हारने वालों के चेहरों पर जंग जीतने वाली मुस्कान थी, लेकिन जीतने वालों के दिल में दर्द। लोकसभा चुनाव के परिणाम आने पर गुरुवार को मैनपुरी में नजारा कुछ ऐसा ही था। भाजपाई जहां सीट हारने के बाद भी खुश थे, वहीं गढ़ में अपना दबदबा कायम रखने वाली सपा जीतने के बाद भी मायूस थी।
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मुलायम सिंह यादव और प्रेम सिंह शाक्य
- फोटो : अमर उजाला
नवीन मंडी में मतगणना शुरू हुई तो पहले ही राउंड से सपा के मुलायम सिंह यादव आगे हो गए थे। आगे के 20 राउंड तक वे बढ़त बनाए रहे, हालांकि बढ़त का आंकड़ा बहुत अधिक नहीं था, लेकिन जब इससे ऊपर मतगणना शुरू हुई तो सपा से मुलायम सिंह यादव 50 हजार की बढ़त ले चुके थे, जिससे कहीं न कहीं भाजपा की मैनपुरी में हार तय हो चुकी थी।
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जीत के जश्न में झूमते भाजपा कार्यकर्ता
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हार के बाद भी भाजपाई खुश थे। कहीं न कहीं उन्हें घर में हार मिलने का गम तो था ही, लेकिन खुशी थी तो केंद्र में मोदी सरकार बनने की, इतने बड़े जनादेश की। जिले भर में भाजपाइयों ने मिठाई बांटी और आतिशबाजी चलाकर खुशी मनाई।
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मुलायम सिंह की जीत का जश्न मनाते सपा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
वहीं सपा ने मैनपुरी से जीत दर्ज की, लेकिन गठबंधन की हार की कसक कार्यकर्ताओं के दिल में छिपी हुई थी। जीतने के बाद भी उनके चेहरों पर वो मुस्कान नहीं थी। उन्हें पता था कि जनता ने उनके फैसले को नकार दिया है।
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जीत का जश्न
- फोटो : अमर उजाला
मुलायम सिंह की जीत तय होने के बाद भी सपा बसपा के कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल नजर नहीं आ रहा था। हर कोई बस यही कह रहा था कि यहां तो हारने वाले जीतने वाले से ज्यादा खुश नजर आ रहे हैं।