महंत नरेंद्र गिरि की मौत का राज खोलने के लिए की जा रही जांच के दायरे में निरंजनी अखाड़े के सचिव आशीष गिरि की मौत का मामला भी शामिल हो सकता है। आशीष गिरि की मौत कैसे हुई, क्यों पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट नहीं दर्ज की, आखिर किसके दबाव में पुलिस अफसरों ने मामले की जांच तक कराने की जहमत नहीं उठाई, इन सवालों का जवाब भी ढूंढ़ा जा सकता है। गौरतलब है कि आशीष गिरि की मौत के मामले को भी पुलिस ने सुसाइड करार दिया था। जबकि जिन हालात में उनकी मौत हुई, उसे लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े हुए थे।
प्रयागराज : आशीष गिरि की मौत का मामला भी सीबीआई जांच के दायरे में, कैसे हुई मौत, किसके दबाव में नहीं दर्ज हुई रिपोर्ट
पुलिस ने इस मामले में मौके से मौजूद पिस्टल को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने को कहा था, लेकिन अब तक इसकी रिपोर्ट का कुछ अता-पता नहीं है। तमाम सवाल उठने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में एफआईआर नहीं दर्ज की।
आनंद गिरि ने लगाया था हत्या का आरोप
आशीष गिरि की मौत के मामले को लेकर सवाल तब और ज्यादा मुखर हो गए, जब गुरु से विवाद के बाद आनंद गिरि ने आशीष गिरि की मौत को हत्या बताया था। उसने आरोप लगाया था कि आशीष अखाड़े की संपत्ति बेचने का विरोध कर रहे थे और इसी वजह से उन पर लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। लेकिन तब भी मामले को लेकर पुलिस की ओर से जांच के लिए कोई पहल नहीं की गई।
महंत ने बताया था, शराब पीने के आदी थे आशीष
आशीष गिरि की मौत के मामले में सबसे खास बात यह है कि पुलिस के साथ ही महंत नरेंद्र गिरि ने भी इसे सुसाइड बताया था। साथ ही कहा था कि आशीष शराब पीने के आदी थे और इसके चलते उनका लीवर खराब हो गया था। बीमारी के चलते परेशान होकर उन्होंने सुसाइड किया। जबकि आनंद गिरि ने महंत की बातों का खंडन किया था। हालांकि महंत की ओर से मामले को लेकर आननफानन में जो बयान दिया गया, उसे लेकर भी कई तरह के सवाल खड़े हुए थे।