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फर्जीवाड़ा: पूर्व मंत्री की फर्जी ई-मेल बना डीजीपी से की ट्रांसफर की सिफारिश, जांच में सामने आ गई धोखाधड़ी
Tue, 21 Sep 2021 01:42 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा)
Published by: Trainee Trainee
Updated Tue, 21 Sep 2021 01:42 PM IST
सार
इस संबंध में आर्य नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। फर्जी ईमेल बीजेपीनमो: संघ के नाम से भेजी गई है। एक पत्र भी अटैच किया गया है। जिसमें लिखा हुआ है कि कलानौर थाने में तैनात सिपाही प्रीतम का ट्रांसफर फिरोजपुर झिरका किया जाए। आर्य नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।
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धोखाधड़ी।
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
सीएम मनोहर लाल के करीबी और प्रदेश के पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर की फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर एक सिपाही के तबादले की सिफारिश करने का मामला सामने आया है। डीजीपी के नाम पुलिस मुख्यालय जो सिफारिश की गई है, उसमें सिपाही का तबादला कलानौर थाने से फिरोजपुर झिरका करने की बात कही गई है। मुख्यालय के निर्देश पर जब डीएसपी ने पूरे मामले की जांच की तो फर्जीवाड़ा सामने आया। इस संबंध में आर्य नगर थाने में आईटी एक्ट व धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
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आर्य नगर थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार डीजीपी कार्यालय को बीजेपीनमो: संघ के नाम से 3 अगस्त को एक ई-मेल मिली थी। ई-मेल में एक पत्र भी अटैच किया गया था। जिसमें लिखा हुआ है कि कलानौर थाने में तैनात सिपाही प्रीतम का ट्रांसफर फिरोजपुर झिरका किया जाए।
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जब इस संबंध में पूर्व मंत्री के कार्यालय में बात की गई तो पता चला कि मनीष ग्रोवर इस तरह की कोई ई-मेल इस्तेमाल नहीं करते। मामले की जांच के लिए एडीजीपी ने रोहतक पुलिस को निर्देश दिए थे। डीएसपी मुख्यालय ने मामले की जांच की तो सच्चाई सामने आ गई। जांच के बाद आईटी एक्ट व धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया गया है। आर्य नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं।
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