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एसएमएजीएस में बच्चों की अदला बदली को लेकर हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा

Sun, 14 Jan 2018 11:29 PM IST
Updated Sun, 14 Jan 2018 11:29 PM IST
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एसएमएजीएस में बदले बच्चे 12 घंटे में वापस
- फोटो : DEMO PHOTO

जम्मू। एसएमजीएस अस्पताल में दो नवजातों की अदला-बदली होने से शनिवार को हाई वोल्टेज ड्रामा हो गया। बच्चों के बदलने दोनों परिवार सन्न रह गए। आखिर 12 घंटे बाद शाम चार बजे मसला हल हुआ। दोनों बच्चे अपने असली माता-पिता की गोद में पहुंच गए।

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इस मामले में पुलिस को भी शिकायत दी गई। इसमें अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आ रही है। चतुर्थ श्रेणी के दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया। फिलहाल, दोनों बच्चे अस्पताल में ही हैं।
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अस्पताल के अधीक्षक आरके सांगड़ा ने बताया कि शनिवार तड़के 4.38 बजे वंदना पत्नी गुरप्रीत निवासी अमृतनगर (मुट्ठी) को अस्पताल में लड़का पैदा हुआ। उसके कुछ समय बाद (07.50 बजे) पर उसी अस्पताल के दूसरे वार्ड में रविंदर कौर पत्नी सतनाम सिंह निवासी राजोरी के यहां लड़की पैदा हुई।
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इसके बाद चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों द्वारा बच्चों को कपड़े पहनाने के लिए दूसरे वार्ड में ले जाया गया। यहां कपड़े बदलने के दौरान बच्चों की अदला-बदली हो गई। बदले हुए बच्चे दोनों परिवारों के दे दिए गए।

हालांकि, इस दौरान डिलीवरी कराने वाली डाक्टर ने जब वंदना के परिवार वालों लड़का होनेे की बधाई दी, तो उनके होश उड़ गए। दरअसल, उनके हाथ में उस वक्त लड़की थी। मामला खुला तब पता चला कि उनका लड़का रविंदर कौर के पास गलती से पहुंच गया है।

इसके बाद वंदना के परिवार वाले अपना बच्चा मांगने के लिए रविंदर कौर के परिवार के पास पहुंचे, लेकिन उन्होंने बच्चा देने से इनकार कर दिया। मामला बढ़ा और पूरे अस्पताल में अफरातफरी मच गई।मामले की जानकारी पर एसएमजीएस पुलिस चौकी अधिकारी भी पहुंचे।


इसके बाद डिलीवरी कराने वाले डाक्टरों को बुलाया गया। तब मसला हल हो सका। दोनों बच्चे उनके असली परिवार वालों को दे दिए गए हैं। अधीक्षक का कहना है कि अगर परिवार वालों को किसी प्रकार का शक हो तो वह कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं। उन्होंने लापरवाही को देखेते हुए एक एनओ और एक चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी को निलंबित कर दिया है। साथ ही जल्द एक टीम गठित कर मामले की जांच कराने की बात कही है।

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