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DBRAU: बीएएमएस प्रकरण की जांच के बाद खुलेगा भ्रष्टाचारियों का खेल, STF की निगाह अब इन पर
Sun, 18 Sep 2022 11:20 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sun, 18 Sep 2022 11:20 PM IST
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विश्वविद्यालय में एसटीएफ की टीम
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े एसटीएफ के निशाने पर हैं। बीएएमएस की उत्तर पुस्तिकाएं बदलने के मामले की जांच के साथ बीएड फर्जीवाड़े की भी परत खुलेंगी। एसटीएफ की टीम इसकी भी जानकारी कर रही है।
छात्र नेता के घर पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
अब विश्वविद्यालय में फर्जीवाड़े की जांच के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ को जिम्मेदारी दी है। एसटीएफ के एसपी राकेश यादव ने बताया कि अभी बीएएमएस उत्तर पुस्तिकाओं के बदलने की जांच प्राथमिकता पर है। इसमें 14 कॉलेज हैं, इसके बाद बीएड समेत अन्य फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के मामलों की जांच चरणबद्ध रूप से की जाएगी।
विश्वविद्यालय पहुंची एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
ये रहा घटनाक्रम
- बीएड 2004-05 सत्र की काउंसिलिंग में 84 कॉलेज शामिल हुए।- दो साल बाद 2006 में विश्वविद्यालय ने परिणाम जारी किया।
- फर्जीवाड़े की शिकायत पर को विशेष जांच दल बना।
- 2017 में एसआईटी ने फर्जी, टेंपर्ड, नकली प्रमाणपत्रों की सूची विश्वविद्यालय को सौंपी
- विश्वविद्यालय ने 2823 अभ्यर्थियों को फर्जी छात्र घोषित कर सूची सार्वजनिक की।
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एसटीएफ
- फोटो : अमर उजाला
बता दें बीएएमएस की कॉपियां बदलने का मामला सामने आने के बाद जांच की गई थी। पुलिस ने टेंपो चालक देवेंद्र और फिरोजाबाद के डॉक्टर अतुल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मुख्य सरगना छात्र नेता राहुल पाराशर फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। दो मुकदमे थाना हरीपर्वत में दर्ज हुए थे। एसपी एसटीएफ राकेश यादव ने बताया कि जांच की जा रही है। हर दिन नई जानकारी सामने आ रही है। इन पर टीम कार्य कर रही हैं। कॉपियों की जांच की जा रही है। इसके लिए एक्सपर्ट को लगाया है। शासन को आंतरिक रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
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एसटीएफ ने एसआईटी से संबंधित रिकॉर्ड भी लिया
- फोटो : अमर उजाला