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तोरा चौकी बवालः डीजीपी का फोन आने के बाद हुई पुलिसवालों पर कार्रवाई, हिंसा भड़काने वालों की तलाश
Sat, 02 Jan 2021 12:26 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sat, 02 Jan 2021 12:26 AM IST
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ताजगंज की तोरा चौकी पर कार्य करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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ताजगंज के करबना में गुरुवार को हुए बवाल के मामले में एसएसपी बबलू कुमार ने पुलिसवालों पर कार्रवाई तब की जब रात में डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी का फोन आ गया। डीजीपी ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है, जिस जिसने लापरवाही बरती है, उस पर एक्शन होना चाहिए। जिन लोगों ने पुलिस चौकी फूंकी है, उन पर भी कड़ी कार्रवाई हो और इसकी रिपोर्ट भेजी जाए। इसके बाद एसएसपी ने पहले पुलिसकर्मियों को सस्पेंड और लाइन हाजिर किया और फिर बवाल के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित कीं। ग्रामीणों को चौकी फूंकने के लिए भड़काने वाले 10 लोगों की भी पुलिस को तलाश है। पुलिस ने शुक्रवार को गांव करभना, तोरा, बुढ़ाना, धांधूपुरा, कुआंखेड़ा, बरौली अहीर सहित 12 गांवों में ताबड़तोड़ दबिश दी। 11 लोग गिरफ्तार कर लिए। एक टीम बवाल के वीडियो से आरोपियों की पहचान कर रही है। अब तक 50 के नाम मिल चुके हैं।
तोरा चौकी पर हुए बवाल के बाद तैनात पुलिसबल
- फोटो : अमर उजाला
खुफिया रिपोर्ट : रिश्तेदारी में चले गए 100 आरोपी
खुफिया पुलिस ने रिपोर्ट दी है कि करभना, तोरा और कुआंखेड़ा से 100 से ज्यादा लोग रिश्तेदारी में चले गए हैं। पुलिस अब इनके रिश्तेदारों के घर भी दबिश देगी। खुफिया पुलिस ने यह भी रिपोर्ट दी है कि हादसे में पवन कुमार यादव की मौत हो जाने के बाद जब ग्रामीण शव रखकर चौकी के सामने प्रदर्शन कर रहे थे, तब दस लोगों ने उन्हें भड़काया था। इन्होंने ही कहा था कि चौकी को फूंक दो। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
खुफिया पुलिस ने रिपोर्ट दी है कि करभना, तोरा और कुआंखेड़ा से 100 से ज्यादा लोग रिश्तेदारी में चले गए हैं। पुलिस अब इनके रिश्तेदारों के घर भी दबिश देगी। खुफिया पुलिस ने यह भी रिपोर्ट दी है कि हादसे में पवन कुमार यादव की मौत हो जाने के बाद जब ग्रामीण शव रखकर चौकी के सामने प्रदर्शन कर रहे थे, तब दस लोगों ने उन्हें भड़काया था। इन्होंने ही कहा था कि चौकी को फूंक दो। पुलिस इनकी तलाश कर रही है।
उपद्रवियों ने बाइक में लगाई आग (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कार्रवाई -1 रेत लदी ट्रॉली का पीछा करने पर नपी तोरा चौकी
तोरा चौकी पर कार्रवाई की वजह रेत लगी ट्रैक्टर ट्रॉली का पीछा करने की वजह से की गई। चौकी और थाना प्रभारियों को पिछले महीने ही निर्देश दिए गए थे कि खनन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी होने पर ही रेत और मिट्टी लदे वाहनों की चेकिंग की जाए। पवन के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिसवालों ने पवन से 500 रुपये मांगे थे। उसने नहीं दिए तो वे उसका पीछा करने लगे। इस पर पवन ने ट्रैक्टर ट्रॉली दौड़ाई। वह पलट गई और उसकी जान चली गई। पुलिस की अवैध वसूली के खिलाफ ही गांव वालों का गुस्सा फूटा था।
तोरा चौकी पर कार्रवाई की वजह रेत लगी ट्रैक्टर ट्रॉली का पीछा करने की वजह से की गई। चौकी और थाना प्रभारियों को पिछले महीने ही निर्देश दिए गए थे कि खनन विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी होने पर ही रेत और मिट्टी लदे वाहनों की चेकिंग की जाए। पवन के परिजनों ने आरोप लगाया था कि पुलिसवालों ने पवन से 500 रुपये मांगे थे। उसने नहीं दिए तो वे उसका पीछा करने लगे। इस पर पवन ने ट्रैक्टर ट्रॉली दौड़ाई। वह पलट गई और उसकी जान चली गई। पुलिस की अवैध वसूली के खिलाफ ही गांव वालों का गुस्सा फूटा था।
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हादसे के बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कार्रवाई -2 बवाल के दौरान मूकदर्शक बने रहने पर गिरी इंस्पेक्टर पर गाज
थाना ताजगंज के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार को निलंबित किया गया है। इसकी दो वजह बताई जा रही हैं। एक तो उन्होंने फोर्स की मांग देरी से की। दूसरा बवाल के दौरान वह काफी देर तक मूकदर्शक बने रहे। पथराव होने पर सीओ सदर को ऑटो से भागना पड़ा था। एसीएम गिर पड़े थे। आधा घंटा तक पुलिस अफसर आगे नहीं बढ़ पाए। इस दौरान ताजगंज थाना पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों पर कोई एक्शन नहीं लिया। इसी वजह से हालात बिगड़ते चले गए। लोगों ने न केवल चौकी फूंकी बल्कि पुलिस वालों को गिराकर पीटा भी। तीन सिपाही घायल हो गए। इनमें दो के दांत टूट गए।
थाना ताजगंज के इंस्पेक्टर नरेंद्र कुमार को निलंबित किया गया है। इसकी दो वजह बताई जा रही हैं। एक तो उन्होंने फोर्स की मांग देरी से की। दूसरा बवाल के दौरान वह काफी देर तक मूकदर्शक बने रहे। पथराव होने पर सीओ सदर को ऑटो से भागना पड़ा था। एसीएम गिर पड़े थे। आधा घंटा तक पुलिस अफसर आगे नहीं बढ़ पाए। इस दौरान ताजगंज थाना पुलिस ने पथराव कर रहे लोगों पर कोई एक्शन नहीं लिया। इसी वजह से हालात बिगड़ते चले गए। लोगों ने न केवल चौकी फूंकी बल्कि पुलिस वालों को गिराकर पीटा भी। तीन सिपाही घायल हो गए। इनमें दो के दांत टूट गए।
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पुलिस पर पथराव करती भीड़ (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
कुआंखेड़ा में खेतों में छिपे थे बवाल के आरोपी
पुलिस ने बवाल के जिन 11 आरोपियों को पकड़ा है, वे खेतों में छिपे थे। पुलिस पहले इनके घर गई तो ये वहां नहीं मिले। इनकी पहचान वीडियो से हुई थे। ये पथराव करते नजर आए। पुलिस ने रात में सबसे पहले कुआंखेड़ा में ही दबिश दी। इसी गांव के 20 से ज्यादा आरोपी हैं। पुलिस गांव से लौट रही थी, तभी एक युवक ने कहा कि एक बार खेतों पर देख लो। इसके बाद पुलिस खेत पर गई तो एक ही जगह 11 लोग मिले।
पुलिस ने बवाल के जिन 11 आरोपियों को पकड़ा है, वे खेतों में छिपे थे। पुलिस पहले इनके घर गई तो ये वहां नहीं मिले। इनकी पहचान वीडियो से हुई थे। ये पथराव करते नजर आए। पुलिस ने रात में सबसे पहले कुआंखेड़ा में ही दबिश दी। इसी गांव के 20 से ज्यादा आरोपी हैं। पुलिस गांव से लौट रही थी, तभी एक युवक ने कहा कि एक बार खेतों पर देख लो। इसके बाद पुलिस खेत पर गई तो एक ही जगह 11 लोग मिले।