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Kanpur Kidnapping: फिर गूंजा तत्कालीन एसएसपी अनंत देव का नाम, रणजीत राय पर भी विनय तिवारी जैसी मेहरबानी
Sun, 26 Jul 2020 10:45 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
सूरज शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Sun, 26 Jul 2020 10:45 AM IST
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
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बिकरू कांड में चौबेपुर एसओ रहे विनय तिवारी की तरह ही पूर्व बर्रा थाना प्रभारी रणजीत राय पर कप्तान की मेहरबानी भारी पड़ी। रणजीत राय की तैनाती जब चकेरी थाने में थी, तब सीओ कैंट ने पांच बार उसके खिलाफ तत्कालीन एसएसपी अनंत देव को रिपोर्ट भेजी थी। काम में लापरवाही, विवेचना में गड़बड़ियां और कारखासों से वसूली कराने जैसे आरोपों की रिपोर्ट पर भी एसएसपी ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
इंस्पेक्टर रणजीत राय का चकेरी थाने में लंबा कार्यकाल रहा है। तत्कालीन एसएसपी अनंत देव ने उसको चार्ज दिया था। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि वह एसएसपी के अलावा किसी की भी नहीं सुनता था। कई विवेचनाओं में गड़बड़ियां कराने के साथ ही हेरफेर किया करता था। तत्कालीन सीओ कैंट ने उसके खिलाफ एक के बाद एक पांच शिकायतें एसएसपी को भेजी थीं। इसमें उसके कारखास दो सिपाहियों की जाजमऊ में पशु तस्करों में मिलीभगत की शिकायत भी शामिल थी। इस पर सीओ से बातचीत भी हुई थी। इसके बावजूद इंस्पेक्टर और सिपाहियों पर कार्रवाई नहीं की गई।
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चौबेपुर की घटना दोहराई गई
बिकरू कांड में पूर्व चौबेपुर थानेदार विनय तिवारी की मुखबिरी से आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए। जांच में पता चला था कि शहीद डीएसपी देवेंद्र ने उसके खिलाफ एसएसपी को आठ शिकायती पत्र भेजे थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। अगर कार्रवाई हो जाती तो बिकरू कांड न होता। ठीक उसी तरह यह भी घटना है। अगर इंस्पेक्टर रणजीत राय पर कार्रवाई होती तो अपहरण मामले में इतनी बड़ी लापरवाही भी न होती।
बिकरू कांड में पूर्व चौबेपुर थानेदार विनय तिवारी की मुखबिरी से आठ पुलिसकर्मी शहीद हुए। जांच में पता चला था कि शहीद डीएसपी देवेंद्र ने उसके खिलाफ एसएसपी को आठ शिकायती पत्र भेजे थे लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। अगर कार्रवाई हो जाती तो बिकरू कांड न होता। ठीक उसी तरह यह भी घटना है। अगर इंस्पेक्टर रणजीत राय पर कार्रवाई होती तो अपहरण मामले में इतनी बड़ी लापरवाही भी न होती।
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kanpur kidnapping case
- फोटो : amar ujala
प्रॉपर्टी पर किए कब्जे
एक सीओ के मुताबिक चकेरी थाने में अपने कार्यकाल के दौरान कई जमीनों पर रणजीत राय ने कब्जे किए। वहीं अपने करीबी प्रॉपर्टी डीलरों को जमीन कब्जा कराईं। इसकी पूरी जानकारी आलाधिकारियों को थी लेकिन उस पर कार्रवाई करने की किसी की हिम्मत नहीं थी। यहां तक कि पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश के बुलाने पर भी वह नहीं पहुंचा था। तब भी सीओ ने उसके खिलाफ रिपोर्ट भेजी थी।
एक सीओ के मुताबिक चकेरी थाने में अपने कार्यकाल के दौरान कई जमीनों पर रणजीत राय ने कब्जे किए। वहीं अपने करीबी प्रॉपर्टी डीलरों को जमीन कब्जा कराईं। इसकी पूरी जानकारी आलाधिकारियों को थी लेकिन उस पर कार्रवाई करने की किसी की हिम्मत नहीं थी। यहां तक कि पूर्व एडीजी प्रेम प्रकाश के बुलाने पर भी वह नहीं पहुंचा था। तब भी सीओ ने उसके खिलाफ रिपोर्ट भेजी थी।
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रुपये लेकर लगा दी एफआर
पुलिस और एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि वादी ने सीओ से एक मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने की गुजारिश की। बदले में पैसों का लालच दिया। सीओ ने उसको फटकार कर भगा दिया और इंस्पेक्टर रणजीत राय को कार्रवाई के निर्देश दिए। कुछ दिन बाद पता चला कि तीन लाख रुपये में डील होकर मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई।
पुलिस और एसटीएफ के एक अधिकारी ने बताया कि वादी ने सीओ से एक मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाने की गुजारिश की। बदले में पैसों का लालच दिया। सीओ ने उसको फटकार कर भगा दिया और इंस्पेक्टर रणजीत राय को कार्रवाई के निर्देश दिए। कुछ दिन बाद पता चला कि तीन लाख रुपये में डील होकर मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई।
इंस्पेक्टर रणजीत राय के खिलाफ जांच जारी है। पुराने जो भी मामले हैं और जो शिकायतें उसकी की गई हैं, उनकी फाइलें खोली जा रही हैं। अन्य आरोपों की भी जांच कराई जाएगी। विभागीय और कानूनी कार्रवाई होगी।
दिनेश कुमार पी, एसएसपी