बरेली में इफ्तेकार उर्फ सोल्जर उर्फ शैतान ने महज 37 साल की उम्र में अपराध से बेहिसाब संपत्ति जुटाई। अब पुलिस ने उसे मुठभेड़ में ढेर कर दिया तो उसके अपनों ने भी मुंह फेर लिया। सूत्र बताते हैं कि उसकी पत्नी और बच्चे भी हैं, लेकिन शव लेने के लिए कोई आगे नहीं आया है।
सात पतों में उलझकर पुलिस भी उसके कुनबे के बारे में कोई जानकारी नहीं जुटा पा रही है। अगर शनिवार तक कोई उसका शव लेने नहीं आया तो नियमानुसार 72 घंटे बाद पुलिस को ही सुपुर्द-ए-खाक करना पड़ेगा।
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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर, मौके पर जांच करती टीम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव में हुई डकैती में वांछित एक लाख के इनामी बदमाश को पुलिस ने बृहस्पतिवार सुबह मुठभेड़ में ढेर कर दिया था। उसके पास धूम नाम से जो आधार कार्ड मिला, उससे उसकी पहचान जगत भट्ठा ग्राम भूपखेड़ी थाना टीला मोड़ गाजियाबाद के रूप में हुई।
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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर, मौके पर जांच करती टीम
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सात जिलों में इफ्तेकार का आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक
पुलिस को पता लगा कि उसका असली नाम इफ्तेकार उर्फ शैतान है, लेकिन शाम तक उसके 15 नाम और सात जिलों में उसका आपराधिक रिकॉर्ड सार्वजनिक हो गया। इसमें उलझकर पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। पतों की तस्दीक में भी कामयाबी नहीं मिल सकी।
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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर, मौके पर जांच करती टीम
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खतरा हो तो डेरा समेट लेता है परिवार
इस तरह के घुमंतू परिवारों के बारे में बताया जाता है कि वह एक शहर या जिले में डेरा डालकर रहते व अपराध करते हैं। अपराध के बाद वह डेरा समेट लेते हैं। इसके अलावा परिवार का कमाऊ सदस्य या मुखिया फोन के जरिये परिवार से सीधा संपर्क नहीं रखता। अगर वह कुछ दिनों तक नहीं आता तो परिवार के बाकी सदस्य तंबू उखाड़कर वहां से आगे बढ़ जाते हैं। खटरा टलने के बाद ये दूसरे लोगों के जरिये दोबारा परिवार के संपर्क में आते हैं।
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इफ्तेकार मुठभेड़ में ढेर
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शीशगढ़ इंस्पेक्टर को मिली विवेचना, मौके से जुटाए साक्ष्य
एक लाख के इनामी बदमाश इफ्तेकार के एनकाउंटर की विवेचना एसएसपी ने शीशगढ़ थाना प्रभारी हरेंद्र सिंह को सौंप दी है। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए और टीम को जरूरी निर्देश दिए।