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मध्यप्रदेश में हेलमेट-सीटबेल्ट को लेकर 10 दिन का विशेष अभियान, बार-बार नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
Wed, 30 Sep 2026 09:57 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Wed, 30 Sep 2026 09:57 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में सड़क हादसों में गंभीर चोट और मौत के मामलों को कम करने के लिए हेलमेट और सीटबेल्ट पर 10 दिन का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 28 सितंबर से 8 अक्तूबर तक पुलिस चौराहों, हाईवे और ब्लैक स्पॉट पर चेकिंग के साथ लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करेगी।
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मध्यप्रदेश में चलेगा हेलमेट का बड़ा अभियान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सड़क हादसों में गंभीर चोट और मौत के मामलों को कम करने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस ने हेलमेट और सीटबेल्ट के इस्तेमाल को लेकर 10 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है। 28 सितंबर से शुरू हुआ यह अभियान आठ अक्तूबर तक चलेगा। इस दौरान पुलिस की नजर केवल चालान काटने पर नहीं, बल्कि वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूक करने पर भी रहेगी।
अभियान के दौरान प्रदेश के प्रमुख चौराहों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट पर विशेष चेकिंग की जाएगी। बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों और सीटबेल्ट नहीं लगाने वाले कार चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट जरूरी
पुलिस दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी के हेलमेट को लेकर भी विशेष रूप से जांच करेगी। अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि हेलमेट सिर्फ वाहन चलाने वाले व्यक्ति के लिए ही नहीं, पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी जरूरी है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ये भी पढ़ें- मध्यप्रदेश भाजपा: नई टीम का बूथ कनेक्ट, देब-रेखा ने कार्यकर्ताओं के घर पहुंचकर साधा संवाद, कल अहम बैठक
कैमरों से भी होगी निगरानी
जिन शहरों में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और सीसीटीवी की सुविधा है, वहां तकनीक के जरिए भी नियमों पर नजर रखी जाएगी। ANPR कैमरों समेत उपलब्ध तकनीकी माध्यमों से नियम तोड़ने वालों के ई-चालान किए जाएंगे। लगातार हेलमेट या सीटबेल्ट नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
ये भी पढ़ें- भोपाल: आदेश खामरा को दोहरा उम्रकैद, ट्रक लूटने के लिए ड्राइवर-क्लीनर की हत्या, आठ साल बाद आया फैसला
स्कूल-कॉलेजों में भी पहुंचेगा अभियान
पुलिस ने अभियान को सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रखने की योजना बनाई है। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, औद्योगिक संस्थानों और अन्य शैक्षणिक परिसरों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम होंगे। बाजारों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर, बैनर और अन्य प्रचार माध्यमों से लोगों को हेलमेट व सीटबेल्ट के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल डीलर, ड्राइविंग स्कूल और परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के जरिए भी सुरक्षा नियमों का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेश और हादसों में हेलमेट-सीटबेल्ट से जान बचने के वास्तविक उदाहरण साझा किए जाएंगे।
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अभियान के दौरान प्रदेश के प्रमुख चौराहों, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों के साथ दुर्घटना संभावित क्षेत्रों यानी ब्लैक स्पॉट पर विशेष चेकिंग की जाएगी। बिना हेलमेट दोपहिया चलाने वालों और सीटबेल्ट नहीं लगाने वाले कार चालकों के खिलाफ मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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पीछे बैठने वाले के लिए भी हेलमेट जरूरी
पुलिस दोपहिया वाहन पर पीछे बैठने वाली सवारी के हेलमेट को लेकर भी विशेष रूप से जांच करेगी। अभियान के दौरान लोगों को बताया जाएगा कि हेलमेट सिर्फ वाहन चलाने वाले व्यक्ति के लिए ही नहीं, पीछे बैठने वाली सवारी के लिए भी जरूरी है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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कैमरों से भी होगी निगरानी
जिन शहरों में इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और सीसीटीवी की सुविधा है, वहां तकनीक के जरिए भी नियमों पर नजर रखी जाएगी। ANPR कैमरों समेत उपलब्ध तकनीकी माध्यमों से नियम तोड़ने वालों के ई-चालान किए जाएंगे। लगातार हेलमेट या सीटबेल्ट नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय को प्रस्ताव भेजने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
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स्कूल-कॉलेजों में भी पहुंचेगा अभियान
पुलिस ने अभियान को सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रखने की योजना बनाई है। स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, औद्योगिक संस्थानों और अन्य शैक्षणिक परिसरों में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता कार्यक्रम होंगे। बाजारों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर, बैनर और अन्य प्रचार माध्यमों से लोगों को हेलमेट व सीटबेल्ट के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया जाएगा। इसके अलावा एनसीसी, एनएसएस, स्काउट-गाइड, रेडक्रॉस, स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा। पेट्रोल पंप, ऑटोमोबाइल डीलर, ड्राइविंग स्कूल और परिवहन क्षेत्र से जुड़े संगठनों के जरिए भी सुरक्षा नियमों का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा। सोशल मीडिया पर भी सड़क सुरक्षा से जुड़े संदेश और हादसों में हेलमेट-सीटबेल्ट से जान बचने के वास्तविक उदाहरण साझा किए जाएंगे।
