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भक्तों पर बरसती है भगवान की कृपा, चार कोनों पर विराजमान हैं महादेव, इतिहास समेटे हैं सदियों पुराने शिवालय

Mon, 13 Jul 2020 12:21 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Mon, 13 Jul 2020 12:21 PM IST
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Lord Shiv Mandir And Sawan poja In City Of Tajmahal At Corona Virus Time
कॉलोनी के मंदिर में पूजा करतीं महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
आगरा में शिव भक्तों पर भगवान शिव की विशेष कृपा है। चारों कोनों पर महादेव के मंदिर स्थापित हैं। यहां मध्य भाग में श्री मनकामेश्वर और रावली महादेव भक्तों की रक्षा कर रहे हैं। सावन के पावन महीने में भगवान महादेव के मंदिरों में भक्तों की भारी उमड़ती है लेकिन इस बार कोरोना वायरस के चलते मंदिर बंद हैं। ऑनलाइन पूजा चल रही है। वहीं सावन के दूसरे सोमवार को इन शिवालयों की परिक्रमा होती थी, जो करीब 40 किलोमीटर लंबी है। जानिए इन शिव मंदिरों का महत्व... 



 
Lord Shiv Mandir And Sawan poja In City Of Tajmahal At Corona Virus Time
बल्केश्वर महादेव - फोटो : अमर उजाला
दूसरे सोमवार को लगता है मेला
बेल वृक्ष के जड़ से प्राकट्य हैं बल्केश्वर नाथ बल्केश्वर नाथ महादेव का दरबार शहर के प्राचीन शिव मंदिरों में से एक है। यह यमुना तट पर स्थित है। महंत सुनील कांत नागर के मुताबिक मंदिर का सही नाम बिल्वकेश्वर नाथ महादेव है। यह करीब 700 वर्ष पुराना है। बताया जाता है कि पहले यहां बेल के वृक्षों का जंगल था। बिल्वकेश्वर नाथ महादेव बेल वृक्ष के जड़ से प्राकट्य हैं। इनके दरबार में पहुंचने वाले सच्चे भक्तों की इच्छा पूरी होती है। बाबा के भभूत में बड़ी शक्ति है।


 
Lord Shiv Mandir And Sawan poja In City Of Tajmahal At Corona Virus Time
भगवान पृथ्वीनाथ महादेव
पृथ्वी के गर्भ से अवतरित हुए
अद्भुत है पृथ्वीनाथ महादेव का दरबार प्राचीन पृथ्वीनाथ महादेव का दरबार फतेहपुर सीकरी रोड पर है। पृथ्वीनाथ के मंदिर में कहा जाता है कि यह मंदिर पृथ्वी के गर्भ से अवतरित हुआ था। शताब्दियों पहले खोदाई में अनूठे शिव लिंग सहित इसके चारों खंभे पृथ्वी के गर्भ से निकले थे। मंदिर के पुजारी ने बताया कि उन्होंने अपने पूर्वजों से सुना है कि श्रीकृष्ण जी ने जहां जहां लीला रचाई वहां शिव जी दर्शन को जाते थे। इसलिए पृथ्वीनाथ महादेव की प्रतिमा द्वापर युग की बताई जाती है। इसके बारे में बताया जाता है कि कन्नौज से युद्ध करके लौट रहे पृथ्वीराज चौहान ने यहीं पर रात्रि विश्राम किया था।
 
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Lord Shiv Mandir And Sawan poja In City Of Tajmahal At Corona Virus Time
कैलाश मंदिर आगरा - फोटो : अमर उजाला
पांच हजार वर्ष से पुराना है कैलाश महादेव का दरबार
कैलाश महादेव का दरबार पांच हजार वर्ष से भी अधिक पुराना है। यमुना किनारे बने इस मंदिर में दो शिव लिंग स्थापित हैं। मंदिर के महंत के अनुसार कैलाश महादेव की स्थापना भगवान परशुराम और उनके पिता जमद्गिनी द्वारा की गई बताई जाती है। भारत के एकाध मंदिरों में ही दो शिव लिंग स्थापित है। मंदिर से सीधे जाया जाए तो महर्षि परशुराम के पिता का आश्रम रेणुका धाम भी बमुश्किल छह किलो मीटर की दूरी पर स्थित है।

 
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Lord Shiv Mandir And Sawan poja In City Of Tajmahal At Corona Virus Time
राजेश्वर महादेव मंदिर - फोटो : अमर उजाला
सैकड़ों वर्ष पुराना है राजेश्वर महादेव मंदिर
राजेश्वर मंदिर का इतिहास करीब 850 से 900 वर्ष पुराना बताया जाता है। इस मंदिर के बारे में बताया जाता है कि राजा खेड़ा का एक सेठ नर्मदा नदी के समीप से बैलगाड़ी से शिव लिंग स्थापित करने के लिए ले जा रहा था। वर्तमान मंदिर स्थल के पास एक कुंआ था, वहां वह विश्राम के लिए रुका। आराम के दौरान उसे शिवजी ने सपना दिखाया कि उनको वहीं स्थापित कर दिया जाए। लेकिन सेठ माना नहीं और शिवलिंग ले जाने की कोशिश करने लगा पर शिवलिंग वहां से हिला नहीं और शिवलिंग को यहीं स्थापित कर दिया गया।

 
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