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पानीपत

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Digital Edition

पानीपत: बस स्टैंड के पास बीएसएफ जवान का बैग चोरी, सर्विस रिवाल्वर, दो मैगजीन, तीन गोलियां व रुपये थे बैग में

हरियाणा के पानीपत में बीएसएफ जवान का पानीपत बस स्टैंड के पास से बैग चोरी हो गया। बैग में उनकी सर्विस रिवाल्वर, दो मैगजीन, तीन गोलियां और पांच हजार रुपये थे।  गोहाना मोड़ पहुंचने पर बैग बस में नहीं मिला। वह बस स्टैंड पर वापस आए और सिटी थाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

सिटी थाना पुलिस को दी शिकायत में राजस्थान के सीकर निवासी हरफूल सिंह ढाका ने बताया कि वह बीएसएफ में सिपाही है। इस वक्त उनकी ड्यूटी पंजाब के जलालाबाद स्थित फिरोजपुर में है। उन्हें 26 मार्च को 40 दिन की छुट्टी मिली थी। 27 मार्च की रात वह पानीपत बस अड्डे पहुंचे। यहां वह बस के इंतजार में डिपो के सामने एक कार्यालय में बैठे थे।

सुबह करीब साढ़े चार बजे उसकी आंख लग गई। करीब आधे घंटे बाद जब उठे उनका लाल बैग चोरी मिला। बैग में फौज कैंटीन का तेल-साबुन, हेल्थ कार्ड, पांच हजार रुपये, सर्विस रिवाल्वर, दो मैगजीन और तीन गोलियां थीं। उनकी पुलिस से मांग है कि जल्द चोर का पता लगाया जाए और उसका सामान बरामद कराया जाए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 
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हरियाणा: पंजाब के संगरूर में स्कूल से लापता युवक-युवती का पानीपत में रेलवे ट्रैक पर मिला शव, आत्महत्या की आशंका

हरियाणा पानीपत में विकास नगर में रेलवे ट्रैक पर रविवार की रात 12 बजे पंजाब के संगरूर निवासी युवक-युवती का शव बरामद हुआ है। इससे पहले 26 मार्च को दोनों स्कूल से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। खोजबीन के बाद परिजनों की ओर से दोनों की गुमशुदगी भी दर्ज कराई गई थी। मामले में जीआरपी की ओर से दोनों के ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। 

 पंजाब में जिला संगरूर के गांव गुजरान निवासी कुलदीप सिंह (21) और नवदीप कौर (18) दोनों पड़ोसी थे। दोनों ही स्कूल में साथ पढ़ते थे। इस दौरान बीती 26 मार्च की दोपहर बाद दोनों एक साथ संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। परिजनों ने दोनों की अनेक जगहों पर तलाश की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचना दी।

संबंधित थाना पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर कुलदीप और नवदीप दोनों की तलाश शुरू की थी। इस दौरान रविवार की देर रात परिजनों के पास पानीपत जीआरपी की कॉल गई और रेलवे ट्रैक पर दोनों के शव मिलने की सूचना दी गई।

इससे पहले पुलिस ने मृतकों की जेब से मिले मोबाइल और कागजात के आधार पर युवक-युवती की शिनाख्त की। साथ ही दोनों के परिजनों को घटना के संबंध में जानकारी दी गई और सोमवार की सुबह परिजनों की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया गया। 

डॉक्टर बनना चाहता था कुलदीप, छह दिन बाद जाना था रूस
परिजनों के अनुसार कुलदीप डॉक्टर बनना चाहता था और इसके लिए उसे छह दिन बाद रूस जाना था। परिजनों ने फीस भी भर दी थी, लेकिन इससे पहले ही उसके मौत की खबर आई। वहीं युवती के परिजनों ने बताया कि युवती 12वीं की छात्रा थी। वह भी विदेश में पढ़ाई करना चाहती थी। दोनों 26 मार्च को स्कूल से ही लापता हो गए थे।
 
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पानीपत: आठ वर्षीय मासूम बच्चे से कुकर्म के दोषी को 20 साल की सजा, 25 हजार रुपये जुर्माना

पानीपत के इसराना थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय मासूम बच्चे के साथ कुकर्म करने वाले विश्वकर्मा कॉलोनी निवासी राकेश को दोषी पाते हुए अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश की अदालत ने 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

इसराना थाना पुलिस को दी शिकायत में एक महिला ने बताया था कि उसके तीन बच्चे हैं। सबसे छोटा बेटा आठ वर्ष का है, जो दूसरी कक्षा का छात्र है। आरोप है कि राकेश और राहुल उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद राहुल के घर पर राकेश ने उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान राहुल ने उसका वीडियो भी बनाया।

इसके बाद आरोपियों ने चाकू दिखाकर धमकाया कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे। डर के मारे बेटे ने घर पर भी कुछ नहीं बताया, लेकिन डरे सहमे बेटे के व्यवहार में आए बदलाव को लेकर जब परिजनों ने गंभीरता से पूछताछ की तो कुकर्म का खुलासा हुआ। घटना के एक सप्ताह बाद 18 मार्च 2020 को बेटे ने जब सारी बात बताई तो मां की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई।

इस पर इसराना थाना पुलिस ने पोक्सो एक्ट छह, आईपीसी की धारा 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। लगभग दो साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने बच्चे के साथ कुकर्म में राकेश को दोषी पाया और 20 साल की सजा तथा 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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पानीपत: रिश्वत लेते पटवारी रंगेहाथ गिरफ्तार, किसान से जमीन की खेवट अलग करवाने के लिए मांगी थी रिश्वत

स्टेट विजिलेंस की पानीपत टीम ने बुधवार को पुरानी तहसील से एक पटवारी को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। उसे रिश्वत के 24 हजार रुपये समेत पकड़ा गया। आरोपी पटवारी जितेंद्र के पास सिवाह क्षेत्र की जिम्मेदारी थी। विजिलेंस ने शिकायत मिलने के महज डेढ़ घंटे के अंदर कार्रवाई को अंजाम दिया।

पटवारी पर आरोप है कि उसने एक किसान से उसकी कृषि भूमि की खेवट अलग करने के नाम पर रिश्वत मांगी थी। किसान ने इसकी विजिलेंस से शिकायत की थी। विजिलेंस ने जिला प्रशासन से एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट लेकर तय योजना के अनुसार पुरानी तहसील में छापा मारकर पटवारी को रंगेहाथ पकड़ लिया।

विजिलेंस इंस्पेक्टर सुमित कुमार ने बताया कि उनके पास हलके के एक गांव के किसान सुरेश ने बुधवार की सुबह करीब साढ़े 10 बजे शिकायत दी थी। किसान ने बताया कि वह अपनी कृषि योग्य भूमि की खेवट अलग करवाना चाहता है। इसके लिए करीब डेढ़ माह पहले पटवारी को लिखित आवेदन दिया था लेकिन तब से पटवारी उसे चक्कर कटवा रहा था।

24 हजार रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद टीम ने उपायुक्त सुशील सारवान से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की। मजिस्ट्रेट जिला समाज कल्याण अधिकारी रविंद्र हुड्डा को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। तय योजना के अनुसार विजिलेंस ने शिकायतकर्ता को पटवारी के पास भेजा। जैसे ही पटवारी को रिश्वत की रकम दी गई, विजिलेंस ने पटवारी को रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई में इंस्पेक्टर सुमित कुमार के साथ इंस्पेक्टर सरोज, एएसआई संजय, हेड कांस्टेबल कमलदीप और बलिस्टर शामिल थे।

स्टेट विजिलेंस की टीम ने जनहित को देखते हुए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। ये नंबर 1064 और 18001802022 हैं। टीम अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी किसी काम के लिए रिश्वत मांगता है तो वे इसकी शिकायत विजिलेंस कार्यालय को दें। वह उस पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।

रंगेहाथ किया गिरफ्तार : विजिलेंस
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घूस घूस

पानीपत: पुरानी तहसील में विजिलेंस का छापा, एक पटवारी और सहयोगी पर रिश्वत लेने का आरोप

पानीपत में पुरानी तहसील में बुधवार को स्टेट विजिलेंस की टीम ने छापा मारा। इस कार्रवाई में एक पटवारी और उसके सहयोगी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। हालांकि स्टेट विजिलेंस की टीम ने पूरे मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पुरानी तहसील में कार्रवाई जारी हैं। सूत्रों के अनुसार स्टेट विजिलेंस की टीम ने दोनों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। 

बताया जा रहा है कि पटवारी पर 24000 रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगा है। इसमे उसके एक सहयोगी का भी हाथ बताया जा रहा है। स्टेट विजिलेंस के डीएसपी ने दोनों को हिरासत में ले लिया है और पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक किसी भी अधिकारी ने मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। 

उनका कहना हैं कि छापे की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी जानकारी दी जाएगी। यह भी सूचना है कि समालखा में छापेमारी की गई है, फिलहाल इसकी अभी पुष्टि नहीं है। गौरतलब है की स्टेट विजिलेंस की टीम ने सोमवार शाम को ही उपायुक्त कार्यालय से छापे की कार्रवाई के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करवा लिया था। इसके बाद योजना के अनुसार विजिलेंस टीम ने शिकायतकर्ता को साथ लेकर पुरानी तहसील में छापा मारा।

अब इस मामले में पटवारी और उसके सहयोगी को रंगे हाथों पकड़ने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि पटवारी ने जमीन का इंतकाल करवाने के लिए 24000 रुपये की मांग की थी, जिसकी शिकायत स्टेट विजिलेंस से की गई। इसी शिकायत पर ही विजिलेंस ने कार्रवाई की।
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पानीपत: कुख्यात गैंगस्टर प्रसन्न उर्फ लंबू समेत 15 दोषी करार, सात को उम्रकैद, छह को 14 तो दो को सात-सात साल की सजा

हरियाणा के पानीपत में नूरवाला अड्डे पर दिसंबर-2020 में शराब ठेकेदार अजीत उर्फ जीता पर फायरिंग और एक युवक की हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग की अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर प्रसन्न उर्फ लंबू समेत 15 को दोषी करार दिया।

साथ ही लंबू समेत छह दोषियों को 14-14 वर्ष, सात दोषियों को आजीवन कारावास और बाकी दो दोषियों को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है। यही नहीं सभी दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे अदा नहीं करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

घटनाक्रम के अनुसार 19 दिसंबर 2020 को सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में कहा था कि उसका बड़ा भाई शराब ठेकेदार अजीत उर्फ जीता, निजी गनमैन अमन, ड्राइवर सागर और पुलिस से मिले गनमैन सिपाही दिलबाग नूरवाला अड्डा स्थित ठेके पर गए थे। काम निपटाकर रात करीब साढ़े आठ बजे वे घर जा रहे थे।

तभी नूरवाला की ओर से चार से पांच युवक आए और फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक गोली अजीत के कंधे में लगी, जिसके बाद उन्होंने भी लाइसेंसी हथियार से जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से हुई गोलीबारी में मोहित उर्फ मुखिया को गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद बाकी हमलावर फरार हो गए। माना गया है कि मोहित उर्फ मुखिया की मौत हमलावरों की ही गोली से हुई थी।

वहीं भागते वक्त हमलावरों की फायरिंग में अजीत का ड्राइवर सागर भी जख्मी हो गया था। सुरेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि गांव सिवाह निवासी गैंगस्टर प्रसन्न उर्फ लंबू और उसके गुर्गे बुआना लाखू निवासी राकेश उर्फ राकू ने हमला कराया है। इसके बाद पुलिस की जांच में 15 लोगों के नाम सामने आए थे, जिन्हें आरोपी बनाया गया था। मामले में करीब डेढ़ साल तक चले ट्रायल के बाद कोर्ट ने सभी को दोषी करार दिया। 

किस दोषी को कितनी हुई सजा
प्रसन्न उर्फ लंबू को 14 वर्ष की सजा एवं 50 हजार जुर्माना, शोएब को 14 वर्ष की सजा एवं 60 हजार जुर्माना, राकेश उर्फ राकू को 14 वर्ष की सजा एवं 50 हजार का जुर्माना। जसविंद्र उर्फ जस्सी को उमक्रैद एवं 1.50 लाख का जुर्माना, अमित को उम्रकैद की सजा एवं 1.60 लाख का जुर्माना, विशाल को 14 वर्ष की सजा एवं 60 हजार का जुर्माना, विकास को उमक्रैद की सजा एवं 1.50 लाख का जुर्माना, आंचल को उमक्रैद की सजा एवं 1.60 लाख का जुर्माना, नवीन उर्फ भोलू को उमक्रैद की सजा एवं 1.60 लाख का जुर्माना, प्रदीप कुमार को उम्रकैद की सजा एवं 1.50 लाख का जुर्माना, अनिल उर्फ काले शाह को सात वर्ष की सजा एवं 25 हजार का जुर्माना, जगदीप उर्फ जग्गा को उमक्रैद की सजा एवं 1.60 लाख का जुर्माना, राजेंद्र उर्फ राजा को 14 वर्ष की सजा एवं 60 हजार जुर्माना, विक्रम उर्फ कुकू को सात वर्ष की सजा एवं 25 हजार का जुर्माना और शील कुमार को 14 वर्ष की सजा सुनाने के साथ 50 हजार का जुर्माना लगाया गया। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर सभी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

अदालत ने आदेश में कहा- दोषी किसी भी तरह नरमी के पात्र नहीं 
दोषी किसी भी तरह की नरमी के पात्र नहीं हैं। उनकी गतिविधियां न सिर्फ समाज में आतंक फैलाती हैं, बल्कि आम इंसान के जेहन से कानून एवं प्रशासन के प्रति विश्वास खत्म करने वाली हैं। इससे सख्ती से निपटना होगा। शराब ठेकेदार अजीत उर्फ जीता पर हमले के मामले में अदालत के आदेश में 15 दोषियों के बारे में यह टिप्पणी की गई है। आरोपियों को दोषी करार देते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित गर्ग ने सजा सुनाई। 

रंगदारी न देने पर नूरवाला अड्डे पर दिसंबर 2020 में शराब ठेकेदार गांव खलीला निवासी अजीत उर्फ जीता पर फायरिंग की गई थी। इसमें एक हमलावर मनीष उर्फ मुखिया की गोली लगने से मौत हो गई थी। आदेश में कहा गया है कि आरोपियों का कृत्य बेहद गंभीर और समाज के खिलाफ है।

रंगदारी न मिलने पर अभियुक्तों ने अजीत उर्फ जीता की हत्या का प्रयास किया और सार्वजनिक स्थल पर अंधाधुंध फायरिंग में मनीष उर्फ मुखिया की गोली लगने से मौत हो गई। उन्होंने इस बात की फिक्र नहीं की कि वारदात की जगह पर मौजूद निर्दोष लोग भी खतरे में आ सकते हैं। इस बात की भी फिक्र नहीं कि कितना नुकसान पहुंचेगा। 

दोषियों के वकील ने दी दलील, गरीब परिवार से हैं सभी 
दोषियों के वकील ने कोर्ट में पैरवी करते हुए दलील दी कि सभी अभियुक्त गरीब हैं। परिवार में इकलौते कमाने वाले हैं और उनके माता-पिता बुजुर्ग हैं। उनके साथ नरमी बरती जाए। शिकायकर्ता सुरेंद्र कुमार के वकील ने पैरवी में दलील दी कि कोई नरमी नहीं बरतनी चाहिए। 
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हरियाणा: आंध्रप्रदेश से गांजा लेकर आया तस्कर पानीपत में पकड़ा, सीआईए ने गांव निजामपुर मोड़ के पास से किया काबू

हरियाणा के पानीपत में सीआईए वन ने शनिवार रात को नाइट डोमिनेशन के दौरान एक युवक को निजामपुर मोड़ से मादक पदार्थ के साथ पकड़ा। पुलिस ने आरोपी युवक के पास से 45 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत तीन लाख रुपये बताई जा रही है।

तस्कर यह गांजा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से लेकर आया था। इसको यहां दोगुने दाम में बेचकर मोटे पैसे कमाने की मंशा थी। पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया। आरोपी को नौ दिन के रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस मुख्य तस्करों तक पहुंचने का प्रयास कर करेगी।

सीआईए-वन प्रभारी राजपाल सिंह ने बताया उनकी एक टीम शनिवार रात को सेक्टर-18 में गश्त कर रही थी। गंदा नाला के पास टीम को निजामपुर मोड़ पर एक युवक संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ा दिखाई दिया। वह पुलिस को देखकर मुड़कर भागने लगा।

पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। उसकी पहचान गांव कालंदा, मेरठ निवासी फुरकान पुत्र अब्दुल के रूप में हुई। उसके पास एक कट्टा मिला। कट्टे में गांजा था, जिसे तोलने पर वजन 45 किलोग्राम पाया गया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। 
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शर्मनाक: चार साल की बच्ची के साथ की दरिंदगी, खून से लथपथ हालत में छोड़कर फरार हुआ आरोपी

सांकेतिक फोटो
हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा क्षेत्र के एक गांव में पड़ोस में रहने वाली चार साल की मासूम के साथ दरिंदगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्ची खेलते-खेलते उसके घर चली गई थी। उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म कर खून से लथपथ हालत में छोड़कर फरार हो गया। बच्ची को ढूढंते हुए मां पड़ोसी के घर पहुंची तो यहां बच्ची नाजुक हालत में मिली। मां उसे लेकर सिविल अस्पताल पहुंची।

यहां डॉक्टरों ने मेडिकल के बाद उसकी हालत खराब देखते हुए रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। बच्ची की हालत नाजुक बताई जा रही है। बच्ची की मां ने बताया कि वह चार बच्चों की मां है। उसकी चार वर्षीय मंझली बेटी शाम साढ़े चार बजे घर के बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते पड़ोसी के घर चली गई।

करीब 20 मिनट तक वह घर नहीं लौटी। वह उसकी तलाश करते हुए पड़ोसी के घर पहुंची। यहां बच्ची खून से लथपथ मिली। इसके बाद वारदात के बारे में पता चला। आरोप है कि आरोपी की उम्र 35 साल है और वह चार बच्चों का पिता भी है। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। 
 
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पानीपत में युवक की हत्या: भाई ने ससुरालियों पर लगाया आरोप, बोला- उसे मारने आए थे, धोखे में ले ली भाई की जान

खेत में सो रहे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। मामले में मृतक के भाई ने ससुरालियों पर हत्या का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि प्रेम विवाह के बाद ससुराली उससे रंजिश रखते थे। यही कारण है कि लड़की को नाबालिग बता उन्होंने केस दर्ज कराया था, जिसमें उसे जेल भी जाना पड़ा। इसके बाद पत्नी भी वापस मायके चली गई। आशंका जताई कि ससुराली उसकी हत्या करना चाहते थे, लेकिन धोखे में उसके भाई की जान ले ली गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने पत्नी समेत चार ससुरालियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

पुलिस को दी शिकायत में सहारनपुर निवासी इलियास ने बताया कि उसकी पहली शादी चार साल पहले हुई थी, लेकिन एक साल बाद ही वो पत्नी से अलग हो गया था। इसके बाद उसने अपने रिश्तेदारी में फरीदा से प्रेम विवाह किया, लेकिन ससुरालियों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था। इस कारण उसने दो साल पहले प्रयागराज जाकर कोर्ट मैरिज की थी। आरोप है कि उस समय ससुरालियों ने फरीदा को नाबालिग साबित कर केस दर्ज करवा दिया, जिसमें उसे जेल भी जाना पड़ा था। इस दौरान फरीदा भी अपने माता-पिता के पास वापस चली गई और फिर दुबारा उसके साथ आने से इंकार कर दिया।

दूसरी ओर जेल से जमानत मिलने के बाद वो वहां से समालखा के गांव ढिंडार आ गया और जयकिशन की भूमि को ठेके पर लेकर खेतीबाड़ी करने लगा। आरोप है कि फरीदा और उसका भाई मुकराम तथा मां केस वापस लेने के लिए पैसे मांगते थे। साथ ही जान से मारने की धमकी भी देते थे। इस दौरान कुछ दिन पहले उसका बड़ा भाई आलिक उसके पास ढिंडार गांव आया था।

30 अप्रैल को दोनों भाई खेत में फसल की रखवाली के लिए अलग-अलग दूरी पर सो रहे थे। रात साढ़े 10 बजे के करीब उसे खरबूजे के खेत में कुछ व्यक्तियों की आहट सुनाई दी। इसके बाद वह ट्यूबवेल पर सो रहे कुछ व्यक्तियों को लेकर आलिक के पास गया, जहां आलिक खून से लथपथ हालत में पड़ा था।

आलिक को लेकर वो समालखा सरकारी अस्पताल गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे पानीपत सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। फिर सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने आलिक को मृत घोषित कर दिया। इलियास ने पुलिस को दी शिकायत में आशंका जताई कि रंजिश में ससुरालियों ने ही उसके भाई आलिक की हत्या की है। इस संबंध में समालखा थाना के एसएचओ नरेंद्र सिंह का कहना है कि घटनास्थल का मुआयना करने के बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
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पानीपत: पत्नी ने पुलिस को दी नशा करने की शिकायत, युवक ने तीसरी मंजिल से कूदकर दे दी जान

पानीपत की बतरा कॉलोनी में एक युवक ने तीसरी मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। उसकी पत्नी ने नशा कर लड़ाई झगड़ा करने की शिकायत ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस में दी थी। इससे युवक नाराज था। युवक ने अपनी पत्नी के साथ झगड़ा किया और तीसरी मंजिल पर जाकर छत से कूद गया। सिर में गंभीर चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

मृतक युवक के परिजनों ने उसकी पत्नी पर पति को छत से धक्का देने का शक जाहिर किया है। उन्होंने पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ओल्ड इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शवगृह में रखवा दिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। 

बतरा कॉलोनी निवासी रविता ने बताया कि उसने आठ साल पहले मनिंद्र (30) पुत्र सतपाल के साथ प्रेम विवाह किया था। मनिंद्र मूल रूप से गांव जौरासी का निवासी है। वह मनिंद्र के साथ विद्यानंद कॉलोनी में ही रहती थी। उनका छह साल का बेटा भी है। मनिंद्र नशा करने का आदी था और नशे के इंजेक्शन लगाता था। नशे में मनिंद्र अकसर उसके साथ मारपीट भी करता था। उसने सतपाल ठेकेदार से 80 हजार रुपये उधार लिए थे। वह उसे काम करने को कहती तो उसके साथ मारपीट करता था।

परेशान होकर उसने सोमवार को पुलिस में मनिंद्र की शिकायत दी थी। पुलिस ने उसको थाने बुलाया तो वह नशे का इंजेक्शन लगाकर सो गया। वह मनिंद्र को जगा रही थी  तो फिर उसने उसके साथ मारपीट की। उसके बाद मनिंद्र ने तीसरी मंजिल पर जाकर छत से छलांग लगा दी। पड़ोसियों की मदद से उसे निजी अस्पताल में ले गई। जहां से डॉक्टरों ने उसे सरकारी अस्पताल में भेज दिया। वहां डॉक्टरों ने मनिंद्र को मृत घोषित कर दिया।

मनिंद्र के मामा रामकरण का आरोप है कि रविता, मनिंद्र व उसकी मां संतरो के साथ झगड़ा करती थी। तलाक होने के डेढ़ साल बाद भी मनिंद्र के साथ जबरदस्ती रहती थी। उन्हें शक है कि रविता ने मनिंद्र को छत से धक्का दिया है। मनिंद्र के पिता सतपाल और उसके बड़े भाई मंजीत की आठ साल पहले मौत हो चुकी है।
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पानीपत: भाजपा नेता से मांगी एक करोड़ की रंगदारी, अमेरिका से आई कॉल, परिवार सहित जान से मारने की दी धमकी

हरियाणा में वर्ष 2005 में नौल्था हलके से भाजपा के प्रत्याशी रहे बलवान शर्मा को कॉल कर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई है। यह कॉल अमेरिका से की गई है। तीन दिन में आरोपी 50 कॉल कर चुका है। सोमवार की रात नेता ने मतलौडा थाना पुलिस को इस घटना की शिकायत दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एसपी ने आरोपी को पकड़ने की जिम्मेदारी सीआईए को सौंपी है। साइबर सेल आरोपी के नंबर को ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। दूसरी ओर नेता बलवान शर्मा और उनका परिवार भयग्रस्त है।
 
गांव अहर निवासी बलवान शर्मा ने बताया कि वह भारतीय जनता पार्टी के पुराने कार्यकर्ता हैं। वर्ष 2005 में नौल्था हलके से भाजपा की टिकट पर चुनाव भी लड़ा था।  22 अप्रैल की सुबह करीब सवा आठ बजे एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉलर ने अपना नाम मिपा बदमाश बताया। उसने कहा कि वह अमेरिका से बोल रहा है।
 
एक करोड़ रुपये चाहिए। अगर रकम नहीं दी तो उसे और उसके परिवार को जान से मार देगा। इसी दिन उसी नंबर से दोबारा 8:22 एवं 8:51 बजे भी कॉल आई। कॉलर ने खुद को मिपा बदमाश कहा और कहा कि अगर पैसे नहीं मिले तो कुछ भी कर देगा। ऐसे ही 23 एवं 24 अप्रैल को भी उसके पास कई बार कॉल किए। कॉलर ने अलग नंबर से व्हाट्सएप पर रिकॉर्डिंग करके मैसेज भी भेजे, जिसमें भी उसने एक करोड़ रुपये की मांग की।  
 
भाजपा नेता बलवान ने बताया कि आरोपी की उसके पास तीन दिन में 50 कॉल आई। इसमें से उसने छह कॉल रिसीव की हैं। इन सभी छह कॉल में वह एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगता रहा। रुपये न देने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकियां देता रहा।
 
कॉलर ने एक कॉल पर दो मिनट 36 सेकेंड, दूसरी पर चार मिनट 10 सेकेंड, तीसरी कॉल पर तीन मिनट 50 सेकेंड, चौथी कॉल पर सात मिनट 42 सेकेंड, पांचवीं कॉल पर आठ मिनट 19 सेकेंड व छठी कॉल पर तीन मिनट 41 सेकेंड बात की। आरोपी के बात करने के तरीके से यह भी लग रहा था कि ये सभी कॉल किसी ने उससे करवाई हैं। 

तीन दिन पहले डॉ. पंकज से भी मांगी गई 50 लाख की रंगदारी 
तीन दिन पहले एक कॉलर ने डॉ. प्रेम अस्पताल के संचालक डॉ. पंकज से भी 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। कॉलर ने उसे व मेडिकल कॉलेज के पीआरओ को भी जान से मारने की धमकी दी थी। कॉलर ने पहले पीआरओ को कॉल कर डॉ. पंकज का नंबर मांगा था। फिर पीआरओ के मोबाइल से ही डॉ. पंकज को धमकी दी थी। इस मामले में सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया था। अब तक पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच पाई है।

शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है जांच जारी है
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पानीपत: लग्जरी गाड़ी चोरी करने का आरोपी उत्तराखंड एसटीएफ के हत्थे चढ़ा, आरोपी पर था पांच हजार रुपये का इनाम

उत्तराखंड एसटीएफ ने हरियाणा के गांव शाहपुर में छापा मारकर एक साल से फरार चल रहे इनामी चोर को पकड़ लिया है। आरोपी पर पुलिस ने पांच हजार का इनाम घोषित किया था। वह उत्तराखंड में लग्जरी गाड़ियों की चोरी करता था। पुसि के मुताबिक, उसने गाड़ियों को चोरी करने के लिए चीन से एक सॉफ्टवेयर भी खरीदा था। 

एसटीएफ टीम के उप निरीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि वांछित एवं इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए उत्तराखंड पुलिस ने विशेष अभियान चलाया है। थाना हरिद्वार क्षेत्र के अंतर्गत देवरपुरा से पिछले साल अप्रैल माह में एक फॉर्च्यूनर कार  चोरी हो गई थी। इसके संबंध में थाना में 29 अप्रैल, 2021 को केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस केस में वाहन चोर गिरोह से जुड़े जलाल, अजरूदीन, अब्दुल मजीद व नीरज को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था, जबकि इस गैंग का एक सदस्य अंकित लगातार फरार चल रहा था।

उन्हें सूचना मिली थी कि आरोपी अंकित पिछले काफी समय से इसराना क्षेत्र में छुपकर रह रहा है। प्रभारी स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तराखंड ने  कांस्टेबल अनूप भाटी, कांस्टेबल संजय कुमार व कांस्टेबल देवेंद्र की टीम बनाई गई, जिसे आरोपी के गिरफ्तारी के लिए पानीपत भेजा गया।

टीम ने इसराना थाना पहुंचकर स्थानीय पुलिस से सहयोग मांगा। दोनों पुलिस टीमों ने संयुक्त तौर पर कार्रवाई करते हुए 5000 रुपये के इनामी बदमाश अंकित को गांव शाहपुर थाना इसराना जिला पानीपत से गिरफ्तार कर लिया।  अंकित ने पूछताछ में बताया कि उसका गैंग केवल फॉर्च्यूनर गाड़ी ही चोरी करता है। उनके गैंग ने गाड़ी के लॉक को तोड़ने के लिए एक सॉफ्टवेयर, जिसकी कीमत ढाई लाख रुपये है। यह भी बताया कि वे गाड़ी चोरी करके राजस्थान के मेवात में में बेच देते थे।
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पानीपत: होटल मालिक पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज, श्रम विभाग के सहायक को जातिसूचक शब्द कहने का आरोप

हरियाणा के पानीपत में श्रम विभाग के सहायक को जातिसूचक शब्द कहने पर होटल मालिक के खिलाफ सिटी थाना पुलिस ने केस दर्ज किया है। होटल मालिक पर सहायक के प्लॉट पर कब्जा करने का भी आरोप है। सेक्टर 11 निवासी नरेश कुमार पुत्र सूरजभान ने बताया कि वो श्रम विभाग में बतौर सहायक है। उसकी ड्यूटी फरीदाबाद में है। उसकी लाल बत्ती स्थित होटल के मालिक नेत्रपाल रावल के साथ काफी सालों से जान पहचान है।

उसने करनाल के गांव कुटेल में एक प्लॉट खरीदा था। उसके बगल वाला प्लॉट नेत्रपाल ने खरीदा था। नेत्रपाल ने उसके प्लॉट से बिना बताए पेड़ पौधे काट लिए। उसके प्लॉट पर सब्जियां उगाकर अवैैध रूप से कब्जा  कर लिया। उसने कई बार नेत्रपाल को कब्जा खाली करने को कहा लेकिन वो धमकी देने लगा।

30 अक्तूबर 2021 को उसने होटल में कमरा लेने के लिए नेत्रपाल के कॉल की थी। नेत्रपाल उसके साथ गालीगलौज करने लगा और उसे जाति सूचक शब्द कहे। उसने इसकी शिकायत डीएसपी संदीप को दी थी। उसने पुलिस के सामने कॉल रिकोर्डिंग पेश की। डीएसपी की रिपोर्ट पर अब सिटी थाना पुलिस ने आरोपी पर केस दर्ज किया है।
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