मथुरा के बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल और उनके परिवार की हत्या के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस हत्याकांड के हर पहलू को अधिकारी फिर से समझने का प्रयास कर रहे हैं और वारदात की तह तक पहुंचने की कोशिश में हत्याकांड से जुड़ी फाइलें खंगाली जा रही हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने शुक्रवार को इस हत्याकांड की तहरीर देने वाले मृतक के साले अमित अग्रवाल से करीब एक घंटे तक पूछताछ की।
एसएसपी ने खंगालीं बुलियन कारोबारी हत्याकांड की फाइलें, नोटबंदी के बाद के कारोबार की होगी जांच
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31 दिसंबर, 2019 की रात यमुना एक्सप्रेसवे से नीचे अंडरपास पर बुलियन कारोबारी नीरज अग्रवाल, पत्नी नेहा, पुत्री धान्या और पुत्र शौर्य की हत्या किसने की, इसे लेकर जांच एजेंसियां भी उलझ गई हैं। पुलिस अधिकारी मामले की नए सिरे से छानबीन में जुट गए हैं। एसएसपी गौरव ग्रोवर ने मुकदमा दर्ज कराने वाले नीरज के साले अमित अग्रवाल से जानकारी ली। दरअसल अमित अग्रवाल जल्द से जल्द इस मामले में दोषियों को जेल भेजने की मांग को लेकर एसएसपी से मिले थे।
उन्होंने अमित अग्रवाल से बुलियन कारोबारी के कारोबार से लेकर वारदात के होने तक पूछताछ की। उधर, अमित ने एसएसपी को बताया कि किस प्रकार आरोपियों द्वारा कारोबारी को धमकाया जाता था। खुद कारोबारी नीरज अग्रवाल ने उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। इसके बाद मामला न्यायालय तक भी पहुंचा, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। अमित ने बताया कि उन्होंने एसएसपी से जल्द दोषियों को जेल भेजने की मांग की है।
बुलियन कारोबारी और उसके पार्टनरों ने नोटबंदी के दौरान जो खेल किए, वही खेल उसकी जान के दुश्मन बन गए। पुलिस अब बुलियन कारोबारी की मर्डर मिस्ट्री को नोटबंदी से जोड़कर देख रही है और उसने यह जांच शुरू कर दी है कि आखिरकार बुलियन कारोबारी का पैसा कहां गया। आरएस बुलियन फर्म के मालिक नीरज अग्रवाल ने नोटबंदी के दौरान कई पार्टनरों के साथ काम शुरू किया था। इसमें आयकर, व्यापार कर आदि के नियमों का उल्लंघन किया तो आरएस बुलियन करोड़ों का लाभ कमाने वाली फर्म बन गई। नीरज अग्रवाल ने इसके अलावा भी फर्म खोली थीं।