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चार साल में चौथी बड़ी घटना,जब एक परिवार ने खोये अपने परिवार के कई सदस्य

Tue, 31 Jul 2018 01:25 AM IST
Updated Tue, 31 Jul 2018 01:25 AM IST
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चार साल में चौथी बड़ी घटना,जब एक  परिवार ने खोये अपने परिवार के कई सदस्य
फोटो नंबर 53 से 55, और 58 से 64
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डेंजर पॉइंट बन चुका है पिपली से शाहाबाद के बीच जीटी रोड स्थित खानपुर कोलियां
- चार साल में चौथा बड़ा हादसा, पिछले वर्ष एक अधिकारी और उसकी पत्नी-पुत्र सहित हुई थी तीन की मौत

विशाल कौशिक-भारत भूषण शर्मा
कुरुक्षेत्र। सोमवार को जीटी रोड स्थित गांव खानपुर कोलियां डेंजर पॉइंट बन चुका है। पिपली से शाहाबाद के बीच यह डेंजर पॉइंट पिछले चाल साल में चार परिवारों की खुशियां लील चुका है।
16 जुलाई को ही यहां एनएचएआई की लापरवाही से सऊदी अरब के रियाद में आईटी के प्रोफेसर उमेश गुला ने जान गंवाई थी। पिछले वर्षों में यहां अनगिनत सड़क हादसे हो चुके हैं। मगर पिछले चार वर्षों में यह चौथा ऐसा बड़ा हादसा है, जबकि एक ही परिवार के तीन या चार लोगों ने जान गंवाई। 9 जून 2017 को एक कार जीटी रोड पर गांव खानपुर के निकट अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई थी। इस दर्दनाक हादसे में राष्ट्रीय सूचना केंद्र के एक अधिकारी सहित उनकी पत्नी और पुत्र की मौत हो गई थी। परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से जख्मी हुआ था। हादसे का शिकार हुए यह लोग यूपी के एक बडे़ संघ नेता के परिवार के सदस्य थे। इस हादसे से दो साल पहले कुरुक्षेत्र के पास जीटी रोड नेशनल हाईवे पर खानपुर कोलियां गांव के पास एक कार को टैंकर ने टक्कर मार दी थी। हादसे में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की दर्दनाक मौत हुई थी। मरने वालों में दो सगे भाई व उनका भतीजा शामिल थे।
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चंडीगढ़ में शॉपिंग की थी, गाड़ी में रखे थे नए सूट
जिस ट्रॉले में ट्रैक्टर लोड किए गए थे, उसमें होंडा सिटी कार पीछे से भिड़ने के कारण बुरी तरह से चकनाचूर हुई थी। काफी मुश्किल से कार में फंसे शवों और घायलों को पुलिस ने लोगों की मदद से बाहर निकाला। इनमें चार बच्चे भी थे। इस कार में कुछ नए सूट भी रखे थे। बताया गया है कि घटना से एक दिन पहले परिवार ने चंडीगढ़ में शॉपिंग भी की थी।
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4 सदस्यों की अकाल मौत पर मुकेश को मलाल, क्यों बुलाया...
चार सदस्यों के चार सदस्यों को हादसे में खो चुके सतीश के बड़े भाई मुकेश गहरे सदमे में है। उन्हें अब इस बात का मलाल है कि डॉक्टर के कहने पर उसने परिवार के सदस्यों को चंडीगढ़ क्यों बुला लिया था। दरअसल मुकेश की पत्नी मनोरोग से पीड़ित है और दो माह से चंडीगढ़ में उपचाराधीन है। डॉक्टर की राय पर मुकेश ने परिवार के सदस्यों को बुलाया था कि शायद सभी से मिलने के बाद पत्नी की तबीयत में थोड़ा सुधार होगा, मगर उन्हें चंड़ीगढ़ बुलाकर एक झटके में पूरा हंसता-खेलता परिवार बिखर गया।

आयुष ने खो दिए माता-पिता, बहन और दादी
इस दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से जख्मी 9 वर्षीय आयुष ने एक ही झटके में अपने माता -पिता और छोटी बहन के साथ दादी को खो दिया। आयुष के सिर में गंभीर चोट बताई गई है। वह बेहोशी की हालत में है। देर शाम को उसका कुरुक्षेत्र के प्राइवेट अस्पताल में ऑपरेशन हुआ। डॉक्टरों के अनुसार आयुष की हालत खतरे से बाहर है। हालांकि होश में आने पर उसकी सबसे बड़ी पीड़ा माता, पिता, बहन और दादी को खोने की होगी।


घटना का पता चलते ही पहुंचे कुरुक्षेत्र वासी रिश्तेदार
इस घटना का पता चलते हादसे का शिकार हुए सतीश के परिजन और रिश्तेदार कुरुक्षेत्र अस्पताल पहुंचे। बताया गया है कि हादसे का शिकार हुए परिवार के कई रिश्तेदार कुरुक्षेत्र के रहने वाले हैं। थानेसर नगर परिषद के पूर्व पार्षद और पीड़ित परिवार के रिश्तेदार देवीलाल जांगड़ा ने बताया कि सतीश की पत्नी जींद शहर की निवासी थीं। उन्हें घटना का पता चला तो वह अस्पताल पहुंचे थे।
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