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यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली का मामला: लेखपाल की 'काली' कमाई का हिसाब करेगी एसटीएफ, नियुक्ति भी संदेह के घेरे में
Fri, 26 Nov 2021 12:27 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 26 Nov 2021 12:27 PM IST
सार
एसटीएफ के मुताबिक लेखपाल के आवास की कीमत करीब पांच करोड़ है। उसके घर से चार लग्जरी गाड़ियां भी मिलीं हैं। अब चल-अचल संपत्ति की जांच होगी।
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पकड़े गए अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर सदर तहसील क्षेत्र के भौवापार में तैनात लेखपाल अंकित कुमार श्रीवास्तव उर्फ आकाश श्रीवास्तव की ‘काली’ कमाई का हिसाब स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) की गोरखपुर इकाई करेगी। इसकी तैयारी कर ली गई है। एसटीएफ के मुताबिक लेखपाल का विष्णुपुरम कॉलोनी भेड़ियागढ़ में करीब पांच करोड़ रुपये का आवास है। चार लग्जरी गाड़ियां भी बरामद की गईं हैं। सभी गाड़ियां अलग-अलग नाम से खरीदी गईं हैं। नीली बत्ती लगी कार आरोपित लेखपाल की है। अब चल-अचल संपत्ति की जांच कराई जा रही है।
एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने गत बुधवार को ही उत्तर प्रदेश पुलिस की दरोगा, कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में लेखपाल अंकित कुमार श्रीवास्तव उर्फ आकाश श्रीवास्तव, बिजली कर्मी संतोष कुमार यादव, एजी ऑफिस प्रयागराज में अकाउंटेंट अभिनाश यादव, विनय कुमार यादव और सोनीपत हरियाणा के नीरज लाकड़ा को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। सबकी गिरफ्तारी लेखपाल के आवास से हुई थी। एसटीएफ को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक लेखपाल की नियुक्ति भी संदेह के घेरे में है। छापे में अंकित कुमार श्रीवास्तव के नाम से दो मार्कशीटें मिलीं हैं।
एसटीएफ के मुताबिक मार्कशीट अंकित नाम से है, लेकिन लेखपाल पद की नियुक्ति आकाश श्रीवास्तव नाम से है। इससे फर्जीवाड़े की आशंका है। अंकित अपना ऑनलाइन परीक्षा केंद्र भी खोल चुका है। लिहाजा, जांच जरूरी है। इसकी रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। अंकित उर्फ आकाश की नियुक्ति की जांच की सिफारिश की जा रही है। साथ ही आय से अधिक संपत्ति की जांच कराई जाएगी।
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एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने गत बुधवार को ही उत्तर प्रदेश पुलिस की दरोगा, कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में लेखपाल अंकित कुमार श्रीवास्तव उर्फ आकाश श्रीवास्तव, बिजली कर्मी संतोष कुमार यादव, एजी ऑफिस प्रयागराज में अकाउंटेंट अभिनाश यादव, विनय कुमार यादव और सोनीपत हरियाणा के नीरज लाकड़ा को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है। सबकी गिरफ्तारी लेखपाल के आवास से हुई थी। एसटीएफ को जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक लेखपाल की नियुक्ति भी संदेह के घेरे में है। छापे में अंकित कुमार श्रीवास्तव के नाम से दो मार्कशीटें मिलीं हैं।
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एसटीएफ के मुताबिक मार्कशीट अंकित नाम से है, लेकिन लेखपाल पद की नियुक्ति आकाश श्रीवास्तव नाम से है। इससे फर्जीवाड़े की आशंका है। अंकित अपना ऑनलाइन परीक्षा केंद्र भी खोल चुका है। लिहाजा, जांच जरूरी है। इसकी रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। अंकित उर्फ आकाश की नियुक्ति की जांच की सिफारिश की जा रही है। साथ ही आय से अधिक संपत्ति की जांच कराई जाएगी।
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लेखपाल के घर पर ताला
गिरफ्तारी के बाद से ही विष्णुपुरम भेड़ियागढ़ कॉलोनी स्थित लेखपाल के आवास पर ताला बंद है। घर के सभी सदस्य भागे हुए हैं। एसटीएफ के मुताबिक लेखपाल के पिता भी सरकारी विभाग में कार्यरत हैं।
144 अभ्यर्थियों का नाम, पता मिला, सरकारी विभागों में नियुक्ति का अनुमान
पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपों में गिरफ्तार आरोपितों के पास से 144 अभ्यर्थियों के नाम, पता सहित तमाम जानकारी जुटाई है। एसटीएफ के मुताबिक इन सबकी नियुक्ति सरकारी विभागों में हो चुकी है। अब एक-एक अभ्यर्थी की जानकारी एकत्रित की जा रही है, ताकि पूछताछ करके आगे की कार्रवाई की जा सके। एसटीएफ के मुताबिक ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली का बड़ा गिरोह सक्रिय है। इसकी एक-एक कड़ी तलाशी जा रही है।
एसटीएफ प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि लेखपाल की चल-अचल संपत्ति की जांच कराई जा रही है। नियुक्ति भी संदेह के घेरे में है। इसकी सूचना जल्द ही प्रशासनिक अफसरों को दी जाएगी। दूसरे आरोपितों की संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। सबकी जानकारी जुटाई जा रही है।
तहसीलदार सदर लालजी विश्वकर्मा ने बताया कि भौवापार में तैनात लेखपाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी मिल गई है। इस सिलसिले में कानूनगो से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। लेखपाल को निलंबित करके विभागीय जांच कराई जाएगी।
144 अभ्यर्थियों का नाम, पता मिला, सरकारी विभागों में नियुक्ति का अनुमान
पुलिस भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपों में गिरफ्तार आरोपितों के पास से 144 अभ्यर्थियों के नाम, पता सहित तमाम जानकारी जुटाई है। एसटीएफ के मुताबिक इन सबकी नियुक्ति सरकारी विभागों में हो चुकी है। अब एक-एक अभ्यर्थी की जानकारी एकत्रित की जा रही है, ताकि पूछताछ करके आगे की कार्रवाई की जा सके। एसटीएफ के मुताबिक ऑनलाइन प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली का बड़ा गिरोह सक्रिय है। इसकी एक-एक कड़ी तलाशी जा रही है।
एसटीएफ प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने बताया कि लेखपाल की चल-अचल संपत्ति की जांच कराई जा रही है। नियुक्ति भी संदेह के घेरे में है। इसकी सूचना जल्द ही प्रशासनिक अफसरों को दी जाएगी। दूसरे आरोपितों की संपत्तियों की जांच कराई जाएगी। सबकी जानकारी जुटाई जा रही है।
तहसीलदार सदर लालजी विश्वकर्मा ने बताया कि भौवापार में तैनात लेखपाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर की कॉपी मिल गई है। इस सिलसिले में कानूनगो से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। लेखपाल को निलंबित करके विभागीय जांच कराई जाएगी।