फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Police in English hands tight, the Korean couple were left stunned

अंग्रेजी में पुलिस का हाथ तंग, कोरियाई दंपति रह गए दंग

Tue, 27 Sep 2016 12:51 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला साहिबाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला साहिबाबाद Updated Tue, 27 Sep 2016 12:51 AM IST
विज्ञापन
Police in English hands tight, the Korean couple were left stunned
अपराध - फोटो : अमर उजाला
हाईटेक कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क से थाने में आने वाले फरियादियों की मदद का दावा सोमवार को थाना साहिबाबाद में फेल हो गया। एसआई से लेकर अन्य सभी पुलिसकर्मियों की अंग्रेजी भाषा पर पकड़ न होने के कारण रेंट एग्रीमेंट के लिए वेरिफिकेशन करवाने आए दक्षिण कोरियाई दंपति एक घंटे तक थाने में बैठने के बाद बैरंग लौट गए। दंपति ने पुलिसकर्मियों से जितने भी सवाल पूछे उनका सिर्फ एक ही जवाब मिला ‘यू गो एसएसपी ऑफिस राजनगर।’
विज्ञापन

     
मूलरूप से दक्षिण कोरिया की रहने वाली हुई चम दिल्ली के एक कॉलेज से मानवाधिकार विषय पर रिसर्च कर रही हैं। हुई चम पति इनो मि यो के साथ दो साल के स्टूडेंट वीजा पर इंडिया आई हैं और मोहन नगर के पास किराए के मकान में रहती हैं।
विज्ञापन


चम ने बताया कि एक साल पहले उन्होंने यहां मकान किराए पर लिया था। अब रेंट एग्रीमेंट रिन्यू करने के लिए मकान मालिक के कहने पर वे थाने में अपना वीजा वेरिफाई करवाने आए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


चम ने कहा कि अंग्रेजी में बात की तो थाने में तैनात एसआई ने उन्हें राजनगर स्थित एसएसपी ऑफिस जाने की सलाह दे डाली, मगर जब दंपति ने दोबारा पूछा कि उन्हें एसएसपी ऑफिस में किससे मिलना है तो दरोगा जी उनकी बात का जवाब नहीं दे सके।

दंपति थाने के ऑफिस के अंदर गए तो वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें एसआई से ही बात करने की सलाह दी। करीब एक घंटे परेशान रहने के बाद वहां मौजूद लोगों के समझाने पर दपंति एसएसपी ऑफिस के लिए रवाना हो गया।

एएसपी अनूप कुमार ने बताया कि पुलिसकर्मी अंग्रेजी समझ तो लेते हैं, मगर बोलने में परेशानी होती है। अंग्रेजी ट्रांसलेटर का पद भी विभाग में नहीं है। दंपति को एसएसपी ऑफिस भेजा गया है, जहां से उनका वेरिफिकेशन किया जाएगा।            

जरूरत अंग्रेजी अनुवादक की, पोस्ट उर्दू अनुवादक का            
नियमों के अनुसार हर थाने में एक उर्दू अनुवादक की पोस्ट रहती है। हालांकि अब उर्दू से ज्यादा शिकायतें अंग्रेजी में आती हैं। अकेले इंदिरापुरम थानाक्षेत्र के कौशांबी, वैशाली, वसुंधरा और इंदिरापुरम में बड़ी संख्या में वीआईपी, एनआरआई और विदेशी रहते हैं।


किसी भी आपराधिक घटना पर लोग अक्सर अंग्रेजी में शिकायत लिखकर लाते हैं। इस पर थाने में तैनात पुलिसकर्मी उन्हें शिकायत को हिंदी में लिखकर लाने को कहते हैं।    
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed