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कानपुर अलविदा 2024: राजनीति में दिखे नए रंग, भाजपा-सपा से नए चेहरे बने माननीय, तीन ऐसे मामले जिनकी रही चर्चा

Mon, 30 Dec 2024 12:44 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: हिमांशु अवस्थी Updated Mon, 30 Dec 2024 12:44 PM IST
सार

Kanpur News: वरिष्ठ पत्रकार के रूप में लंबा कार्यकाल पूरा करने और आम पार्टी आयोजित कर पहचान बनाने वाले रमेश अवस्थी भी इस वर्ष चर्चा में रहे। वहीं, इरफान सोलंकी की विधानसभा की सदस्यता निरस्त कर दी गई। सीसामऊ उपचुनाव में सोलंकी परिवार से पहली बार महिला के रूप में नसीम सोलंकी (इरफान की पत्नी) उतरीं और विधायक बन गईं।

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Kanpur Goodbye 2024 New colours seen in politics new faces from BJP SP became honourable three cases discussed
नसीम सोलंकी - फोटो : amar ujala

इरफान की गई विधायकी, नसीम पहली ही बार में बनीं विधायक


सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे इरफान सोलंकी ऐसे पहले विधायक हैं, जिनकी विधानसभा की सदस्यता निरस्त कर दी गई। इरफान के आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने पर कोर्ट से सजा मिलने की वजह से ऐसा हुआ है। सदस्यता जाने के बाद सीसामऊ में हुए उपचुनाव में सोलंकी परिवार से पहली बार महिला के रूप में नसीम सोलंकी (इरफान की पत्नी) उतरीं और सारे समीकरणों को फेल करते हुए विधायक बन गईं। इस तरह से सीसामऊ विधानसभा क्षेत्र में लगातार सोलंकी परिवार का दबदबा बना हुआ है। सबसे पहले इरफान के पिता हाजी मुस्ताक सोलंकी विधायक बने थे।

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रमेश अवस्थी व देवेंद्र सिंह भोले जीत के बाद गले मिलते हुए - फोटो : अमर उजाला

अचानक से भाजपा में उभरे रमेश, पहली बार में ही बन गए सांसद
वरिष्ठ पत्रकार के रूप में लंबा कार्यकाल पूरा करने और आम पार्टी आयोजित कर पहचान बनाने वाले रमेश अवस्थी भी इस वर्ष चर्चा में रहे। वैसे तो भाजपा में उनकी सक्रियता 2014 से शुरू हो गई थी, जब उन्होंने बांदा से लोकसभा के लिए टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन महानगर सांसद के रूप में वह ऐसे पहले भाजपा नेता हैं, जो इससे पहले किसी भी चुनाव में नहीं उतरे थे। रमेश अवस्थी को उनकी सक्रियता के चलते केंद्र सरकार की दो कमेटियों काॅमर्स एंड इंडस्ट्री और पेट्रोलियम कमेटी में सदस्य की जिम्मेदारी भी दी गई है। महानगर लोकसभा क्षेत्र में आने वाली पांच विधानसभा सीटों में तीन सपा के खाते में होने के बावजूद वह भाजपा से जीत हासिल करने में कामयाब हुए।

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लाल बंगला स्थित महाना निवास पर पूर्व विधायक अजय कपूर के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता व कई पार्षद गण - फोटो : अमर उजाला

तीन बार कांग्रेस से विधायक रहे अजय कपूर ने थामा भगवा दामन
लंबे समय तक अटकलों के बाद कांग्रेस के बड़े नेता के रूप में चर्चित अजय कपूर इस वर्ष भाजपाई हो गए। उनका कांग्रेस में राजनीतिक जीवन करीब 35 वर्ष का रहा। सभासद से शुरुआत कर लगातार तीन बार कांग्रेस के टिकट से वह विधायक चुने गए। अजय कपूर कांग्रेसी नेता के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री और दिग्गज कांग्रेसी श्रीप्रकाश जायसवाल को अक्सर टक्कर देते रहे हैं। वह कांग्रेस संगठन में जिले से लेकर प्रदेश और राष्ट्रीय पदाधिकारी भी रहे हैं। कई प्रदेशों में अलग-अलग समय में वह पार्टी की ओर से प्रभारी भी बनाए गए। जिस समय उन्होंने भाजपा का दामन थामा, उस समय भी वह बिहार के प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। करीब छह साल तक उन्होंने बिहार में कांग्रेस को आगे बढ़ाने की भूमिका निभाई।

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आलोक मिश्रा - फोटो : amar ujala

शहर कांग्रेस को मिला नया नेता
दो बार केंद्रीय मंत्री और तीन बार के सांसद श्रीप्रकाश जायसवाल के बढ़ती उम्र के चलते सक्रिय राजनीति से अलग होने, अजय कपूर के भाजपा में जाने से महानगर में नेता विहीन हुई कांग्रेस को आलोक मिश्रा के रूप में नया नेता मिला। इस साल पहली बार पार्टी की ओर से लोकसभा टिकट पर प्रत्याशी बनाए गए आलोक ने चार लाख 22 हजार से अधिक वोट पाकर बाकी कांग्रेसियों को पीछे छोड़ दिया। संगठन स्तर पर भी वह राष्ट्रीय इकाई से प्रदेश इकाई तक कई पदों पर भी रहे हैं। उनकी पत्नी भी महापौर का चुनाव लड़ चुकी हैं। कांग्रेस में उनकी सक्रियता 1984 से बताई जाती है। इन सभी वजहों से वह पूरे वर्ष चर्चा में रहे हैं।

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काकादेव कोचिंग मंडी का मामला - फोटो : अमर उजाला

काकादेव के दो नामी शिक्षकों पर लगा दुष्कर्म का आरोप
काकादेव कोचिंग मंडी भी इस साल विवादों के घेरे में रही। एक नामी कोचिंग में जीव विज्ञान पढ़ाने वाले शिक्षक साहिल सिद्दीकी और रसायन विज्ञान पढ़ाने वाले विकास पोरवाल ने नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा को ब्लैकमेल कर सात माह तक दुष्कर्म किया। पहले तो छात्रा सब कुछ सहती रही और फिर घर चली गई। करीब एक साल बाद पीड़ित छात्रा ने कल्याणपुर थाने में दोनों शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी शिक्षकों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। आरोपी साहिल सिद्दीकी पर पहले भी कोचिंग की एक छात्रा से अश्लील हरकत करने का आरोप लगा था तो काकादेव पुलिस ने उसे जेल भेजा था। तब शिक्षक की गिरफ्तारी को लेकर कोचिंग के छात्र-छात्राओं ने सड़क जाम कर हंगामा किया था।

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