, woman delivered new born baby on floor
अस्पताल में प्रसव के बाद फर्श पर पड़ी महिला - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां विभागीय लापरवाही के चलते जिला अस्पताल के गेट पर नवजात ने दम तोड़ दिया। करीब डेढ़ घंटे इंतजार के बाद एंबुलेंस न पहुंचने पर पति गर्भवती पत्नी को बाइक से लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचा। यहां अस्पताल के गेट पर स्ट्रेचर न मिलने पर महिला ने फर्श पर ही बच्चे को जन्म दिया। 


 
Stretcher not found in hospital, woman delivered new born baby on floor
अस्पताल के गेट पर नहीं मिला स्ट्रेचर - फोटो : amar ujala
किलकारियां गूंजने से पहले ही नवजात की मौत से परिजनों ने आपा खो दिया। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगा हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बच्चा पहले से ही मरा हुआ था। जच्चा का इलाज किया जा रहा है। थरियांव सीएचसी के बसावनपुर गांव के जयवीर की पत्नी सरिता को रविवार की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

 
Stretcher not found in hospital, woman delivered new born baby on floor
अस्पातल के गेट पर तड़पती रही महिला कोई मदद को नहीं आया - फोटो : amar ujala
पति ने गांव की आशा कार्यकर्ता को सूचना दी। जयवीर के कहने पर आशा ने अपने मोबाइल से 108 नंबर को इत्तला की। जयवीर के मुताबिक डेढ़ घंटे से ज्यादा समय तक इंतजार करने के बाद जब एंबुलेंस नहीं आई तो पत्नी को बाइक से जिला अस्पताल ले जाने का फैसला लिया। बताया कि जिला महिला अस्पताल में आने के बावजूद समय से इलाज नहीं मिला, जिससे बच्चे की जान नहीं बचाई जा सकी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Stretcher not found in hospital, woman delivered new born baby on floor
डीएम ने जारी किया नोटिस - फोटो : amar ujala
बच्चे की मौत से मां भी सदमे में है। परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य कर्मी संजीदा होते तो गेट पर प्रसव न होता। सीएमएस डॉ रेखा रानी का कहना है कि लॉकडाउन के चलते महिला तीन महीने से चेकअप कराने नहीं पहुंच सकी। प्रसव पीड़ा के बाद उसे डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करना पड़ा। उनका कहना है कि नवजात पूर्णरूप से विकसित नहीं हुआ था। वह दो-तीन दिन पहले ही गर्भ में मर चुका था।

 
विज्ञापन
Stretcher not found in hospital, woman delivered new born baby on floor
अस्पताल प्रशासन बोला तीन दिन पहले ही मर चुका था बच्चा - फोटो : amar ujala
जच्चा को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रबंधन से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं  हुई है, बल्कि जैसे ही पता चला, सारा स्टाफ दौड़कर महिला के पास जा पहुंचा। अस्पताल के बाहर महिला को स्ट्रेचर ना मिलने पर अस्पताल मैनेजर को डीएम ने नोटिस दे दी है और 102 एम्बुलेंस के मौके पर ना पहुंचने के कारणों की पड़ताल के लिए डीएम ने सीएमएस को जांच के आदेश दिए हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed