वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के गोचर करने से कई तरह के शुभ और अशुभ योगों का निर्माण होता है। ग्रह जब भी एक से दूसरी राशि में जाते हैं तो अपने मित्र और शत्रु भाव रखने वाले ग्रहों के साथ युति संबंध बनाते हैं। ग्रहों की युति से जब भी शुभ या अशुभ योगों का निर्माण होता है तो इस प्रभाव देश-दुनिया के साथ सभी 12 राशियों के जातकों के जीवन पर पड़ता है। इस समय मंगल और शनि की युति से षडाष्टक नाम का योग बनने जा रहा है। जिसका प्रभाव सभी राशियों के जातकों पर पड़ेगा। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब दो ग्रह 150 डिग्री के अंतर पर एक दूसरे से छठवें या आठवें भाव में हो तो षडाष्टक योग का निर्माण होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग बहुत ही कष्टकारी होता है। ऐसे में कुछ राशि वालों को आने वाले समय में सावधान रहने की जरूरत है।
शनि और मंगल युति से 10 साल बाद बना खतरनाक योग, इन राशि वालों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Tue, 21 Jan 2025 07:45 AM IST
सार
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब दो ग्रह 150 डिग्री के अंतर पर एक दूसरे से छठवें या आठवें भाव में हो तो षडाष्टक योग का निर्माण होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग बहुत ही कष्टकारी होता है।
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