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हिमाचल: दूध और कुरकुरे के खाली पैकेट में शिमला पहुंचाया जा रहा चिट्टा, मुख्य सप्लायर फरीदाबाद से गिरफ्तार
Thu, 11 Jun 2026 01:10 PM IST
शिमला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Jun 2026 01:10 PM IST
सार
शिमला पुलिस ने चिट्टा तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सप्लायर रवि अहिरवार को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि पिछले तीन महीनों में नेटवर्क के जरिए 1.25 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ। तस्कर खाद्य पदार्थों के खाली पैकेटों में चिट्टा छिपाकर लोकेशन आधारित डिलीवरी करते थे।
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चिट्टा (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
शिमला शहर में लंबे समय से लोकेशन बेस्ड चिट्टा तस्करी का अंतरराज्यीय नेटवर्क चलाया जा रहा था। नशा तस्कर पैडलरों के जरिये टुटीकंडी और आसपास के क्षेत्र में कुरकुरे तथा दूध समेत अन्य खाद्य पदार्थों के खाली पैकेट में चिट्टा छिपाते थे और फिर उसकी वीडियो बनाकर उसे खरीदारों तक पहुंचाया जाता था।
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पुलिस के मुताबिक शिमला शहर में यह नशा तस्करी का नेटवर्क पिछले एक साल से अधिक समय में चल रहा था। शिमला पुलिस ने विशेष अभियान के तहत इस बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सप्लायर को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि पिछले तीन महीनों में इस नेटवर्क के जरिये 1.25 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है।
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पुलिस के मुताबिक मामला पुलिस पिछले दिनों थाना बालूगंज में चिट्टा तस्करी का मामला सामने आया। इसमें पुलिस ने अविनाश चौहान के कब्जे से सात ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया। जांच आगे बढ़ने पर पुलिस ने विशाल यादव और उसके भाई जय प्रकाश यादव निवासी भोजपुर (बिहार) को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार मामले की गहन जांच, डिजिटल साक्ष्यों, बैंकिंग लेन-देन और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर रवि अहिरवार (21) निवासी छतरपुर (मध्य प्रदेश), वर्तमान निवासी बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) को गिरफ्तार किया। आरोपी को अदालत में पेशकर पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
जांच में पता चला है कि रवि अहिरवार वर्ष 2025 से मोहाली क्षेत्र में रह रहा था और हिमाचल में चिट्टा की अवैध तस्करी में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। जांच में सामने आया है कि रवि को इस काम के लिए नशे की कीमत के हिसाब से 10 से 30 फीसदी तक कमीशन मिलता था। एक साल में वह करीब 50 बार शिमला आकर नशे की डिलीवरी कर चुका है। पुलिस ने जब मुख्य सरगना विशाल यादव के मोबाइल की पड़ताल की तो इस गिरोह के लोकेशन बेस्ड नेटवर्क का पता चला। पुलिस को मुख्य आरोपी विशाल यादव के मोबाइल में ऐसे कई वीडियो मिले हैं जिसमें नशे को झाड़ियों और आसपास के सुनसान जगहों पर छिपाकर रखा है। पुलिस को शक है कि इस अंतरराज्यीय गिरोह में कई और लोग संलिप्त हो सकते हैं जिनकी पहचान करने के लिए मामले के हर पहलू की छानबीन कर रही है।
नशा तस्करी के मामलों में सरगनाओं पर कार्रवाई
एएसपी अभिषेक ने बताया कि शिमला पुलिस के मुताबिक जिले में नशे का जाल फैलाकर युवाओं की जिंदगी को बर्बाद करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यही वजह है कि हर मामले की बैकवर्ड लिंकेज की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इसमें दूसरे राज्यों में बैठकर नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहे बड़े सप्लायरों को पकड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उनकी वित्तीय जांच भी की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं है बल्कि तस्करी के स्रोतों और सप्लाई चेन पर भी प्रहार किया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या केवल सात थी। पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में शिमला पुलिस ने एक किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी जबकि वर्ष 2026 में महज छह महीने से कम समय में दो किलोग्राम हेरोइन जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा इस वर्ष 37 ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
एएसपी अभिषेक ने बताया कि शिमला पुलिस के मुताबिक जिले में नशे का जाल फैलाकर युवाओं की जिंदगी को बर्बाद करने वालों को किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यही वजह है कि हर मामले की बैकवर्ड लिंकेज की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इसमें दूसरे राज्यों में बैठकर नशा तस्करी का नेटवर्क चला रहे बड़े सप्लायरों को पकड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उनकी वित्तीय जांच भी की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई नशे की बरामदगी तक सीमित नहीं है बल्कि तस्करी के स्रोतों और सप्लाई चेन पर भी प्रहार किया जा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर 48 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि वर्ष 2025 में यह संख्या केवल सात थी। पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में शिमला पुलिस ने एक किलोग्राम हेरोइन बरामद की थी जबकि वर्ष 2026 में महज छह महीने से कम समय में दो किलोग्राम हेरोइन जब्त की जा चुकी है। इसके अलावा इस वर्ष 37 ड्रग सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।