Mangal Vakri 2024: 07 दिसंबर 2024 को ऊर्जा, क्रोध, युद्ध, रक्त और आक्रामकता के कारक ग्रह मंगल कर्क राशि में वक्री हो रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ग्रहों का सेनापति माना जाता है। मंगल मेष और वृश्चिक राशि के स्वामी होते हैं। मंगल एक निश्चित अंतराल पर राशि परिवर्तन करते हैं, जिसका प्रभाव जीवन पर जरूर पड़ता है। मंगलदेव अब 80 दिनों तक उल्टी चाल यानी वक्री होकर चलेंगे। मंगल कर्क राशि में वक्री होकर 24 फरवरी 2025 तक चलेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कोई ग्रह किसी राशि में उल्टी चाल से चलता हुआ प्रतीत होता है उसे ग्रहों की वक्री चाल कहा जाता है। कर्क राशि में मंगल नीच के होते हैं और इसमें वक्री होना ऊर्जा के लिहाज से एक नया आयाम दे सकते हैं। मंगल का चंद्रमा की राशि कर्क में नीच का होकर वक्री होना कुछ राशि वालों के लिए मुश्किलें पैदा कर सकता है। मंगल के वक्री होने से कुछ राशि वालों के मानसिक, पारिवारिक, नौकरी और व्यापार पर कुछ नकारात्मक असर देखने को पड़ सकता है। आइए मंगल का अपनी नीच राशि कर्क में वक्री होने का ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं।
Mangal Vakri: मंगल कर्क राशि में हुए वक्री, जानिए किन राशियों को कुछ दिनों तक करना पड़ेगा मुसीबतों का सामना
Mangal Vakri 2024: ऊर्जा और पराक्रम के कारक ग्रह मंगल आज यानी 07 दिसंबर 2024 को अपनी नीच राशि कर्क में वक्री हो गए हैं। मंगल के वक्री होने से इन 6 राशियों को रहना होगा सावधान।
मेष राशि
मेष राशि के जातकों पर मंगल का वक्री होना अच्छा नहीं कहा जा सकता है। मेष राशि के जातकों के लिए मंगल पहले और आठवें भाव के स्वामी होते हैं और 07 दिसंबर 2024 को मंगल के कर्क राशि में वक्री होने से यह आपके चौथे भाव में होंगे। ऐसे में आपको सुख-सुविधाओं में कमी देखने को मिल सकती है। वाहन, परिवार और जमीन-जायदाद से संबंधित कुछ समस्याएं पैदा हो सकती है। कार्यक्षेत्र में मंगल का वक्री होना अच्छा नहीं कहा जा सकता है। करियर में उतार-चढ़ाव रहेगा।
वृषभ राशि
मंगल का वक्री होना आपके तीसरे भाव पर प्रभाव रहेगा। वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल सातवें और बारहवें भाव के स्वामी होते हैं। मंगल के वक्री होने से आपके पराक्रम और साहस में कमी देखने को मिल सकती है। काम के सिलसिले में यात्राओं के दौरान कुछ परेशानियां आ सकती है। नौकरीपेशा जातकों के लिए मंगल का वक्री होना शुभ नहीं कहा जा सकता है। कार्यक्षेत्र में तनाव रह सकता है। व्यापार करने वाले जातकों के लिए मुनाफे में कमी आ सकती है। धन हानि होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी और संवादहीनता के चलते बिजनेस पार्टनर संग किसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल दूसरे भाव में वक्री हुए हैं। आपकी राशि के लिए मंगल छठे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। मंगल का दूसरे भाव में वक्री होना आपका परिवार के सदस्यों से कुछ मनमुटाव की स्थिति बन सकती है। धन संबंधी परेशानियों के साथ कर्ज का भी सामना करना पड़ सकता है। करियर में नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। जो लोग अगर व्यापार आदि से संबंधित है उन्हे कुछ नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस दौरान आपके द्वारा बनाई गई रणनीतियां असरदार नहीं होंगी। लापरवाही से कुछ नुकसान हो सकता है। आपको अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा नहीं लड़ाई-झगड़े की स्थिति बन सकती है।
कर्क राशि मंगल की नीच राशि होती है और इस राशि के लग्न भाव में मंगलदेव वक्री हुए हैं। मंगल के वक्री होने से इस राशि के जातकों को करियर संबंधी तमाम तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को वेतन में वृद्धि और पदोन्नति के लिए कोई दूसरा विकल्प तैयार करने की सोच सकते हैं। संतान की शिक्षा को लेकर कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में मनमुताबिक लाभ नहीं मिलने से मन में निराशा का भाव रहेगा।