कोरोना का असर चाय की चुस्की पर भी पड़ गया है। बीते एक माह के दौरान ही सामान्य श्रेणी की चाय के दाम में 50 से 60 तो प्रीमियम क्वालिटी की चाय के दाम में 90 से 100 रुपये किलो की वृद्धि हुई है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में चाय के दाम अभी और भी बढ़ सकते हैं। इसकी प्रमुख वजह कोरोना की वजह से लगा लॉक डाउन ही है। क्योंकि चाय के प्रमुख उत्पादक राज्य असम और बंगाल में इसके उत्पादन में मार्च-अपैल के दौरान 60 फीसदी तो मई माह में अब तक 50 फीसदी की कमी आई है।
Corona Virus की वजह से महंगी हुई चाय की चुस्की, अभी और बढ़ेंगे दाम
लॉक डाउन के अलावा पिछले दिनों चाय उत्पादक क्षेत्र असम एवं पश्चिमी बंगाल में बारिश की वजह से ही चाय का उत्पादन काफी कम हुआ है। दरअसल प्रत्येक वर्ष दिसंबर के पहले सप्ताह में चाय के बगान बंदकरने का निर्देश दिया जाता है। इसके बाद 28 फरवरी से ही इसकी ओपनिंग होती है। हालांकि तमाम बगान में मार्च के पहले या दूसरे सप्ताह में ही काम शुरू होता है। इस बार काम शुरू होते ही लॉक डाउन लग गया।
कोरोना की वजह से लगे लॉक डाउन के चलते तीन सप्ताह की बंदी के बाद 14 अप्रैल से चाय बागानों में कामकाज शुरू हुआ। लेकिन मजदूर आदि की कमी से चाय की पत्ती तोड़ने का काम बेहद धीमी रफ्तार से चला। क्योंकि यह व्यवसाय मजदूरों पर आश्रति है, इस वजह से पत्ती तोड़ने का काम पूरा नहीं हुआ। इसका असर बाजार पर भी पड़ा। चाय की आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
कई कंपनियों के पास जो पुराना स्टॉक था, उसकी प्रोसेसिंग ( पत्ती से दाना बनाने की प्रक्रिया) कर जैसे तैसे लॉक डाउनपार्ट वन एवं पार्ट टू में काम चलाया, लेकिन पार्ट थ्री के अंत तक चाय के दाम उसकी प्रोसेसिंग करने वालों को बढ़ाने पड़े। महारानी चाय प्रयागराज के श्याम बंसल बताते हैं कि चाय बगान से आने वाला कच्चा माल कम आ रहा है।
यह कारोबार वर्तमान समय खराब दौर से गुजर रहा है। बागानों में सही समय पर तुड़ाई न होने से फसल खराब हो चुकी है। 50 फीसदी कर्मचारियों की बाध्यता से प्रोसेसिंग में भी तेजी नहीं आ पा रही है। उत्पादन कम होने की वजह से अलग-अलग क्वालिटी की चाय में 50 से 100 रुपये किलो तक की बढ़ोत्तरी हुई है।