कानपुर धर्मांतरण कांड: शमीम खुद को बताता था बस्ती का शहंशाह, दबंगई से परेशान कइयों ने किया पलायन, पढ़ें मामला
Kanpur News: गुजैनी की कच्ची बस्ती में धर्मांतरण के दबाव और मारपीट के आरोप में शमीम समेत पांच आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपी ग्रीन बेल्ट पर कब्जा कर अवैध बस्ती चलाता था और किराया न देने वाले गरीबों पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था।
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कानपुर में गुजैनी के राम गोपाल चौराहे के पास स्थित कच्ची बस्ती में धर्मांतरण न करने पर पीटने का मामला सामने आने के बाद मुख्य आरोपी शमीम की कारगुजारियां सामने आ रही हैं। वह खुद को बस्ती का शहंशाह बताता था। आए दिन लोगों के साथ मारपीट करना उसके लिए आम बात रही। यही कारण था उसकी दबंगई से परेशान होकर कइयों ने पलायन तक कर लिया। आरोपी सात-आठ साल पहले बस्ती में अकेला रहने आया था।
इसके बाद उसने हाईटेंशन लाइन के नीचे ग्रीन बेल्ट की जमीन कब्जाई। वहां अपने समुदाय के 25 परिवारों को बसा दिया जो उसके परिचित थे। जमीन को अवैध रूप से 40-70 हजार रुपये में हिन्दू समुदाय के गरीब लोगों को बेचा। कई लोगों को दो हजार रुपये प्रति माह के किराये पर भी रखा। जो किराया नहीं दे पाए तो उनपर धर्मांतरण का दबाव बनाया। आरोपी की दबंगई के चलते कोई आवाज नहीं उठा पाता था।
तंग आकर परिवार पलायन कर गया
अब उस पर पुलिस का शिकंजा कसने के बाद शिकायतकर्ता सामने आ रहे हैं। बस्ती निवासी कौशल्या, जितेंद्र, योगेंद्र, सावित्री, हरिओम, राजेश गौतम, सुशील जाटव के मुताबिक शमीम खुद को बस्ती का शहंशाह बताता था। कई लोगों की मजदूरी न चलने पर उनका किराया माफ करने के बदले में उन पर धर्मांतरण का दबाव बनाता। बस्ती में एक गरीब ब्राह्मण परिवार को परेशान करने के लिए उनके घर के आगे हड्डी के टुकड़े, मांस फिंकवा देता था। उन पर भी धर्मांतरण का दबाव बनाया। तंग आकर परिवार पलायन कर गया।
पुलिस का पहरा, एलआईयू भी सक्रिय
हिंदू संगठनों के बवाल के बाद बुधवार को पूरी बस्ती में नौबस्ता सर्किल का पुलिस फोर्स पहरा देता रहा। बाहरी व्यक्ति के ऊपर नजर रखी गई। वहीं, एलआईयू भी सक्रिय हो गई। टीम ने बस्ती के लोगों से शमीम और उसके लोगों के बारे में जानकारी जुटाई। हालांकि, हिंदू जागरण मंच के मयंक सहित अन्य कार्यकर्ता सोनू जाटव से मिलने पहुंचे। उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए हमेशा साथ देने की बात कही।
मुख्य आरोपी सहित पांच गए जेल
धर्मांतरण न करने पर मारपीट करने के आरोप में ई-रिक्शा चालक सोनू जाटव की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने बुधवार को शमीम, उसके बेटे शीबू, अरमान, अरसलान और अमिर खान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बता दें कि गुजैनी कच्ची बस्ती में आरोपियों ने सोमवार रात धर्मांतरण का विरोध करने और घर में जबरन बनवाई गई मजार हटाने के लिए कहने पर सोनू और उसके परिवार को पीटा गया था। सूचना पर भाजपा, हिंदू जागरण मंच, विहिप और बजरंग दल समेत कई संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर थाने का घेराव किया था।
शुरुआत में मारपीट की धारा में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। हालांकि, धर्मांतरण का दबाव बनाने के आरोप भी सही पाए जाने पर सभी के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा बढ़ाकर कार्रवाई की गई है। घटना के फरार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। -दीपेंद्रनाथ चौधरी, डीसीपी साउथ