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Panipat News: तेल चोरी नेटवर्क का पर्दाफाश, बोहली के स्टेशन मास्टर समेत तीन गिरफ्तार
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तेज चोरी के आरोपी स्टेशन मास्टर और अन्य के साथ आरपीएफ की टीम। स्रोत : सोशल मीडिया
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी के बोहली स्टेशन (तेल लोडिंग के लिए) पर खड़ी मालगाड़ी (बीटीपीएन) के टैंकरों से तेल चोरी की कोशिश के मामले का आरपीएफ ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। मामले में बोहली स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक गोविंद नारायण मीणा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
आरपीएफ प्रभारी दिनेश कुमार मीणा ने बताया कि तेल चोरी की साजिश में स्टेशन मास्टर, ठेकेदार और चौकीदार की भूमिका सामने आई है। मामले में साजिशकर्ता मनोज जैन उर्फ मोनू, चौकीदार चमन अली और पांच अन्य रेल कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
आरपीएफ प्रभारी ने बताया कि वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (समन्वय), दिल्ली के दिशा-निर्देश पर टीम ने कार्रवाई की। आरपीएफ को सूचना मिली थी कि तेल चोरी के मामले में शामिल आरोपी बोहली स्टेशन के पास घूम रहे हैं। इसके बाद उपनिरीक्षक एसपी सिंह, अंकित देशवाल और कांस्टेबल जयपाल की टीम ने दबिश देकर विनीत कुमार और चंदन कुमार को हिरासत में लिया।
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पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि पानीपत निवासी मनोज जैन उर्फ मोनू ने उनकी सेटिंग बोहली स्टेशन के स्टेशन मास्टर गोविंद नारायण मीणा से कराई थी। आरोपियों के अनुसार, स्टेशन मास्टर और अन्य रेल कर्मचारियों की मदद से 18 अगस्त की रात तेल चोरी की योजना बनाई गई थी। चोरी की कोशिश के दौरान आईओसीएल अधिकारियों के मौके पर पहुंचने पर आरोपी वहां से भाग गए।
आरपीएफ ने आईओसीएल अधिकारी की मौजूदगी में स्टेशन अधीक्षक गोविंद नारायण मीणा की पहचान कराई। इसके बाद मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरपीएफ के अनुसार, गोविंद नारायण मीणा राजस्थान के सवाई माधोपुर का रहने वाला है।
फ्रेम, पाइप और ट्रक तक खरीदा
पूछताछ में विनीत कुमार और चंदन कुमार ने बताया कि पानीपत के सेक्टर-11 निवासी मनोज जैन उर्फ मोनू ने स्टेशन मास्टर गोविंद नारायण मीणा के साथ मिलकर तेल चोरी की योजना बनाई थी। योजना को अंजाम देने के लिए फ्रेम, पाइप और एक ट्रक तक खरीदा गया था। दोनों आरोपी 18 अगस्त को तेल चोरी के लिए बोहली स्टेशन के गेट पर पहुंचे थे।
आरपीएफ के मुताबिक, वहां मौजूद चौकीदार, स्टेशन मास्टर और पांच अन्य रेल कर्मचारियों ने आरोपियों की मदद की। इसी दौरान आईओसीएल अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी भाग निकले। आईओसीएल अधिकारी प्रवीण ने मौके पर मौजूद आरोपियों की पहचान की थी।
प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार मीणा ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। मामले में मनोज जैन, चौकीदार चमन अली और अन्य रेल कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पहले भी सामने आ चुके हैं तेल चोरी के मामले
अक्तूबर 2025: पानीपत आईओसीएल मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स के टैंक लॉरी फिलिंग एरिया में तकनीकी हेरफेर का मामला सामने आया था। आरोपियों पर कॉर्पोरेशन के ऑटोमेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर हाई-स्पीड डीजल की अवैध ओवरफिलिंग के जरिए तेल चोरी करने का आरोप लगा था।
मई 2026: पानीपत रिफाइनरी से हिमाचल जा रहे एक तेल टैंकर को संदिग्ध परिस्थितियों में पलटाकर करीब 11 लाख रुपये का तेल चोरी करने का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में ड्राइवर और कंडक्टर पर आरोप लगे थे।
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पानीपत। इंडियन ऑयल की पानीपत रिफाइनरी के बोहली स्टेशन (तेल लोडिंग के लिए) पर खड़ी मालगाड़ी (बीटीपीएन) के टैंकरों से तेल चोरी की कोशिश के मामले का आरपीएफ ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया है। मामले में बोहली स्टेशन के स्टेशन अधीक्षक गोविंद नारायण मीणा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
आरपीएफ प्रभारी दिनेश कुमार मीणा ने बताया कि तेल चोरी की साजिश में स्टेशन मास्टर, ठेकेदार और चौकीदार की भूमिका सामने आई है। मामले में साजिशकर्ता मनोज जैन उर्फ मोनू, चौकीदार चमन अली और पांच अन्य रेल कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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आरपीएफ प्रभारी ने बताया कि वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (समन्वय), दिल्ली के दिशा-निर्देश पर टीम ने कार्रवाई की। आरपीएफ को सूचना मिली थी कि तेल चोरी के मामले में शामिल आरोपी बोहली स्टेशन के पास घूम रहे हैं। इसके बाद उपनिरीक्षक एसपी सिंह, अंकित देशवाल और कांस्टेबल जयपाल की टीम ने दबिश देकर विनीत कुमार और चंदन कुमार को हिरासत में लिया।
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पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि पानीपत निवासी मनोज जैन उर्फ मोनू ने उनकी सेटिंग बोहली स्टेशन के स्टेशन मास्टर गोविंद नारायण मीणा से कराई थी। आरोपियों के अनुसार, स्टेशन मास्टर और अन्य रेल कर्मचारियों की मदद से 18 अगस्त की रात तेल चोरी की योजना बनाई गई थी। चोरी की कोशिश के दौरान आईओसीएल अधिकारियों के मौके पर पहुंचने पर आरोपी वहां से भाग गए।
आरपीएफ ने आईओसीएल अधिकारी की मौजूदगी में स्टेशन अधीक्षक गोविंद नारायण मीणा की पहचान कराई। इसके बाद मंगलवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरपीएफ के अनुसार, गोविंद नारायण मीणा राजस्थान के सवाई माधोपुर का रहने वाला है।
फ्रेम, पाइप और ट्रक तक खरीदा
पूछताछ में विनीत कुमार और चंदन कुमार ने बताया कि पानीपत के सेक्टर-11 निवासी मनोज जैन उर्फ मोनू ने स्टेशन मास्टर गोविंद नारायण मीणा के साथ मिलकर तेल चोरी की योजना बनाई थी। योजना को अंजाम देने के लिए फ्रेम, पाइप और एक ट्रक तक खरीदा गया था। दोनों आरोपी 18 अगस्त को तेल चोरी के लिए बोहली स्टेशन के गेट पर पहुंचे थे।
आरपीएफ के मुताबिक, वहां मौजूद चौकीदार, स्टेशन मास्टर और पांच अन्य रेल कर्मचारियों ने आरोपियों की मदद की। इसी दौरान आईओसीएल अधिकारी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी भाग निकले। आईओसीएल अधिकारी प्रवीण ने मौके पर मौजूद आरोपियों की पहचान की थी।
प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार मीणा ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया जारी है। मामले में मनोज जैन, चौकीदार चमन अली और अन्य रेल कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
पहले भी सामने आ चुके हैं तेल चोरी के मामले
अक्तूबर 2025: पानीपत आईओसीएल मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स के टैंक लॉरी फिलिंग एरिया में तकनीकी हेरफेर का मामला सामने आया था। आरोपियों पर कॉर्पोरेशन के ऑटोमेशन सिस्टम से छेड़छाड़ कर हाई-स्पीड डीजल की अवैध ओवरफिलिंग के जरिए तेल चोरी करने का आरोप लगा था।
मई 2026: पानीपत रिफाइनरी से हिमाचल जा रहे एक तेल टैंकर को संदिग्ध परिस्थितियों में पलटाकर करीब 11 लाख रुपये का तेल चोरी करने का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में ड्राइवर और कंडक्टर पर आरोप लगे थे।