यूपी के कानपुर में बैकिंग इतिहास की सबसे आश्चर्यजनक वारदात हुई। बैंक के 32 लाॅकराें काे ताेड़ कर कराेड़ाें का माल साफ कर लिया गया अाैर पुलिस की कान में जूं तक नहीं रेंगा। जब खाताधारकाें काे इसकी जानकारी हुई ताे उनके पैराें तले जमीन खिसक गई। एक युवक अंदर से अाया अाैर अपने भाई काे देखकर बाेला भईया..सिर्फ मां का मंगल सूत्र ही बचा है बाकी सब कुछ लुट गया अाैर फफक कर राे पड़ा।
बैंका में डाका पड़ने के बाद फफक कर राे पड़े लाेग
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बैंका में डाका पड़ने के बाद फफक कर राे पड़े लाेग
कानपुर में पशुपति नगर के यूनियन बैंक में चोरी की खबर के साथ ही खाताधारकों को पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। पहले तो खाताधारकों ने इसे मामूली चोरी समझा, लेकिन जैसे ही उन्हें स्ट्रांग रूम के अंदर लॉकर टूटने की जानकारी हुई तो सभी ने रिश्तेदारों और मिलने वालों को फोन घनघनाना शुरू कर दिया।
हर अांख दिखी नम
कुछ ही देर में जानकारी पाकर 100 से अधिक लॉकरधारक मौके पर पहुंच गए। सभी ने खातों की जानकारी करनी शुरू कर दी। करीब एक बजे पुलिस ने 32 लॉकरधारकों की सूची चस्पा कराई तो चीख-पुकार मच गई। सभी अपने अपने लॉकर को देखने की मांग करने लगे। कुछ देर बाद ट्रांसपोर्टर आशुतोष गुप्ता को पुलिस ने अंदर बुलाया।
बेसुध हाे गए लाेग
करीब 25 मिनट तक अंदर रहने केबाद आशुतोष बाहर निकले तो सामने उनके बड़े भाई सुरेश खड़े थे। उन्हें देखते ही आशुतोष फफक कर रो पड़े, बोले, सिर्फ मां का मंगलसूत्र ही बचा है। बाकी सब लुट गया। इसी तरह पशुपति नगर निवासी उमाकांत ने बताया कि लॉकर में उनकी पत्नी और दो बहुओं के जेवर रखे थे।
बां खामाेश पर अांखें बाेल रहीं थी सब
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जुबां खामाेश पर अांखें बाेल रहीं थी सब
कई बार बेटों से कहा कि वह अपना-अपना जेवर अपने पास रख लें, लेकिन कोई नहीं माना। अब सबकुछ चला गया। उनकी जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई भी बैंक प्रबंधन की लापरवाही से चोरी चली गई।