तीन बच्चे रविवार दोपहर यमुना नदी में डूब गए। इनमें से दो सुरक्षित बच गए हैं। एक बालक का पता नहीं चला। पुलिस गोताखोरों की मदद से उसकी तलाश में जुटी थी। करीब 26 घंटे बाद बालक का शव ईधोन पुल के पास मिला है। थाना नगला सिंघी के गांव बजहेरा निवासी भूरी सिंह का 10 वर्षीय पुत्र रोकी और गांव का नौ वर्षीय राहुल बकरियां चराने गए थे। इनके साथ गांव निवासी शंभूनाथ का 10 वर्षीय भांजा जितेंद्र जो फिरोजाबाद के थाना बसई मोहम्मदपुर के गांव अल्हदीपुर निवासी था। ये तीनों रविवार दोपहर तीन बजे करीब यमुना किनारे बकरी चराने गए थे। जयश्री बाबा आश्रम के निकट बकरियां चराते हुए रोकी और राहुल यमुना में नहाने के लिए उतर गए।
दोनों गहरे पानी में चल गए और डूबने लगे। यह देखकर जितेंद्र उन्हें बचाने के लिए यमुना में कूद गया। उसने रोकी को बाहर निकाल दिया तथा राहुल को बचाते हुए खुद पानी के तेज बहाव में बह गया।
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यमुना किनारे खड़े ग्रामीण और पुलिस
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डूबने से बचे बच्चों की चीख-पुकार पर आश्रम व आसपास के लोग वहां पहुंच गये। सूचना पर ग्रामीण और तीनों बच्चों के परिजन यमुना किनारे पहुंच गए तथा गांव के तैराकों ने जितेंद्र की तलाश की। घटना की सूचना देने के करीब डेढ़ घंटे बाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
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मौके पर पहुंचे क्षेत्राधिकारी
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घटना की जानकारी पुलिस क्षेत्राधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव को मिली तो वे भी थाना पचोखरा प्रभारी रविंद्र सिंह मय फोर्स के व रेस्क्यू टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। रेस्क्यू टीम ने रात्रि आठ बजे तक बच्चे की तलाश लेकिन वह नहीं मिला। सोमवार सुबह फिर से बच्चे की तलाश की गई। स्टीमर से रेस्क्यू टीम ने सायं तक तलाश की लेकिन वह नहीं मिला। सायं पांच बजे करीब फतेहाबाद क्षेत्र के ईधोन पुल के नीचे जितेंद्र का शव मिला है।
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यमुना में बालक का शव तलाशने के दौरान मौजूद लोग
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यमुना में किशोरों के डूबने से, मालवीय नगर में मातमी सन्नाटा
मालवीय नगर के बाशिंदों की मानें तो रोहित, अभिषेक, तुषार और हिमांशु अक्सर साथ रहते थे। चारों लोग साथ-साथ ही घर से कहीं घूमने को जाते थे। पीड़ित परिजनों की माने तो स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी यमुना में स्नान करने के लिए चारों एक साथ ही घर से गए थे। अभिषेक तीन भाई थे। रोहित दो भाई है। रोहित और अभिषेक के पिता चूड़ी का काम करते हैं। परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। जैसे ही रोहित और अभिषेक के यमुना में डूबने की खबर परिजनों को मिली तो मोहल्ले में मातमी सन्नाटा छा गया। देखते ही देखते हजारों की संख्या में पीड़ित परिजनों के लोग लोग एकत्रित हो गए। घटना आगरा सीमा में होने के कारण अधिकांश के परिजन आगरा चले गए थे।
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यमुना में गोताखोर
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फिरोजाबाद की ओर नहाने से रोकने पर गए थे दूसरी ओर
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो चारों किशोरों को फिरोजाबाद की साइड में नहाने से रोक दिया था। इस साइड रोका तो वे आगरा की सीमा की ओर पुल से होकर नहाने को चले गए थे। यदि वहां के लोगों की बात मान लेते तो शायद यह घटना नहीं होती।