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गम-आसुंओं का सैलाब: बेटे को उठाओ, बताओ उसकी मां आई है...मां की करुण पुकार ने चीरा कलेजा, देखें तस्वीरें

Sat, 08 Feb 2025 03:26 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 08 Feb 2025 03:26 PM IST
सार

सेना के जेसीओ का पार्थिव शरीर पहुंचते ही गांव में सैलाब उमड़ पड़ा। उनके अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए भीड़ लगी रही। पार्थिव शरीर पहुंचते ही बिलख पड़े परिजन, पुत्र ने दी मुखाग्नि।
 

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Army JCO mortal remains arrived family members started crying son lit the funeral pyre
army soldier - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू कश्मीर के पुंछ में सेना के जेसीओ (जूनियर कमीशंड ऑफिसर) का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार सुबह गार्ड रूम में मिला था। गोली लगने से मौत होना बताया गया था। शुक्रवार को सेना के जवान पार्थिव शरीर लेकर गांव सरनऊ पहुंचे। इसको देखते ही पत्नी, बच्चे और मां बिलख पड़ीं। अन्य परिजन, रिश्तेदारों ने ढांढस बंधाया। अपने गांव के लाल के अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। सेना के जवानों ने सलामी दी और अंतिम संस्कार किया।


थाना क्षेत्र के गांव सरनऊ निवासी 40 वर्षीय रक्षपाल सिंह सेना में जम्मू के पुंछ में तैनात थे। उनका तबादला तीन माह पूर्व हुआ था। दिल्ली में उनकी पत्नी व बच्चे रहते थे। बृहस्पतिवार की सुबह सेना के जवानों को गार्ड रूम में रक्षपाल मृत अवस्था में मिले थे। उन्हाेंने गोली लगने से मौत होने की जानकारी परिजन को फोन पर दी थी। गांव में रक्षपाल के पुत्र ने फोन से परिजन को सूचना दी थी। यहां से परिजन दिल्ली गए। मृतक के बच्चों व पत्नी शशि को शुक्रवार सुबह गांव ले आए।




 
Army JCO mortal remains arrived family members started crying son lit the funeral pyre
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सभी को रक्षपाल के पार्थिव शरीर के आने का इंतजार था। सैनिक की मौत की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग घर पहुंच गए थे। शुक्रवार की शाम को जैसे ही पार्थिव शरीर गांव पहुंचा, चीत्कार मच गया। हर कोई अंतिम दर्शन करने को उमड़ पड़ा। जैसे ही अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर को उठाया गया, वहां मौजूद लोग नारे लगाने लगे। जब तक सूरज चांद रहेगा, रक्षपाल तुम्हारा नाम रहेगा। भारत माता की जय आदि नारे गूंज उठे। बड़े बेटे नीतेश ने पिता को मुखाग्नि दी। छोटे पुत्र अंकित का रो-रोकर बुरा हाल था।

 
Army JCO mortal remains arrived family members started crying son lit the funeral pyre
गांव पहुंचा पार्थिव शरीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जैसे ही शशि को पार्थिव शरीर के पास लाया गया और चेहरा दिखाया गया। उसकी चीख निकल गई। इससे वहां खड़े लोगों की आंखें नम हो गईं। महिलाएं शशि को संभाल रहीं थीं। तभी मृतक की मां सुखदेवी को अंतिम दर्शन कराए गए। मां के मुंह से यही शब्द निकले, बेटे को उठाओ, बताओ उसकी मां आई है।



 
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गांव पहुंचा पार्थिव शरीर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वहां मौजूद लोगों ने बताया कि दिवाली पर ही परिवार के साथ रक्षपाल घर आए थे। पास-पड़ोस सहित अन्य लोगों से मिले थे। युवाओं से सेना की तैयारी करने की बात कही थी। रक्षपाल के बचपन के साथी रहे मुकेश ने बताया कि रक्षपाल का ममेरा भाई सेना में था। उसको देखकर ही उन्होंने सेना में जाने की ठान ली थी।

 
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अंतिम सलामी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने बताया कि कई बार भर्ती देखीं, लेकिन नौकरी नहीं मिल पाई। वर्ष 2002 में भोपाल में भर्ती हुए थे। जानकारी देते समय मुकेश की आंखें भी भर आईं। बोले, जब भी रक्षपाल गांव आते थे तो मिलना रहता था। कई प्रकार की चर्चाएं भी उनके साथ करते थे।


 
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