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अपराजिता: कोरोना से जंग में दूसरों की सेहत के लिए जुटीं आगरा की 'अष्ट-शक्ति', बिना दिन-रात देखे कर रहीं काम
Thu, 02 Apr 2020 10:43 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 02 Apr 2020 10:43 AM IST
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Corona Warriors
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा में कोरोना वायरस से मुकाबले के लिए महिला चिकित्सक के रूप में 'अष्ट शक्ति' जुटी हुई हैं। ये महिला चिकित्सक दूसरों की अच्छी सेहत के लिए बिना दिन-रात देखे काम कर रही हैं। उनका साथ देने के लिए स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लगे हुए हैं। सभी को भरोसा है कि इनकी शक्ति के आगे कोरोना वायरस भी मात खाएगा। जानिए कोरोना से जंग में कैसी है इन सेहत के प्रहरियों की दिनचर्या...
वरिष्ठ फिजीशियन डॉ अंजना पांडे
- फोटो : अमर उजाला
पति के भरोसे बच्चे, अस्पताल बना दूसरा घर: डॉ. अंजना पांडे
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) के मेडिसिन विभाग की वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अंजना पांडे कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में जुटी हुई हैं। इनका कहना है कि बीते डेढ़ महीने में कार्य दुगना हो गया है। घर पहुंचने के बाद फोन आने पर रात में ही अस्पताल आना पड़ता है। हालत यह है कि अस्पताल दूसरा घर बन गया है। पति चिकित्सक हैं, वो समझते हैं, लेकिन बच्चे छोटे हैं और वो मिस करते हैं। उनको जैसे-तैसे घर छोड़कर आती हैं। परिवार के साथ मरीजों की भी चिंता लगी रहती है।
सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएन मेडिकल कॉलेज) के मेडिसिन विभाग की वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अंजना पांडे कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज में जुटी हुई हैं। इनका कहना है कि बीते डेढ़ महीने में कार्य दुगना हो गया है। घर पहुंचने के बाद फोन आने पर रात में ही अस्पताल आना पड़ता है। हालत यह है कि अस्पताल दूसरा घर बन गया है। पति चिकित्सक हैं, वो समझते हैं, लेकिन बच्चे छोटे हैं और वो मिस करते हैं। उनको जैसे-तैसे घर छोड़कर आती हैं। परिवार के साथ मरीजों की भी चिंता लगी रहती है।
डॉ. स्निग्धा सेन
- फोटो : अमर उजाला
मरीजों की देखरेख में बीतता दिन, घर कब पहुंचेंगे पता नहीं: डॉ. स्निग्धा सेन
एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की वरिष्ठ डॉ. स्निग्धा सेन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज और संदिग्धों की देखरेख के साथ चिकित्सकीय इंतजाम देख रही हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के मरीज और संदिग्धों के इलाज, चिकित्सीय उपकरण, दवा मिली या नहीं, स्टॉक में मास्क, सैनिटाइजर और पीपीई किट समेत तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना होता है। सभी बिंदुओं की रिपोर्ट जांचने और दुरुस्त कराने के बाद ही घर जाना
होता है। पति एयरफोर्स में हैं, बच्चे मिस करते हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की वरिष्ठ डॉ. स्निग्धा सेन आइसोलेशन वार्ड में भर्ती मरीज और संदिग्धों की देखरेख के साथ चिकित्सकीय इंतजाम देख रही हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस के मरीज और संदिग्धों के इलाज, चिकित्सीय उपकरण, दवा मिली या नहीं, स्टॉक में मास्क, सैनिटाइजर और पीपीई किट समेत तमाम व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखना होता है। सभी बिंदुओं की रिपोर्ट जांचने और दुरुस्त कराने के बाद ही घर जाना
होता है। पति एयरफोर्स में हैं, बच्चे मिस करते हैं।
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स्टाफ नर्स नीलोफर
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना के मरीजों की ज्यादा मन से कर रहीं सेवा: निलोफर
एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशलन वार्ड में सेवा दे रहीं स्टाफ नर्स निलोफर बताती हैं कि अभी तक सामान्य मरीजों की सेवा में ही ड्यूटी थी। अब पहली बार कोरोना वायरस के मरीजों की देखरेख कर रही हूं। वायरस से डर लगता है, लेकिन पीपीई किट पहनकर उनकी सेवा मन से कर रही हैं। दवा से लेकर ब्लडप्रेशर जांच समेत अन्य कार्य करने होते हैं। परिजन चिंतित होते हैं, लेकिन कोरोना वायरस जैसी महामारी को देखकर अपना ख्याल रखने की कहते हुए बेहतर करने को प्रेरित करते हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशलन वार्ड में सेवा दे रहीं स्टाफ नर्स निलोफर बताती हैं कि अभी तक सामान्य मरीजों की सेवा में ही ड्यूटी थी। अब पहली बार कोरोना वायरस के मरीजों की देखरेख कर रही हूं। वायरस से डर लगता है, लेकिन पीपीई किट पहनकर उनकी सेवा मन से कर रही हैं। दवा से लेकर ब्लडप्रेशर जांच समेत अन्य कार्य करने होते हैं। परिजन चिंतित होते हैं, लेकिन कोरोना वायरस जैसी महामारी को देखकर अपना ख्याल रखने की कहते हुए बेहतर करने को प्रेरित करते हैं।
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सुपरवाइजर पुष्पा देवी
- फोटो : अमर उजाला
12-14 घंटे तक भागदौड़, मरीजों के आभार से मिट जाती थकान: पुष्पा देवी
एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड और इमरजेंसी सेवा में लगी सुपरवाइजर पुष्पा देवी का काम वार्ड और इमरजेंसी में चिकित्सकीय सुविधाओं को दुरुस्त करना रहता है। उन्होंने बताया कि वार्ड की बेहतर सफाई हुई या नहीं, ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचे या नहीं। किसी मरीज को चादर या फिर खाने की सामान मिला या नहीं, इन तमाम कामों के लिए पूरे दिन भागदौड़ करती हैं। कोरोना के चलते 12-14 घंटे कार्य करना पड़ रहा है, लेकिन जब मरीज धन्यवाद कहता है तो पूरी थकान मिट जाती है।
एसएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड और इमरजेंसी सेवा में लगी सुपरवाइजर पुष्पा देवी का काम वार्ड और इमरजेंसी में चिकित्सकीय सुविधाओं को दुरुस्त करना रहता है। उन्होंने बताया कि वार्ड की बेहतर सफाई हुई या नहीं, ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचे या नहीं। किसी मरीज को चादर या फिर खाने की सामान मिला या नहीं, इन तमाम कामों के लिए पूरे दिन भागदौड़ करती हैं। कोरोना के चलते 12-14 घंटे कार्य करना पड़ रहा है, लेकिन जब मरीज धन्यवाद कहता है तो पूरी थकान मिट जाती है।