टीकमगढ़ के पलेरा थाना क्षेत्र के काशीपुरा गांव में सोमवार को मुक्तिधाम की जमीन को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। गांव के लोग 90 वर्षीय बुजुर्ग महिला लाड़ कुआंर अहिरवार के अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर मुक्तिधाम पहुंचे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति ने मुक्तिधाम की जमीन को अपनी निजी भूमि बताते हुए वहां अंतिम संस्कार करने से रोक दिया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई और मौके पर विरोध की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार, काशीपुरा निवासी लाड़ कुआंर अहिरवार का रविवार दोपहर करीब तीन बजे निधन हो गया था। सोमवार को परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए शव को गांव के मुक्तिधाम लेकर पहुंचे। यहां दूसरे पक्ष के लोगों ने यह कहते हुए अंतिम संस्कार रोक दिया कि जिस स्थान पर मुक्तिधाम बना हुआ है, वह उनकी निजी जमीन है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।
मामले की जानकारी मिलते ही पलेरा थाना प्रभारी प्रीति भार्गव और तहसीलदार पलक जैन पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से घटना की जानकारी ली और स्थिति को नियंत्रित किया। तनाव को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।
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ग्रामीणों का कहना है कि उक्त स्थान पर पिछले करीब 40 से 50 वर्षों से गांव के लोगों का अंतिम संस्कार किया जाता रहा है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से जमीन को निजी भूमि बताया जा रहा है। जमीन के स्वामित्व को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आने के बाद प्रशासन ने राजस्व अभिलेखों की जांच शुरू की है।
तहसीलदार पलक जैन ने मौके पर राजस्व रिकॉर्ड से संबंधित जानकारी जुटाई और दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट करने की बात कही। वहीं थाना प्रभारी प्रीति भार्गव ने बताया कि मौके पर विवाद को शांत करा दिया गया है और बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार करा दिया गया। जमीन के संबंध में राजस्व रिकॉर्ड की जांच के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल गांव में स्थिति शांत है।