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स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज और निजी बस चालक का गठजोड़ रोडवेज को बना रहा अपंग

Sat, 25 Mar 2017 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sat, 25 Mar 2017 01:28 AM IST
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stand duty incharge & private bus owner meet to back roadyways
रोडवेज बसों की कमी से यात्री रहे परेशान - फोटो : amar ujala
रोहतक डिपो में स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज निजी बस के चालकों और परिचालकों के साथ मिलकर विभाग को अपंग बनाने में लगे हैं। आरोप है कि स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज निजी बसों को तय समय से दोगुने समय तक स्टैंड पर खड़ा होने दे रहे हैं, जबकि रोडवेज बसों को पांच मिनट में ही वाउचर काटकर चलता कर देते हैं। जब रोडवेज चालक स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज से शिकायत करते हैं तो उसे अनसुना कर दिया जाता है। हालांकि, जीएम ने मामले की जांच करवाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।
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दरअसल, रोडवेज डिपो के स्टैंड पर निजी और रोडवेज बसों के खड़े होने का समय आठ मिनट है। आठ मिनट के अंदर ही बसों के चालक और परिचालक को सवारियों को बैठाना होता है। सोनीपत के काउंटर पर शुक्रवार को अलग माजरा देखने को मिला। काउंटर पर सुबह 09 बजकर 56 मिनट से 10 बजकर 04 मिनट तक का समय निजी बस के लगने का है। इसके बाद 10 बजकर 04 मिनट से 10 बजकर 12 मिनट तक रोडवेज बस लगती है। लेकिन शुक्रवार को जब सुबह 10 बजकर 04 मिनट पर रोडवेज की बस पहुंची तो वहां खड़ी निजी बस रवाना नहीं हुई।
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निजी बस के चालक ने बस नहीं हटाई, न ही स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज ने बस को हटवाया। रोडवेज बस के चालक-परिचालक ने शिकायत की तो स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज ने जवाब दिया कि वे कुछ नहीं कर सकते हैं। जबकि निजी बस के स्टैंड से जाने के बाद स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज ने 05 मिनट में ही 10 बजकर 20 मिनट पर चार यात्रियों का वाउचर काटकर विभाग की बस को चलता कर दिया। जिस स्टैंड पर विभाग की बस करीब 600 से 700 रुपये का वाउचर बनाकर रवाना होती है, उसी बस को शुक्रवार को 151 रुपये का वाउचर काटकर चलता कर दिया गया और निजी बस को लगवा दिया गया।
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यही बस जब सोनीपत डिपो से रोहतक के लिए स्टैंड से रवाना हुई तो वहां पर 500 रुपये से अधिक का वाउचर बना। ऐसे में इन दो वाउचरों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि विभाग के कर्मचारी निजी बस के चालक और परिचालक के साथ मिलकर विभाग को चूना लगा रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज के साथ मिलकर निजी बस को स्टैंड पर ज्यादा समय दिया जा रहा है।

नोटबंदी के दौरान गोलमाल पर पिटा था स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज
बता दें कि नोटबंदी के दौरान पुराने नोटों को बदलने का आरोप एक स्टैंड ड्यूटी इंचार्ज पर लगा था। चालकों और परिचालकों ने नोट बदलने को लेकर उसे पीटा था। इसके बाद आरोपी को पीजीआई में इलाज के लिए भेज दिया गया था। हालांकि, उसके बाद से आरोपी को स्टैंड पर ड्यूटी करते नहीं देखा गया और न ही उसकी गिरफ्तारी हुई। बाद में पता चला कि आरोपी कार्यशाला में इलेक्ट्रिीशियन के पद पर तैनात था, लेकिन ड्यूटी स्टैंड इंचार्ज की कर रहा था। सूत्रों ने बताया कि इसी तरह विभाग में कई कर्मचारियों की पोस्ट कुछ और है और वह मलाईदार पदों पर ड्यूटी लगवाकर कमाई में जुटे हैं।


शिकायत आई तो करेंगे कार्रवाई
स्टैंड सुपरवाइजर (एसएस) बलबीर सिंह ने बताया कि विभाग की बसों को प्रशासन की मांग पर पुलिस लाइन में भेजा गया है। ऐसे में बसों की कमी के कारण निजी बसों को यात्रियों की सुविधा के लिए ज्यादा समय तक स्टैंड पर खड़ा होने दिया जा रहा होगा। अगर कोई विभाग का चालक या परिचालक किसी स्टैंड इंचार्ज के खिलाफ शिकायत करता है तो मामले की जांच करने के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जीएम राहुल जैन ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है, अगर ऐसा है तो जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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