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इंदौर: भागीरथपुरा घोटाले की रिपोर्ट सार्वजनिक, दो साल पहले दूषित पानी की जानकारी मिल गई थी अफसरों को

Wed, 30 Sep 2026 08:20 PM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Wed, 30 Sep 2026 08:20 PM IST
सार

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के मामले में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद अफसरों की लापरवाही की परतें खुल रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, बस्ती में दूषित पानी और लोगों के बीमार होने की जानकारी अफसरों और जनप्रतिनिधियों को काफी पहले मिल गई थी। 

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Indore: Bhagirathpura scam report made public; officials had been informed about contaminated water two years
भागीरथपुरा बस्ती - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंदौर के भागीरथपुरा में पिछले साल दिसंबर में दूषित पानी के कारण लोग बड़ी संख्या में बीमार होने लगे थे, लेकिन दूषित पानी नलों में आने और लोगों के बीमार होने की जानकारी अफसरों और जनप्रतिनिधियों को फरवरी 2024 में ही मिल गई थी।

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इसके बावजूद अफसर नहीं जागे और घटना को हल्के में लिया। लापरवाही की परतें इस मामले की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद खुल रही हैं। हाईकोर्ट के निर्देश पर भागीरथपुरा मामले की रिपोर्ट कोर्ट की वेबसाइट पर ऑनलाइन कर दी गई है।
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रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वर्ष 2024 से ही बस्ती में पथरी, पेट दर्द, पीलिया और टाइफाइड के मरीज आने लगे थे। क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने जांच आयोग को दिए अपने लिखित बयान में इसका खुलासा किया।

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उन्होंने अपने बयान में लिखा था कि दूषित पानी नलों में आने का मामला मैंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया था। इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने अफसरों को लाइन बदलने के निर्देश भी दिए थे। इसके बाद टेंडर जारी कर लाइन बदलने का काम भी शुरू हो गया था, लेकिन अक्टूबर 2025 में मरीज अचानक बढ़ने लगे।
 

पार्षद ने अपने बयान में यह भी कहा कि जब वे वर्ष 2023 में पार्षद बने, तब से ही भागीरथपुरा में दूषित पानी की समस्या आ रही है।आपको बता दें कि दूषित पानी के कारण बस्ती के 36 लोगों की मौत हुई। लंबे समय तक दूषित पानी के सेवन से लोगों के लीवर और किडनी फेल हो गए थे।



दो हजार से ज्यादा लोग बीमार हुए थे और 600 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती हुए थे। यह मामला दिल्ली तक चर्चित हुआ था और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी भागीरथपुरा जाकर मृतकों के परिजनों से मिले थे। प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया है।

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