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अलीगढ़-कानपुर के बीच क्रूड ऑयल की खोज, जीपीएस से यहां में मिले संकेत, खेत मालिक होंगे मालामाल

Wed, 14 Nov 2018 09:39 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Wed, 14 Nov 2018 09:39 AM IST
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Search of crude oil between Aligarh to Kanpur
डेमो पिक

कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की खोज में ओएनजीसी की टीम ने इटावा के नगला सबी पश्चिम गांव में डेरा जमा लिया है। बोरिंग और वैज्ञानिक विधियों से क्षेत्र में कच्चे तेल की खोज भी शुरू कर दी गई है। मंगलवार को जमीन के अंदर डीजल-पेट्रोल के संकेत मिलने पर ऑयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन यानी ओएनजीसी की टीम चौबिया के नगला सबी पश्चिम गांव में पहुंची। टीम के साथ मौजूद कर्मचारी श्याम सिंह व रामू सिंह ने बताया कि प्रदेश में कच्चे तेल की खोज को लेकर अलीगढ़ से कानपुर तक प्रयास चल रहे हैं। यह कार्य करीब दो महीने से चल रहा है और तकरीबन छह महीने तक चलेगा। जहां भी तेल होने के संकेत मिले हैं। उस जगह पर 100 फीट गहरी बोरिंग की जा रही है। यह बोरिंग कई जगह होगी। बोरिंग से 60 मीटर की दूरी पर जीपीएस सैटेलाइट सिस्टम लगाए जा रहे हैं। बोरिंग होने के बाद शूटर मशीन से जमीन के अंदर ब्लास्ट किया जाएगा जो करीब सात किमी गहराई तक जाएगा।


 

Search of crude oil between Aligarh to Kanpur
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इसके बाद जीपीएस सिस्टम से तेल के भंडार होने का पता चलेगा।  उन्होंने बताया कि परीक्षण कार्य के लिए यहां पर गांव नगला सबी पश्चिमी, भोजपुर रामायन, नगला पाये, मुगलपुरा, नगला हरजू आदि अन्य गांवों को मिलाकर करीब पांच किमी दायरे को शामिल किया गया है। इसके लिए जगह-जगह तंबू लगाकर करीब 500 मजदूरों को रखा गया है। इधर, ओएनजीसी की टीम के आने पर ग्रामीणों का  मजमा लगा रहा। उनकी उत्सुकता परीक्षण के तरीकों पर रही। 

 

Search of crude oil between Aligarh to Kanpur
डेमो पिक

पहले से ही तैयार हुआ प्लान 
ओएनजीसी के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि इस पूरे परीक्षण कार्य का प्लान पहले ही तैयार कर लिया गया था। प्लान के तहत अभी वैज्ञानिक तरीके से सर्वे का काम चल रहा है। डाटा एकत्रित किए जा रहे हैं। इस सर्वे का नाम टू डी सेशलिक है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद रिपोर्ट भूगर्भ वैज्ञानिकों को दी जाएगी। वैज्ञानिक ही पुष्टि करेंगे कि जमीन के नीचे कहां पर क्रूड ऑयल हो सकता है। 

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Search of crude oil between Aligarh to Kanpur
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रिफाइन होकर बनेगा डीजल-पेट्रोल 
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर के मुताबिक जिस जगह क्रूड ऑयल पाया जाता है। वहां से जमीन के अंदर ही अंदर पाइप लाइन के जरिये उसे समीप की रिफाइनरी तक पहुंचाया जाता है। रिफाइनरी में क्रूड ऑयल से पेट्रोल, डीजल व कैरोसिन आदि बनाए जाते हैं। रिफाइनरी तक पहुंचाने की समूची प्रक्रिया सरकार करेगी।  

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खेत के मालिक को होगा फायदा 
प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर ने बताया कि जिस जमीन या खेत में क्रूड ऑयल निकलता है। सरकार स्वयं उस जमीन के मालिक से संपर्क करेगी। क्रूड ऑयल के एवज में सरकार उसे रकम देगी। इसके बाद ही पाइप लाइन से क्रूड ऑयल रिफाइनरी भेजा जाएगा।  
 जमीन रहेगी उपजाऊ 
जमीन के अंदर से क्रूड ऑयल निकलने के बाद भी उसके उपजाऊपन पर कोई विपरित असर नहीं पड़ेगा। अर्थात किसान की  उपजाऊ भूमि बर्बाद नहीं होगी। उस पर पहले की तरह खेती होती रहेगी। जमीन के अंदर से निकलने वाला क्रूड ऑयल काफी गहराई में रहेगा।
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