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दिल्ली: झूठा हलफनामा देने के आरोप में सीबीआई के छह अधिकारियों पर केस का निर्देश, होगी आपराधिक कार्रवाई
Thu, 08 Oct 2026 03:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 08 Oct 2026 03:34 AM IST
सार
इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के पूर्व अफसर को आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती देते समय कोर्ट मेंे सरकार से हुए पत्राचार के बारे में झूठा बयान दिया था।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने झूठा हलफनामा देने के आरोप में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के छह अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक मामले में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के पूर्व अफसर को आरोपमुक्त किए जाने को चुनौती देते समय कोर्ट मेंे सरकार से हुए पत्राचार के बारे में झूठा बयान दिया था।
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जस्टिस मधु जैन ने कहा, जांच एजेंसियों की ओर से दी गई जानकारी अदालतों के भरोसा करने लायक होनी चाहिए। जान-बूझकर गलत सूचना देना न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता पर असर डालता है। जस्टिस जैन ने ट्रायल कोर्ट का आदेश रद्द कर आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल की याचिका को मंजूरी दी और सीबीआई के विशेष जज को निर्देश दिया कि सीबीआई अधिकारियों सुशील दीवान, विनीत विनायक, अमित कुमार, रमन त्यागी, प्रेम कुमार गौतम और मो. आजाद के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करें। फैसले की कॉपी मिलने के चार हफ्ते के अंदर इसे संबंधित अधिकार क्षेत्र वाले मजिस्ट्रेट को भेजें।
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आय से अधिक संपत्ति का था मामला
यह मामला आईआरएस अफसर अशोक अग्रवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोपों की सीबीआई जांच से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने केस चलाने की मंजूरी नहीं दी, जिसके बाद उन्हें बरी कर दिया गया। एजेंसी ने इसे शीर्ष कोर्ट में चुनौती देने पर विचार किया। हालांकि सरकार ने माना कि मामला आगे बढ़ाने का कोई ठोस आधार नहीं था।
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