विज्ञापन

हिमाचल प्रदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

शिमला: ठियोग में तेजधार हथियार से अधेड़ की हत्या, फरार आरोपी परवाणू से गिरफ्तार

शिमला के उपमंडल ठियोग में दो युवकों ने तेजधार हथियार से हमला कर 52 वर्षीय अधेड़ व्यक्ति की हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जबकि दूसरा आरोपी फरार हो गया जिसे बाद में परवाणू से पकड़ा गया। बुजुर्ग का शव पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया है। मामले की छानबीन की जा रही है। पुलिस के अनुसार बीती मंगलवार रात को दो युवकों ने कलगांव निवासी रमेश गाजटा (52) की तेजधार हथियार से हमला कर हत्या कर दी।

रात को गाजटा घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। कलगांव नाला के पास अधेड़ को खून से लथपथ हालत में पड़े देखा। रमेश गाजटा की मौत हो चुकी थी। इसके पास देर रात करीब 1 बजकर 51 मिनट पर देहा पुलिस को घटना ही सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर करीब 3 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेज दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर एक गिरफ्तारी कर ली।

डीएसपी ठियोग लखवीर सिंह ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने नरेंद्र सिंह (30) निवासी गांव कलगांव को गिरफ्तार किया। सुनील टेक्टा, (21) निवासी कलगांव फरार हो गया था जिसे सेब मंडी परवाणू के पास से गिरफ्तार किया गया। जिला पुलिस सोलन को शिमला से सूचना मिली कि हत्या का आरोपी फरार है। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच समेत कई जगहों पर पुलिस ने नाके लगाए थे। वहीं इसी बीच आरोपी की लोकेशन परवाणू में ट्रेस हुई। 

इसके बाद डीएसपी परवाणू योगेश रोल्टा, थाना प्रभारी परवाणू दया राम ठाकुर और इंस्पेक्टर मुनीष के साथ पुलिस टीम लोकेशन के आधार पर रवाना हुई। जैसे ही टीम सेब मंडी परवाणू के पास पहुंची तो एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने आरोपी को तुरंत दबोच लिया। एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि शिमला से फरार आरोपी को  गिरफ्तार कर लिया गया है।
... और पढ़ें

विजिलेंस: रिश्वत के आरोपी एसएचओ की गाड़ी से चिट्टा बरामद, एनडीपीएस एक्ट में भी मामला दर्ज

रिश्वत के आरोपी फरार चल रहे एसएचओ नीरज राणा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। उसकी गाड़ी से अब चिट्टा बरामद हुआ है। विजिलेंस टीम ने कार के डैशबोर्ड में रखे पर्स से 0.84 ग्राम चिट्टा बरामद किया है। फरार एसएचओ के खिलाफ अब एनडीपीएस एक्ट में भी मामला दर्ज कर लिया गया है।

नीरज राणा को पुलिस विभाग ने निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी है। जांच में अब तक की सेवाओं का रिकॉर्ड तलब किया जाएगा। अब इंस्पेक्टर योगराज चंदेल को नादौन थाना का एसएचओ नियुक्त किया है। योगराज विजिलेंस थाना हमीरपुर में सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में पुलिस लाइन हमीरपुर में रहे हैं। 

वहीं, रिश्वत का आरोपी एसएचओ वारदात के 36 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ नहीं लगा है। विजिलेंस और हमीरपुर पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। बीते मंगलवार को लेबर चौक नादौन में दुधारू पशुओं का कारोबार करने वाले व्यापारी से 25 हजार रुपये रिश्वत लेने और विजिलेंस टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास करते हुए वह फरार हुआ था।

सेरी कल्चर रोड पर कार को खड़ा करने के बाद वह बेला के जंगल की तरफ भागा था। सूत्रों के मुताबिक आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए भूमिगत हो गया है। अपने वकील के माध्यम से हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी लगाने का प्रयास कर रहा है। 

आरोपी पर विभागीय जांच के साथ उसकी प्रॉपर्टी की भी जांच होगी। कहां-कहां जमीनें और मकान खरीदे हैं। बैंक में खुद और परिवार के सदस्यों के नाम पर कितनी पूंजी है, यह सब जांच के दायरे में आएगा। वर्तमान में उसके पास करीब दस लाख की लग्जरी कार है। हमीरपुर विजिलेंस के डीएसपी लालमन शर्मा ने कहा कि एसएचओ को ढूंढने में टीम लगी है। 

एसपी हमीरपुर डॉ. आकृति शर्मा ने कहा कि आरोपी को विभाग ने सस्पेंड कर दिया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर योगराज को नादौन थाने का एसएचओ नियुक्त किया गया है।

वर्ष 2013 में भी नादौन थाना रहा है सुर्खियों में
वर्ष 2013 में तत्कालीन एसएचओ उपनिरीक्षक अश्वनी को भी विजिलेंस ने 10 हजार रुपये रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था। उसे उपायुक्त कार्यालय के पास रिश्वत लेते पकड़ा था। बाद में सुबूतों के अभाव में वह बहाल हो गया। इसी साल राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो हमीरपुर में सेवारत एक महिला आरक्षी पर भी सूचनाएं लीक करने का आरोप लग चुका है।

विजिलेंस ने एक राजस्व अधिकारी को रिश्वत के आरोप में ट्रैप करने का प्लान बनाया था। इससे पहले कि विजिलेंस आरोपी तक पहुंचती सारा प्लान लीक हो गया और आरोपी बच निकला। मामले में उच्च स्तरीय विभागीय जांच के बाद विजिलेंस कर्मचारी को हमीरपुर से पुलिस बटालियन जंगलबैरी और बाद में शिमला ट्रांसफर किया गया। बाद में फिर से हमीरपुर लौट आईं।
... और पढ़ें

हिमाचल: विजिलेंस टीम को गाड़ी से रौंदने का प्रयास कर रिश्वत के 25,000 लेकर एसएचओ हुआ फरार

विजिलेंस टीम को गाड़ी से रौंदने का प्रयास कर रिश्वत के 25 हजार रुपये लेकर आरोपी एसएचओ फरार हो गया है। विजिलेंस अफसरों ने सड़क से नीचे कूदकर अपनी जान बचाई है। घटना हिमाचल प्रदेश के नादौन की है। विजिलेंस ने जिला पुलिस के साथ मिलकर आरोपी की घेराबंदी की तो उसने घटनास्थल से कुछ दूर अपनी गाड़ी को लावारिस हालत में छोड़ दिया और खुद गायब हो गया। फिलहाल आरोपी की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। एसपी विजिलेंस मंडी रेंज राहुल नाथ ने इसकी पुष्टि की है। दरअसल, पीड़ित कारोबारी ने विजिलेंस में शिकायत कर आरोप लगाया था कि एसएचओ नादौन नीरज राणा मवेशियों को पठानकोट ले जाने की अनुमति देने की एवज में 25,000 रुपये की रिश्वत मांग रहा है। पैसा न देने पर फर्जी मामले में फंसाने की धमकी भी दे रहा है। शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने एसएचओ को रंगे हाथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया।

आरोपी एसएचओ अपनी निजी कार से मौके पर पहुंचा और शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि ले ली। इसी बीच विजिलेंस की टीम उसे दबोचने के लिए बढ़ी तो वह अपनी कार में बैठ गया और टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास करते हुए फरार हो गया। विजिलेंस ने आरोपी के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में हत्या के प्रयास की शिकायत दर्ज करवा दी है। लेकिन जिला पुलिस ने अलग से मामला दर्ज नहीं किया है। विजिलेंस को कहा है कि रिश्वत के मामले में दर्ज एफआईआर में ही हत्या का प्रयास और सरकारी कर्मचारी के साथ दुर्व्यवहार की धाराओं को भी जोड़ दिया जाए। 

यहां जानें पूरा मामला
उधर,  पुलिस इंस्पेक्टर के इस कारनामे से पुलिस की छवि पूरे प्रदेश में धूमिल हुई है। दरअसल दुधारू मवेशियों का व्यवसाय करने वाले मंडी जिला के एक व्यक्ति ने विजिलेंस ब्यूरो में एसएचओ के खिलाफ शिकायत दी थी। शिकायतकर्ता शिव सिंह ने शिकायत में कहा था कि वह हिमाचल और पंजाब में दुधारू पशुओं को खरीदने और बेचने का व्यवसाय करता है। मंगलवार रात को उसने मंडी के नेरचौक से एक ट्राले में दुधारू पशुओं को पठानकोट भेजा। इस दौरान नादौन पुलिस ने उसकी गाड़ी को रोक लिया। गाड़ी को भेजने के लिए एसएचओ ने उनसे 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता ने कहा कि वह पठानकोट से वापस आने पर उसे यह पैसे देगा। इस पर पीड़ित ने विजिलेंस को भी इसकी शिकायत दे दी। विजिलेंस ने केमिकल युक्त नोट की गड्डी को शिकायतकर्ता के हाथों में थमा दिया और एसएचओ को बुलाने के लिए कहा।

पहले से बिछाए जाल के मुताबिक एसएचओ नादौन के लेबर चौक के समीप पैसे लेने पहुंचा। एसएचओ ने नोटों की गड्डी पकड़ी ही थी कि विजिलेंस टीम उसे पकड़ने के लिए आगे दौड़ी। लेकिन इतने में पहले से अपनी निजी कार में सवार एसएचओ विजिलेंस के सब इंस्पेक्टर और एएसआई समेत सामने खड़े तीन लोगों पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास करते हुए मौके से फरार हो गया। हालांकि कुछ ही देर में पुलिस ने सेरी कल्चर रोड पर कार बरामद कर ली। लेकिन एसएचओ जंगल की तरफ भाग गया। इधर, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर डॉ. आकृति शर्मा ने कहा कि नादौन थाना प्रभारी के खिलाफ विजिलेंस ने रिश्वत और हत्या के प्रयास में मामला दर्ज होने की सूचना दी है। विजिलेंस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया है।
... और पढ़ें

Chandigarh: 12 लाख की रिश्वत लेते न्यू इंडियन इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय मैनेजर और सर्वेयर को CBI ने दबोचा

चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित न्यू इंडियन इंश्योरेंस कंपनी के क्षेत्रीय मैनेजर जेके मित्तल और सर्वेयर एनएस सिद्धू को 12 लाख रुपये की रिश्वत लेते सीबीआई ने बुधवार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने एक करोड़ का इंश्योरेंस क्लेम जारी करने के लिए रिश्वत की मांग की थी। शिमला से एसपी राजेश व डीएसपी बलबीर शर्मा के नेतृत्व में आई सीबीआई की टीम ने चंडीगढ़ में यह कार्रवाई की। 

दिल्ली स्थित राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने परवाणु के एक उद्योगपति को एक करोड़ का इंश्योरेंस क्लेम देने का न्यू इंडियन इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया था। इस राशि को जारी करने के लिए क्षेत्रीय मैनेजर और सर्वेयर ने पूरी राशि का 12 फीसदी रिश्वत की मांग की जो 12 लाख बनता है। उद्योगपति ने सीबीआई को इसकी जानकारी दी। 

सीबीआई ने सूचना के आधार पर ट्रैप लगाया और कंपनी के क्षेत्रीय मैनेजर जेके मित्तल और सर्वेयर एनएस सिद्धू को बुधवार को चंडीगढ़ में रिश्वत के पैसों के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। सेक्टर-17 स्थित न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी में देर रात तक सीबीआई की कार्रवाई जारी रही। सीबीआई ने कंपनी के दोनों अधिकारियों को भी बिठाए रखा और पूछताछ की। सीबीआई की तरफ से बताया गया कि मामले में आगे की जांच चल रही है।
... और पढ़ें
जीएम व अन्य कर्मचारी से पूछताछ करते सीबीआई अधिकारी। जीएम व अन्य कर्मचारी से पूछताछ करते सीबीआई अधिकारी।

Punjab: पंजाब-हिमाचल सीमा पर लग्जरी गाड़ी से 2 करोड़ की नकदी बरामद, हिमाचल में चुनाव के चलते लगाया था नाका

पंजाब-हिमाचल सीमा पर शनिवार बाद दोपहर पंजाब-हिमाचल सीमा स्थित आरटीओ बेरियर पर लगाए नाके पर पुलिस ने चंडीगढ़ नंबर की लग्जरी गाड़ी से 2 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है। गाड़ी में सवार चालकों के मुताबिक वह चंडीगढ़ से जम्मू-कश्मीर जा रहे थे। हालांकि, उक्त लोग नकदी संबंधी कोई संतुष्टजनक जवाब नहीं दे पाए। जिसके चलते गाड़ी और नकदी को डमटाल पुलिस ने जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

सारी नकदी 5सौ और 2 हजार के नोट में है। मशीन के जरिए पुलिस ने वीडियोग्राफी कर नकदी की गिनती की। मौके पर पहुंचे एसपी नूरपुर अशोक रत्न ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर तौकी आरटीओ बेरियर पर नाका लगाया था। पुलिस ने जालंधर साइड से आ रही एक इसूजू कार को रोका।

यह भी पढ़ें : 
Ludhiana Murder: पोस्टमार्टम में दिखी पति की बेरहमी, डॉक्टर भी दहले... हत्या के पीछे का चेहरा भी बेनकाब

जब उसकी डिग्गी की तलाशी ली गई तो उसमें से गत्ते की 2 पेटियां मिलीं। जिसमें से 2 करोड़ की नकदी बरामद की गई है। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग के निर्देश पर नाका लगाया गया था। बताया कि 10 लाख से अधिक की नकदी मिलने पर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश हैं।

उन्होंने बताया कि गाड़ी चालक चंडीगढ़ निवासी है और जम्मू जा रहा था। नकदी संबंधी कोई दस्तावेज वह पेश नहीं कर पाए। एसपी ने बताया कि मामले की सूचना चुनाव आयोग और पुलिस उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। आयकर विभाग को भी सूचना दी गई है। जांच के बाद अगामी कार्रवाई की जाएगी।  ... और पढ़ें

पुलिस की कार्रवाई: नशा तस्करी में संलिप्त दो अफ्रीकी नागरिक दिल्ली से गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रामपुर उपमंडल में चिट्टा सप्लाई करने वाले दो अफ्रीकी नागरिकों को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने हाल ही में चिट्टे के साथ पकड़े स्थानीय युवक की निशानदेही पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। दोनों के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

जानकारी के मुताबिक कुछ दिन पहले रामपुर बुशहर के चौधरी अड्डे पर पुलिस ने एक युवक को 7.15 ग्राम चिट्टे के साथ दबोचा था। पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि यह नशा उसे अफ्रीकी मूल के आरोपियों ने दिल्ली से सप्लाई किया था। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार देर शाम आरोपियों को लेकर पुलिस दल रामपुर पहुंचा। पुलिस दोनों से गहन पूछताछ कर रही है। डीएसपी रामपुर चंद्रशेखर कायथ ने इसकी पुष्टि की है। 
... और पढ़ें

परवाणू: दो महिलाओं की हत्या के आरोपी पंजाब से गिरफ्तार, पुलिस को ऐसे मिली सफलता

कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर कोटी में रेलवे टनल नंबर 10 के समीप दो महिलाओं की हत्या कर बेड शीट में लपेटकर फेंकने वाले दोनों आरोपियों को सोलन पुलिस ने पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरे की मदद से आरोपियों तक पहुंची है।  पुलिस दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर परवाणू ले आई है। शनिवार को पुलिस इन्हें कसौली कोर्ट में पेश करेगी। बताया जा रहा है कि पैसे के लेनदेन के चलते महिलाओं को मौत के घाट उतारा गया है। हालांकि मामले में पुलिस अभी खुलकर बताने में परहेज कर रही है। जानकारी के अनुसार हत्या मामले में पुलिस ने जितेंद्र सिंह (43) निवासी हाउस नंबर 3918 वार्ड सात खरड़ मोहाली और दिनेश कुमार (32) निवासी झझर मंगूवाल रोपड़ को गिरफ्तार किया है।

इनमें जितेंद्र सिंह टैक्सी चालक है और दिनेश ट्रक ड्राइवर है। पुलिस ने आरोपियों की कार को भी जब्त कर लिया है। महिलाओं की शिनाख्त के बाद पुलिस ने परिवारजनों से पूछताछ पर जांच को आगे बढ़ाया और पंजाब में दबिश दी। टीम ने हाईवे पर लगे सीसीटीवी भी खंगाले। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा। उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सोलन अशोक वर्मा ने बताया कि पुलिस ने दो महिलाओं की हत्या मामले में दो लोगों को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। हर चीज को ध्यान में रखकर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
... और पढ़ें

डंडे से किया वार: बहस के बाद पत्नी और बेटे की हत्या, आरोपी गिरफ्तार

महिलाओं की हत्या मामला(फाइल)
मणिकर्ण के जरी में एक नेपाली कामगार ने बहस के बाद पत्नी और बेटे को डंडे से वार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात रविवार दोपहर बाद करीब तीन बजे की है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक गुरदेव शर्मा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पुलिस चौकी जरी में सूचना मिली थी कि किराए के एक कमरे में रह रहा नेपाली मूल का परिवार आपस में झगड़ रहा है।

पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां माया देवी (30) और उसके 11 साल के बेटे चिंग चोंग का शव चटाई पर पड़ा था। दोनों की हत्या का आरोप माया देवी के पति चंद्र बहादुर पर है। दोनों के सिर पर गहरी चोट लगी हुई थी। 45 वर्षीय चंद्र बहादुर पिछले छह-सात साल से जरी में अपने परिवार के साथ रह रहा था।

यह सूमारोपा नामक जगह पर पत्थर निकालने का काम करता था। रविवार को मौसम खराब होने की वजह से वह काम पर नहीं गया था। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 
... और पढ़ें

हिमाचल: जहरीली शराब पीने से दो और की मौत, सात पहुंचा आंकड़ा, चार गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर के सलापड़ और कांगू में नकली व जहरीली शराब का सेवन करने वाले दो और लोगों की गुरुवार को मौत हो गई। मरने वालों का आंकड़ा सात तक पहुंच गया है। गुरुवार  को चार और लोगों की तबीयत बिगड़ गई। अब तक जहरीली शराब पीकर तबीयत बिगड़ने के 14 मामले आ चुके हैं। पुलिस ने पूर्व प्रधान समेत चार लोगों को भी गिरफ्तार किया है।गुरुवार को शराब का सेवन करने वाले सीता राम पुत्र बंगालू राम निवासी खनयोड, सुंदरनगर और भगत राम पुत्र गोकुल राम निवासी गांव मालथानी, सुंदरनगर की मौत हो गई। सीता राम ने घर में दम तोड़ा है। वहीं, भगत राम की वीरवार तड़के नेरचौक मेडिकल कॉलेज में मौत हुई है। एक अन्य भर्ती व्यक्ति गणपत को नेरचौक मेडिकल कॉलेज से आईजीएमसी और वहां से अब पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया है। नेरचौक में छह लोग भर्ती हैं। 

 उधर, सूत्रों के अनुसार जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद पोस्टमार्टम और बिसरा जांच की प्रारंभिक रिपोर्ट में शराब में मिथाइल अल्कोहल होने की बात सामने आई है। आरोपियों पर शिकंजा कसने में यह अहम साक्ष्य हो सकता है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर कोई पुष्टि नहीं कर रहा है। बता दें कि कच्ची शराब तैयार करने वाले मिथाइल अल्कोहल, इथाइल अल्कोहल और यूरिया के अलावा तेज नशे के लिए क्लोरल हाइड्रेड का इस्तेमाल भी करते हैं, जिससे नशे की तीव्रता को बढ़ाया जा सके। अब मृतकों के विसरा परीक्षण की जांच तीन चरणों में होगी। इसमें वैज्ञानिक पता लगाएंगे कि जहरीली शराब तैयार करने में कौन-कौन से केमिकल मिलाए गए हैं।

पुलिस ने सलापड़ पंचायत के पूर्व प्रधान जगदीश चंद, वर्तमान पंचायत प्रधान के ससुर अच्छर सिंह पुत्र बहादुर सिंह समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मलोह पंचायत के छज्वार गांव से गिरफ्तार तीसरे आरोपी सोहन लाल उर्फ रवि से पुलिस ने संतरा ब्रांड की नकली शराब की 12 बोतल बरामद की हैं। चौथा आरोपी प्रदीप कुमार उर्फ दीप सलापड़ पंचायत के सरोह गांव का रहने वाला हैं। चारों करीब एक साल से देसी व अंग्रेजी शराब अवैध रूप से दुकानों और घरों में सप्लाई करते थे। एसपी मंडी, शालिनी अग्निहोत्री ने बताया कि पुलिस ने चारों को देर शाम सुंदरनगर की अदालत में पेश किया, जहां से चार दिन की पुलिस रिमांड मिली है। 

 एनआईए में रहे अरविंद एसआईटी में शामिल
 नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (एनआईए) में सेवाएं दे चुके एसपी अरविंद दिग्विजय नेगी को भी डीआईजी मंडी रेंज मधू सूदन की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) में शामिल किया गया। नेगी के अलावा इस टीम में एसपी कांगड़ा खुशाल चंद शर्मा, एसपी मंडी शालिनी अग्निहोत्री और राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) के एसपी अपराध वरिंद्र कालिया भी शामिल हैं। टीम ने वीरवार को घटना से संबंधित सभी पहलुओं पर चर्चा की। देखा जा रहा है कि कहीं असली की जगह नकली शराब की तो सप्लाई नहीं की गई।

संतरा ब्रांड के लेवल से छेड़छाड़, फूड्स की जगह लिखा फूलस
 चंद पैसों के लालच में शराब माफिया ने हिमाचल प्रदेश में बनने वाली संतरा ब्रांड शराब के लेवल से छेड़छाड़ कर नकली शराब तैयार करके लोगों को परोस दी। यह सब पुलिस और आबकारी विभाग के नाक तले चलता रहा। अब शराब माफिया को राजनीतिक संरक्षण की बात भी सामने आ रही है। बुधवार और वीरवार को पुलिस ने जो शराब की बोतलें बरामद की हैं, उनमें संतरा ब्रांड के दो लेवल वाली शराब पुलिस के हाथ लगी है। एक में कंपनी के नाम के साथ फूड्स तो दूसरी में फूलस लिखा है।
 
... और पढ़ें

सीआईडी की कार्रवाई: 65 लाख का सेब लेकर फरार आढ़ती रोहड़ू में गिरफ्तार

हिमाचल प्रदेश अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने करीब 65 लाख रुपये का सेब खरीदकर फरार एक आढ़ती को रोहड़ू में जाकर पकड़ा है। यह कार्रवाई सीआईडी की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने की है। आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आरोपी आढ़ती को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। आरोपी आढ़ती चेक बाउंस के आधा दर्जन मामलों में भी फंसा हुआ है।

 सीआईडी की एसआईटी के प्रभारी पुलिस अधीक्षक  वरिंद्र कालिया की अध्यक्षता वाली टीम ने आरोपी शशि महात्मा को रोहड़ू जाकर गिरफ्तार किया है। रोहडू़ में आरोपी का ठिकाना बताया जाता है। लंबे समय से सीआईडी उसे पकड़ने के लिए प्रयास कर रही थी। वह वर्ष 2019 से फरार था। कई बागवानों से ठगी करने के बाद उसके खिलाफ एसआईटी के पास मामला दर्ज था। इस ठगी में शामिल रहे कई अन्य लोगों के खिलाफ भी आगामी दिनों में कड़ी कार्रवाई संभावित है। 
... और पढ़ें

सोलन: पत्नी के साथ अवैध संबंध के शक में कर दी साथी की हत्या

सोलन जिले के थाना गांव में एक व्यक्ति ने अपने ही साथी की गला दबाकर हत्या कर दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गया। उसे बद्दी पुलिस ने हरियाणा के नवांनगर से गिरफ्तार किया। आरोपी बद्दी से यूपी जाने की तैयारी में था। आरोपी ने पत्नी से अवैध संबंध के शक में इस वारदात को अंजाम दिया।

यूपी के संभल जिले के काबुलपुर गांव के संजय कुमार (27) और हरदोई जिले के प्रतापपुर निवासी राहुल (23) बद्दी के थाना क्षेत्र में उद्योगों में काम करते थे। दोनों शादीशुदा थे। बताया जा रहा है कि 15 जनवरी को संजय और राहुल ने कमरे में शराब पी। शराब के नशे में इस दौरान राहुल ने संजय को उसकी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने की बात कही।

इसके बाद संजय ने उसे और ज्यादा शराब पिला दी। जब राहुल नशे में चूर हो गया तो उसने गला दबाकर उसे मार दिया और वहां से फरार हो गया। 16 जनवरी को सुबह साढ़े दस बजे थाना पंचायत प्रधान ने इसकी सूचना बद्दी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। पुलिस संजय की तलाश में जुट गई। रविवार को संजय बद्दी के साथ लगते हरियाणा क्षेत्र में यूपी जाने की तैयारी में बस का इंतजार कर रहा था।

पुलिस ने उसे बस में सवार होने से पहले ही दबोच लिया। एएसपी नरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी संजय को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। मृतक का पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
... और पढ़ें

अवैध संबंध: चिंतपूर्णी बस स्टैंड में सो रहे व्यक्ति की हत्या, पत्थर से किया वार

चिंतपूर्णी बस स्टैंड में सो रहे एक व्यक्ति की पत्थर मारकर हत्या कर दी गई। घटना मंगलवार देर रात एक बजे की बताई जा रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालकर सुबह चार बजे भरवाईं पेट्रोल पंप के नजदीक आरोपी को पकड़ लिया है। देहरा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। देहरा पुलिस के अनुसार मृतक हैपी पुत्र राजेश कुमार निवासी मेन थप्पल कालाअंब तहसील नाहन जिला सिरमौर चिंतपूर्णी बस स्टैंड में ढाबे में काम करता था।

उसका पहले भी आरोपी विजय पुत्र संतलाल निवासी मोगा पंजाब के साथ झगड़ा हुआ था। मंगलवार को हैपी आरोपी के डर से बस स्टैंड के अंदर दुकानों के पीछे सोया था। इस बीच, आरोपी विजय ने सिर पर पत्थर मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया और इसके बाद पत्थर बस स्टैंड के पास फेंक कर फरार हो गया। पत्थर फेंकने के दौरान वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। आरोपी चिंतपूर्णी में कबाड़ का काम करता है।

कुछ दिन पहले ही अपने गांव से पहुंचा था। पुलिस छानबीन में सामने आया कि आरोपी ने उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध के चलते हैपी की हत्या की है। आरोपी की पत्नी भी चिंतपूर्णी में साफ-सफाई का काम करती है। बुधवार सुबह एसपी कांगड़ा खुशहाल शर्मा ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि हत्या आरोपी रात को ही भागने की फिराक में था। बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
... और पढ़ें

फर्जी डिग्री मामला: राजकुमार राणा की पत्नी और बेटी भगौड़े घोषित

फर्जी डिग्री मामले के आरोपी सोलन स्थित मानव भारती विश्वविद्यालय (एमबीयू) ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी एवं संचालक राजकुमार राणा की पत्नी अशोनी कंवर व उसकी बेटी आईना राणा को अदालत ने भगौड़ा घोषित कर दिया है। ये दोनों भी विवि की ट्रस्टी हैं। विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने हाल ही में राणा, उसकी पत्नी और बेटे व बेटी की डिग्रियों की भी जांच की थी, जिसमें उनकी डिग्रियां भी फर्जी पाई गई थीं। उन्हें 3 जनवरी तक कोर्ट में हाजिर न होने पर सोमवार को सोलन स्थित न्यायाधीश प्रथम श्रेणी की अदालत ने दोनों को भगौड़ा घोषित कर दिया। गौर हो कि निजी विवि से लाखों फर्जी डिग्री बेचने के रैकेट की जांच स्टेट सीआईडी और हिमाचल प्रदेश पुलिस की संयुक्त एसआईटी कर रही है। वहीं, इस मामले को अब पीओ सेल के हवाले कर दिया गया है, ताकि आरोपियों की गिरफ्तारी हो सके। इस मामले की अगली सुनवाई आगामी अप्रैल में होनी है।

सहायक लोक अभियोजक सिम्मी शर्मा ने इसकी पुष्टि की है। राणा ने हाईकोर्ट से जमानत ले रखी है, जबकि उसकी पत्नी और बेटी फरार हैं। बताया जा रहा है कि राणा को परिवार सहित अदालत में पेश होने के आदेश दिए गए थे, लेकिन वे तय तिथि पर कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। जिस पर उन्हें भगौड़ा घोषित किया गया। सोमवार को अदालत में सीआरपीसी 82 के तहत सर्विंग कांस्टेेबल के चस्पानगी ब्यान दर्ज किए गए, जिसके बाद आगामी कार्रवाई हुई। गौर हो कि सीआईडी और पुलिस ने अब तक की जांच के आधार पर राणा की पत्नी व दोनों बच्चों के खिलाफ कोर्ट से गैर जमानती वारंट हासिल कर उनके पासपोर्ट भी जब्त करा दिए हैं। फर्जी डिग्री का आरोपी यह परिवार ऑस्ट्रेलिया में रह रहा है। पासपोर्ट जब्त होने के बाद अब इनके पास भारत वापस आने के अलावा कोई और रास्ता नहीं रह गया है। राणा के नाम पर दर्ज करीब 194 करोड़ रुपये की संपत्तियों को सीआईडी पहले ही ईडी से जब्त करवा चुकी है।
... और पढ़ें
बेहतर अनुभव के लिए
4.3
ब्राउज़र में ही
X
Jobs

सभी नौकरियों के बारे में जानने के लिए अभी डाउनलोड करें अमर उजाला ऐप

Download App Now

अपना शहर चुनें और लगातार ताजा
खबरों से जुडे रहें

एप में पढ़ें

क्षमा करें यह सर्विस उपलब्ध नहीं है कृपया किसी और माध्यम से लॉगिन करने की कोशिश करें

Followed

Reactions (0)

अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं

अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें