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Panipat News: सुरक्षित नहीं पानीपत की फैक्टरी, सात माह में 170 से ज्यादा में लगी आग
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मित्तल मॉल में लगी आग। आर्काइव
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत अपने उद्योगों के लिए देश-दुनिया में पहचान रखती है, लेकिन औद्योगिक गतिविधियों के साथ आग की घटनाएं भी लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। जिले में एक जनवरी से 25 अगस्त तक आग लगने की 663 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें 170 घटनाएं फैक्टरियों में आग लगने की हैं।
चिंता की बात यह है कि इनमें ज्यादातर फैक्टरियों के पास फायर एनओसी नहीं थी और कई जगह आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं मिले। कुछ फैक्टरियां तो सघन आबादी वाले क्षेत्रों में भी संचालित हो रही हैं।
दिल्ली-एनसीआर का हिस्सा पानीपत बड़े औद्योगिक जिलों में शामिल है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में 37 हजार से अधिक फैक्टरियां हैं। इनमें 20 हजार से अधिक छोटी फैक्टरियां सघन आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं होने पर जान-माल का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
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आंकड़ों के अनुसार जनवरी से 25 अगस्त तक जिले में आग लगने की 663 से अधिक घटनाएं हुई हैं। इनमें 170 घटनाएं फैक्टरियों में आग लगने की हैं। अप्रैल में 177 और मई में 221 आगजनी की घटनाएं सामने आईं। जून में 66, जुलाई में 41 और अगस्त में अब तक 20 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
99 फीसदी फैक्टरियों में सुरक्षा मानकों पर सवाल
जिले की करीब 37 हजार फैक्टरियों में से महज एक फीसदी यानी लगभग 370 के पास ही फायर एनओसी होने की बात सामने आई है। कुछ फैक्टरियों ने आग बुझाने के उपकरण लगाए हुए हैं, लेकिन सघन आबादी और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संचालित कई इकाइयों में अग्निशमन सुरक्षा के जरूरी मानक पूरे नहीं हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
दमकल विभाग के पास भी संसाधनों की कमी
आगजनी की घटनाओं से निपटने वाले दमकल विभाग के पास भी संसाधनों की कमी है। विभाग के बेड़े में हाइड्रोलिक सिस्टम से लैस एक भी वाहन नहीं है। वहीं सेक्टर-25 में निर्माणाधीन हाईटेक फायर स्टेशन का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ है। विभाग में कुल 125 कर्मचारी हैं, जिनमें से 93 अनियमित कर्मचारी पिछले 21 दिनों से हड़ताल पर हैं। इससे दमकल विभाग की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ने की आशंका है।
फैक्ट फाइल
जिले में फैक्टरियां : करीब 37 हजार
फायर एनओसी वाली फैक्टरियां : करीब 370
आग लगने की घटनाएं
माह घटनाएं
जनवरी : 32
फरवरी : 44
मार्च : 62
अप्रैल : 177
मई : 221
जून : 66
जुलाई : 41
अगस्त (अब तक) : 20
वर्जन
ज्यादातर फैक्टरियों में अग्निशमन सुरक्षा के निर्धारित मानक पूरे नहीं होने के कारण एनओसी जारी नहीं की जाती। फैक्टरी संचालकों को आवश्यक मानक पूरे करने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाती है। -गुरमेल सिंह, अग्निशमन अधिकारी
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पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत अपने उद्योगों के लिए देश-दुनिया में पहचान रखती है, लेकिन औद्योगिक गतिविधियों के साथ आग की घटनाएं भी लगातार चिंता बढ़ा रही हैं। जिले में एक जनवरी से 25 अगस्त तक आग लगने की 663 से अधिक घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इनमें 170 घटनाएं फैक्टरियों में आग लगने की हैं।
चिंता की बात यह है कि इनमें ज्यादातर फैक्टरियों के पास फायर एनओसी नहीं थी और कई जगह आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं मिले। कुछ फैक्टरियां तो सघन आबादी वाले क्षेत्रों में भी संचालित हो रही हैं।
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दिल्ली-एनसीआर का हिस्सा पानीपत बड़े औद्योगिक जिलों में शामिल है। एक अनुमान के मुताबिक जिले में 37 हजार से अधिक फैक्टरियां हैं। इनमें 20 हजार से अधिक छोटी फैक्टरियां सघन आबादी वाले क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं होने पर जान-माल का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
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आंकड़ों के अनुसार जनवरी से 25 अगस्त तक जिले में आग लगने की 663 से अधिक घटनाएं हुई हैं। इनमें 170 घटनाएं फैक्टरियों में आग लगने की हैं। अप्रैल में 177 और मई में 221 आगजनी की घटनाएं सामने आईं। जून में 66, जुलाई में 41 और अगस्त में अब तक 20 घटनाएं दर्ज की गई हैं।
99 फीसदी फैक्टरियों में सुरक्षा मानकों पर सवाल
जिले की करीब 37 हजार फैक्टरियों में से महज एक फीसदी यानी लगभग 370 के पास ही फायर एनओसी होने की बात सामने आई है। कुछ फैक्टरियों ने आग बुझाने के उपकरण लगाए हुए हैं, लेकिन सघन आबादी और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संचालित कई इकाइयों में अग्निशमन सुरक्षा के जरूरी मानक पूरे नहीं हैं। ऐसे में आग लगने की स्थिति में बड़ा हादसा होने का खतरा बना रहता है।
दमकल विभाग के पास भी संसाधनों की कमी
आगजनी की घटनाओं से निपटने वाले दमकल विभाग के पास भी संसाधनों की कमी है। विभाग के बेड़े में हाइड्रोलिक सिस्टम से लैस एक भी वाहन नहीं है। वहीं सेक्टर-25 में निर्माणाधीन हाईटेक फायर स्टेशन का काम भी अभी पूरा नहीं हुआ है। विभाग में कुल 125 कर्मचारी हैं, जिनमें से 93 अनियमित कर्मचारी पिछले 21 दिनों से हड़ताल पर हैं। इससे दमकल विभाग की कार्यक्षमता पर भी असर पड़ने की आशंका है।
फैक्ट फाइल
जिले में फैक्टरियां : करीब 37 हजार
फायर एनओसी वाली फैक्टरियां : करीब 370
आग लगने की घटनाएं
माह घटनाएं
जनवरी : 32
फरवरी : 44
मार्च : 62
अप्रैल : 177
मई : 221
जून : 66
जुलाई : 41
अगस्त (अब तक) : 20
वर्जन
ज्यादातर फैक्टरियों में अग्निशमन सुरक्षा के निर्धारित मानक पूरे नहीं होने के कारण एनओसी जारी नहीं की जाती। फैक्टरी संचालकों को आवश्यक मानक पूरे करने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई के लिए संस्तुति की जाती है। -गुरमेल सिंह, अग्निशमन अधिकारी