अमर उजाला ग्राउंड रिपोर्ट: इसे पढ़ते ही आपको विश्वास हो जाएगा कि हारेगा कोरोना
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लॉकडाउन के इस दौर में अगर हमें किसी बात की सबसे ज्यादा आवश्यकता है तो वो है सकारात्मक सोच की। यही वो शक्ति है, जो हमें इस मुसीबत से निकाल सकती है। संक्रमितों की बढ़ती संख्या और मृतकों के बढ़ते आंकड़े हर दिन लोगों को परेशान कर रहे हैं। कई बार हम इनमें इतने उलझ जाते हैं कि हमारे सामने जोश, जुनून और सकारात्मता से भरी जानकारी रहती है पर हम उसे देख नहीं पाते। ऐसा भी कह सकते हैं कि आप देख तो लेते हैं लेकिन उनमें छिपे संदेशों को समझ नहीं पाते। अमर उजाला आज आपके लिए कुछ ऐसी ही खबरें लेकर आया है। ये खबरें कोरोना के प्रभाव को तो कम नहीं करेंगी लेकिन इतना विश्वास है कि उससे लड़ने की इच्छाशक्ति जरूर आपके अंदर आ जाएगी। कोरोना को मात देने के जज्बे को पैदा करती ऐसी ही खबरों पर अमर उजाला की ग्राउंड रिपोर्ट...
यूपी: ड्यूटी पर तैनात सिपाही को आया फोन, आपको बेटी हुई है, बोला...लॉकडाउन के बाद गोद में उठाऊंगा
इस वैश्विक महामारी को हराने के लिए तमाम कोरोना वॉरियर्स ने अपने दिन रात एक कर दिए हैं। ऐसा ही एक मामला इटावा जिले का है। यहां एक सिपाही बीते 12 दिनों से अपनी नवजात बेटी की तस्वीर देख अपना मन बहला रहा है। संकट की घड़ी में कुछ कोरोना योद्धाओं को खुशी के पल मिले हैं, लेकिन उन्होंने इन ‘पलों’ को संतोष की चादर से ढंक दिया है। और पढ़ें...
कोरोना योद्धाओं की कहानी, उनकी जुबानी, यकीनन पढ़कर आपकी आंखों से भी छलक पड़ेंगे आंसू
संकट की इस जंग में ऐसे भी कोरोना योद्धा हैं जो अकेले नहीं लड़ रहे हैं। साथ में उनका जीवन साथी भी जंग लड़ रहा है। चाहे वह डॉक्टर दंपति हो या पुलिसकर्मी। आम दिनों में उनका रूटीन भले ही ऐसा हो जिनमें वह कम समय के लिए साथ रहते हों, लेकिन इस लॉकडाउन में कुछ ऐसे हैं जो बिछड़ गए हैं। तो कुछ ऐसे हैं जो ड्यूटी कर अलग-अलग दरवाजों से घर में दाखिल होते हैं। और पढ़ें...
उत्तर प्रदेश
कोरोना से जंग में दूसरों की सेहत के लिए जुटीं आगरा की 'अष्ट-शक्ति', बिना दिन-रात देखे कर रहीं काम
आगरा में कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए महिला चिकित्सक के रूप में 'अष्ट शक्ति' जुटी हुई हैं। ये महिला चिकित्सक दूसरों की अच्छी सेहत के लिए बिना दिन-रात देखे काम कर रही हैं। उनका साथ देने के लिए स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगे हुए हैं। सभी को भरोसा है कि इनकी शक्ति के आगे कोरोना वायरस भी मात खाएगा। जानिए कोरोना से जंग में कैसी है इन सेहत के प्रहरियों की दिनचर्या...और पढ़ें...
कोरोना को मात देकर लौटीं स्टाफ नर्स पूनम, बोलीं- अब और उत्साह से करेंगी काम
गुरुग्राम के सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल की स्टाफ नर्स पूनम कोरोना को मात देकर वापस अपने काम पर लौट आई हैं। पूनम का कहना है कि अब वे और उत्साह के साथ काम करेंगी। सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में कार्यरत पूनम मरीजों की देखभाल के दौरान कोरोना की चपेट में आ गई थीं। और पढ़ें...
उत्तराखंड
सेना में भर्ती हुए बेटे ने भेजी पहली सैलरी, मां ने जरूरतमंदों के लिए दे दी
बेटा सेना में भर्ती हुआ। ट्रेनिंग पूरी हुई तो उसने अपनी पहली सैलरी मां को भेजी। मां ने मिसाल पेश करते हुए बेटे की पहली सैलरी जरूरतमंदों के लिए दे दी। श्रीनगर के श्रीकोट गंगानाली निवासी अमन गैरोला एनडीए के जरिए भारतीय सेना की इंजीनियरिंग कोर में भर्ती हुए। प्रशिक्षण के बाद उनको सैलरी मिली तो अपनी पहली सैलरी मां को भेज दी। और पढ़ें...
कोरोना से फाइट में एक साथ कई भूमिका निभा रहीं प्रशासन की महिला योद्धा
कोरोना से युद्ध में प्रशासन की महिला योद्धाएं एक साथ कई भूमिकाएं निभा रही हैं। इन महिला अधिकारियों को मूल काम के साथ-साथ कोरोना फाइट में भी अहम जिम्मेदारियां मिली हुई हैं। इसके साथ ही घर की जिम्मेदारियों का भी निर्वहन वे दिन भर के इस युद्ध रूपी काम के बाद कर रही हैं। जिले में इस वक्त सीडीओ, सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, जिला उद्यान अधिकारी और जिला आपदा अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिलाओं ने ही कमान संभाली हुई है। और पढ़ें...
हिमाचल
बर्फ में पैदल घर-द्वार पहुंच पेंशन बांट रहे डाक कर्मी, केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर सराहा काम
लॉकडाउन और बर्फबारी के बीच भी जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में डाक कर्मी पैदल घर-द्वार पहुंचकर सामाजिक सुरक्षा पेंशन बांट रहे हैं। बर्फबारी और कड़ाके की ठंड की चुनौती के बावजूद डाक कर्मी सेवाएं दे रहे हैं। घाटी में कई ऐसे इलाके भी हैं, जहां अभी भी एक से दो फीट तक बर्फ जमी हुई है। डाक कर्मी पैदल ही दुर्गम गांवों में पहुंच कर आधार भुगतान प्रणाली के तहत लोगों के घर पहुंच कर सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान कर रहे हैं। और पढ़ें...
हिमाचल : फर्ज निभाने के लिए युवा चिकित्सक ने टाल दी शादी
आपदा की इस घड़ी में हमीरपुर के डेरा परोल गांव निवासी डॉ. विकास सिंह ने फर्ज के लिए अपनी शादी स्थगित कर दी। युवा डॉक्टर की शादी पांच मई को प्रस्तावित थी। निजी खुशियों से बढ़कर इस आपदा की घड़ी में ड्यूटी को आगे रखा और कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार में डट गए। राधाकृष्ण चैरिटेबल अस्पताल भोटा में दाखिल कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार करने गई मेडिकल कॉलेज हमीरपुर की पहली टीम में शामिल रहे डॉ विकास ने आठ मई को अपनी क्वारंटीन अवधि पूरी की है। और पढ़ें...
जम्मू
कोरोना से लड़ने के लिए कारोबारी ने दिखाई दरियादिली, सौंप दी आलीशान होटल की चाबी, देखें तस्वीरें
कोरोना वायरस से लड़ने में देश का हर इंसान अपनी-अपनी तरफ से भरकस प्रयास कर रहा है। केंद्र सरकार व राज्य सरकारें कोरोना को मात देने में जुटी हुई हैं। इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर प्रशासन भी मुस्तैदी के साथ कोरोना वायरस को फैलने से रोकने में जुटा हुआ है। हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इलाकों को सैनिटाइज करने से लेकर लोगों को जागरूक करने का बीड़ा प्रशासन ने उठा रखा है। वहीं कश्मीर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसकी जितनी भी सराहना की जाए कम है। और पढ़ें...
कोरोना ऐसे लड़ रहे लोगः बिना हाथ धोए गांव में प्रवेश नहीं, बच्चे की दी हुई रकम दुनिया के लिए नजीर
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लद्दाख के कारगिल जिले के लातू गांव के लोगों ने नई पहल की है। ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश द्वार पर नोटिस चिपका दिए हैं कि कोई भी बिना हाथ धोए गांव में प्रवेश न करे। इस पहल की प्रशासन ने भी सराहना की है। कारगिल टाउन से करीब 25 किलोमीटर दूर एलओसी के करीब बसे लातू गांव में करीब 45 घर हैं। और पढ़ें...