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Lockdown in kanpur: 56 दिन बाद खुले बाजार, ग्राहकों के न पहुंचने से छाया रहा सन्नाटा, तस्वीरें

Wed, 20 May 2020 10:41 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Wed, 20 May 2020 10:41 PM IST
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Lockdown in kanpur: Open market after 56 days, see the condition of kanpur
कानपुर में लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
लॉकडाउन-चार में हॉटस्पॉट को छोड़कर बाकी इलाके की दुकानों और बाजारों को कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी गई है। 56 दिन बाद बुधवार सुबह 10 से शाम छह बजे तक बिल्डिंग मैटीरियल, इलेक्ट्रॉनिक, मोबाइल, बर्तन, फर्नीचर आदि की दुकानें और शोरूम खोले गए। इन उत्पादों के थोक बाजार भी खोले गए।


हालांकि ग्राहकों के न पहुंचने से सन्नाटा ही छाया रहा। मोबाइल और इलेक्ट्रिक की दुकानों में जरूर ग्राहक नजर आए पर उम्मीद से काफी कम। दुकानदारों का मानना है कि अभी यह सन्नाटा टूटने में समय लगेगा। क्योंकि ग्राहक अभी भ्रम और डर की स्थिति में है। हालांकि दुकानों में कोरोना से बचाव के सारे प्रबंध किए गए हैं।
Lockdown in kanpur: Open market after 56 days, see the condition of kanpur
कानपुर में लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
प्रमुख बाजारों का हाल
मनीराम बगिया: दुकानदारों का मन अभी बाग-बाग नहीं
मनीराम बगिया इलेक्ट्रानिक आइटम का थोक बाजार है। यहां 250 से अधिक दुकानें हैं। शहर के अलावा दूसरे जिलों से भी लोग यहां सामान लेने पहुंचते हैं। आम दिनों में यहां पैदल चलना भी दूभर होता है। लेकिन कई दिन बाद बाजार खुलने पर भी यहां ग्राहक नजर नहीं आए। दो-चार लोग पहुंचे भी तो वे बाजार का हालचाल लेते ही नजर आए। इससे दुकानदारों में मायूसी रही।

भूसाटोली बर्तन बाजार: यहां बर्तन तो बहुत पर आवाज नहीं हुई
बर्तन बाजार में छोटी-बड़ी पांच सौ से अधिक फर्म हैं। इस बाजार में भी सबसे अधिक बाहरी जिलों का व्यापारी आता है। कोरोना की दहशत और अभी तक चली आ रही सख्ती का असर यहां भी नजर आया। दुकानें तो खुलीं लेकिन ग्राहक नहीं पहुंचे। पहले की तरह यहां मचने वाला बर्तनों का शोर सुनाई नहीं दिया। लगा ही नहीं कि ये वही बर्तन बाजार है, जहां से मजाल है कि आप पैदल भी आराम से निकल सकें।
 
Lockdown in kanpur: Open market after 56 days, see the condition of kanpur
कानपुर में लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
सागर मार्केट: अभी नहीं चली ग्राहकों की लहर
कराचीखाना और एक्सप्रेस रोड तक गुलजार हो चुके इलेक्ट्रानिक आइटम के बाजार सागर मार्केट में कुछ ग्राहक जरूर नजर आए। चूंकि यह मोबाइल का बहुत बड़ा बाजार बन चुका है। कहने को तो बाजार में 72 दुकानें हैं लेकिन आमदिनों में यहां रोजाना तीन से चार हजार लोगों की आवाजाही होती है। दुकानदारों को उम्मीद है कि जल्द ही सागर मार्केट में भी ग्राहकों की लहरें आएंगी।
अफीम कोठी लोहा मंडी : ग्राहक न आने से रही ठंडी
पुराने व नये लोहे के अलावा फैब्रिकेशन का शहर में यहां सबसे बड़ा काम होता है। प्रदेश की तमाम मिलों में यहीं से माल जाता और आता है। यह मंडी सैकड़ों श्रमिकों और कर्मचारियों का पेट पालती है। बुधवार को यह मंडी खुली जरूर लेकिन ठंडी रही। ग्राहक तो थे नहीं, मंडी में श्रमिक भी कम नजर आए। व्यापारियों के मुताबिक लॉकडाउन के चलते सभी अपने-अपने गांव चले गए हैं।

शहर के अन्य बाजारों का हाल
गोविंदनगर धर्मकांटा स्थित बिल्डिंग मैटेरियल बाजार, चावला मार्केट का फर्नीचर बाजार भी खुला लेकिन यहां भी ग्राहक नहीं नजर आए। जीटी रोड स्थित ऑटोमोबाइल शोरूम भी खुले। यहां कर्मचारी सफाई करते नजर आए लेकिन ग्राहक नहीं थे।
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कानपुर में लॉकडाउन - फोटो : अमर उाजला
व्यापारियों से बातचीत
इतने लंबे लॉकडाउन के बाद बाजार की सभी 250 से अधिक दुकानें खुली थीं। यहां सबसे अधिक दूसरे जिलों का व्यापारी आता है। अभी इनके आने में समय लगेगा। गर्मी के सीजन का 75 फीसदी से अधिक का काम तो लॉकडाउन के चलते बर्बाद हो चुका है। - राजीव मेहरोत्रा, अध्यक्ष, कानपुर इलेक्टिक कॉन्ट्रैक्टर्स मर्चेंट वेलफेयर एसोसिएशन

दुकान खोल ली है। केवल चार लोग ही दुकान के भीतर रहेंगे। कोरोना का डर हम लोगों में भी है। ग्राहक अभी बेहद कम हैं। स्थिति सामान्य होनी में लंबा समय लगेगा। हालांकि दुकानें खुल गई हैं। इसलिए अब अच्छा लग रहा है। - सुरजीत सिंह, इलेक्ट्रानिक कारोबारी, सागर मार्केट

लोग अभी मकान नहीं बनवा रहे हैं। इसलिए मांग नहीं है। श्रमिकों की भी बाजार में कमी है। अभी पुराना लोड माल ही आ रहा है। उसी का रखरखाव किया जा रहा है। आगे स्थिति बेहतर होंगी। - प्रेमचंद्र गुप्ता, लोहा व्यापारी अफीमकोठी

बाजार खुलने से उद्योगों को कच्चा माल सप्लाई कर पाएंगे। हालांकि श्रमिकों के गांव चले जाने से परेशानी आ रही है। उन्हें बुलाना शुरू कर दिया है। आगे बेहतर होने की उम्मीद है। - महेश सोनी, महामंत्री, आयरन एंड स्टील ट्रेडर्स एसोसिएशन

लाजपत नगर में हर तरह का बाजार है। मिठाई की सभी दुकानें खुल चुकी हैं। सभी जगहों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। हार्डवेयर की भी दुकानें खोली गईं। उम्मीद है कि जल्द ही धंधा पटरी पर आ जाएगा। - कपिल सब्बरवाल, व्यापारी लाजपत नगर

 
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कानपुर में लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
इन वजहों से भी ग्राहक नहीं पहुंच रहे
- कलक्टरगंज, लाटूश रोड, बिरहाना रोड, रामनारायण बाजार हॉटस्पाट हैं। यहीं थोक बाजार भी हैं। कोरोना की दहशत के चलते ग्राहक नहीं आ रहे।
- पुलिस बाजार में आने-जाने वालों पर सख्ती भी कर रही है। बाहरी व्यक्ति कैश लेकर आता है। इसलिए सख्ती कम की जाए।
- धीरे-धीरे बाजार रोजाना खोले जाएं, तभी बाहरी ग्राहक आएंगे।
- बाजारों में श्रमिकों-पल्लेदारों की बड़ी समस्या है।
- बाजारों में बंदी के दिन सैनिटाइजेशन कराया जाए।

सरकार से मांगी मदद
सभी बाजारों के व्यापारियों-कारोबारियों का कहना है कि सरकार ने कई आर्थिक पैकेज घोषित किए हैं लेकिन आम व्यापारी को कोई राहत नहीं दी गई है। सरकार व्यापारियों के बिजली के बिल, बैंक किस्त, निजी स्कूलों की फीस, कर्मचारियों के वेतन भुगतान में मदद करे।
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